नवादा के छोटे से गांव से संयुक्त राष्ट्र तक! आनंद प्रिया देव की पुस्तक ‘फॉलो योर हार्ट’ ने दुनिया में बटोरी सुर्खियां

फ्रैंकफर्ट अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले से जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र परिसर तक पहुंची पुस्तक, छोटे शहरों के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें हकीकत में बदलने का दे रही संदेश
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार
नवादा। बिहार के नवादा जिले के एक छोटे से गांव सिकरिया से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की कहानी अब किताब के पन्नों में दर्ज हो गई है। आनंद प्रिया देव की पुस्तक ‘फॉलो योर हार्ट’ का विमोचन फ्रैंकफर्ट अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले और जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र परिसर में किया गया। यह उपलब्धि न केवल नवादा, बल्कि बिहार के लिए भी गौरव का विषय है। साहस, व्यक्तिगत निर्णयों और जीवन में सार्थक उद्देश्य की तलाश पर आधारित यह पुस्तक उन लोगों के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो छोटे शहरों में रहकर बड़े सपने देखते हैं।

11 अक्टूबर को फ्रैंकफर्ट में विमोचन, 13 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र परिसर में विशेष आयोजन
आनंद प्रिया देव की पुस्तक का विमोचन 11 अक्टूबर 2026 को फ्रैंकफर्ट अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में हुआ। इसके बाद 13 अक्टूबर को जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र परिसर में पुस्तक का विशेष विमोचन किया गया। वहीं, 16 अक्टूबर को वेनिस स्थित ग्लोबल कैंपस ऑफ ह्यूमन राइट्स में इस पुस्तक पर परिचर्चा आयोजित की जानी है। पुस्तक के माध्यम से देव ने व्यक्तिगत अनुभवों, साहसपूर्ण फैसलों और जीवन के उद्देश्य को लेकर अपने विचार सामने रखे हैं। उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि छोटे शहरों से आने वाले लोग भी अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़कर अपने समुदाय और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभा सकते हैं।

कॉरपोरेट दुनिया से वैश्विक विकास के क्षेत्र तक का सफर
नवादा के सिकरिया से आने वाले आनंद प्रिया देव की पहचान राजनेता, विकास विशेषज्ञ, सामाजिक उद्यमी और लेखक के रूप में है। विकास के क्षेत्र में कदम रखने से पहले उन्होंने करीब एक दशक तक एयरटेल और पेप्सिको जैसी कंपनियों में काम किया। उनके पास दो मास्टर डिग्रियां हैं। इनमें एक ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड से प्राप्त की गई है, जबकि दूसरी वेनिस स्थित यूरोपियन मास्टर्स इन ह्यूमन राइट्स एंड डेमोक्रेटाइजेशन कार्यक्रम से जुड़ी है।

उनकी पेशेवर यात्रा में जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय में इंटर्नशिप भी शामिल रही है। इसके अलावा उन्होंने मेडिक मोबाइल, ग्रामीण फाउंडेशन और कार्य जैसी संस्थाओं के साथ काम किया। अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया में काम करने के अनुभव तथा 70 से अधिक देशों की यात्राओं ने उन्हें वैश्विक विकास की चुनौतियों को करीब से समझने का अवसर दिया। वर्ष 2024 में संयुक्त राष्ट्र सामाजिक मंच में पैनलिस्ट के रूप में आमंत्रित होना भी उनकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।

वैश्विक पहचान के बीच गांव से नहीं टूटा नाता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने के बावजूद आनंद प्रिया देव का अपने गृह क्षेत्र नवादा से जुड़ाव बना हुआ है। वर्ष 2022 में उन्होंने सिकरिया में आनंदा फाउंडेशन की स्थापना की। यह संस्था महिलाओं के सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

उनकी पुस्तक ‘फॉलो योर हार्ट’ की खासियत यही है कि यह बड़े सपनों को केवल कल्पना तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सार्थक कार्यों में बदलने की प्रेरणा देती है। सिकरिया से अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंची उनकी यात्रा नवादा के युवाओं के लिए भी एक उदाहरण है कि अपनी जड़ों से जुड़े रहकर वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है।

