नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने देशभक्ति गीतों पर बिखेरा जलवा, कजरी की फुहार से लेकर भक्ति और नृत्य तक दिखी भारतीय संस्कृति की झलक
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। स्वतंत्रता दिवस, पावन श्रावण मास एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल, हिसुआ का बहुउद्देशीय सभागार उस वक्त देशभक्ति, भारतीय संस्कृति और भक्ति के रंगों से सराबोर हो उठा, जब विद्यालय के नन्हे-मुन्ने से लेकर किशोर विद्यार्थियों तक ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गीत, संगीत, नृत्य और लोक-संस्कृति के शानदार संगम ने पूरे माहौल को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मॉडर्न शैक्षणिक समूह के निदेशक डॉ. अनुज सिंह, विद्यालय के प्राचार्य योग लाल चौधरी, शिक्षक प्रवीण कुमार पंकज एवं एस.के. रंजन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। प्राचार्य ने निदेशक डॉ. अनुज सिंह का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत मंत्रोच्चारण से हुई।

उद्घाटन अवसर पर निदेशक डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियां बच्चों की प्रतिभा को निखारने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लगातार अध्ययन से उत्पन्न एकरसता को दूर कर ऐसी गतिविधियां बच्चों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करती हैं। उन्होंने कहा कि मॉडर्न शैक्षणिक समूह शिक्षा के साथ-साथ खेल, संगीत, नृत्य एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रोत्साहित करता है।

नन्हे कलाकारों ने जगाया देशभक्ति का जज्बा
प्रथम सत्र में सुमन, निशा, वर्णिका, प्राची एवं तेजस्वी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद नर्सरी एवं यूकेजी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। ‘नन्हा मुन्ना राही हूँ’, ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ और ‘हम भारत के उजाला हैं’ जैसी प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। वहीं ‘देश रंगीला-रंगीला’ पर बच्चों की शानदार प्रस्तुति ने माहौल में और जोश भर दिया। प्रथम सत्र में तनु, नंदिता, हिमांशु, अनुभव, श्वेता एवं साक्षी की उद्घोषणा भी सराहनीय रही।

सावन की फुहार और कजरी की मिठास ने जीता दिल
द्वितीय सत्र में वर्ग पंचम से सप्तम तक के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। सावन के पारंपरिक कजरी गीत ‘हरे रामा, रिमझिम बरसे बदरिया’ की प्रस्तुति अनुष्का, सुमन एवं आम्या ने दी। गीत-संगीत और नृत्य की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों में सावन की रिमझिम फुहार और बिहार की लोक-संस्कृति की खूबसूरत झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों पर अभिभावकों ने जमकर तालियां बजाईं।

भक्ति, संगीत और नृत्य ने बांधा समां
तृतीय सत्र में वर्ग अष्टम से दशम तक के छात्र-छात्राओं ने मंच संभाला। आदर्श एवं अतुल ने स्वयं हारमोनियम एवं तबला वादन करते हुए राम-हनुमान भक्ति गीत प्रस्तुत किया, जिसने कार्यक्रम में आध्यात्मिक रंग भर दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न गीतों एवं नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को खूब प्रभावित किया। अनुपम, तनु तथा तनु एवं स्नेहा की जोड़ी की नृत्य प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। उनकी प्रस्तुति के बाद पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों, तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साहपूर्ण आवाजों से सभागार जीवंत बना रहा। अंजलि, नन्ही, ज्योति, मानसी, श्रेया, स्नेहा, आलोक, आरव, शेखर, शिवम, प्रियांशी, शैल्या, विराट एवं आदित्य सहित अन्य विद्यार्थियों की उद्घोषणा भी प्रशंसनीय रही।

शिक्षकों के मार्गदर्शन में निखरी बच्चों की प्रतिभा
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संगीत शिक्षक पवन कुमार सिन्हा एवं अनिल कुमार विश्वकर्मा तथा नृत्य शिक्षक पुरुषोत्तम कुमार के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रस्तुतियां दीं। शिक्षकेत्तर कर्मचारी राजेश कुमार एवं नम्रता कुमारी ने भी आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल हिसुआ का यह आयोजन महज सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशप्रेम, भारतीय लोक-संस्कृति, भक्ति, भाईचारे और बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा का ऐसा खूबसूरत संगम बन गया, जिसे लंबे समय तक अभिभावक और विद्यार्थी याद रखेंगे।













