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एनएच-20 पर फिर बिछी मौत की कहानी: सिपाही बनने निकले 4 युवकों को रौंद गई तेज रफ्तार, एक की मौके पर मौत

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दौड़ की तैयारी कर रहे युवकों पर काल बनकर टूटा अज्ञात वाहन; 3 गंभीर घायल, एक पटना रेफर—गुस्साए ग्रामीणों ने एनएच-20 किया जाम

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार 

नवादा जिले में सड़कों पर तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की वाहन जांच व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार को अकबरपुर थाना क्षेत्र के रजौली-बख्तियारपुर एनएच-20 पर शेखपुरा मोड़ के समीप तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सिपाही भर्ती की तैयारी कर रहे चार युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और तीनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल शिवम कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया। वहीं प्रिंस कुमार और राजा कुमार का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। बताया जाता है कि शिवम और प्रिंस सगे भाई हैं।

सिपाही बनने का सपना, सड़क हादसे ने छीन ली जिंदगी

जानकारी के अनुसार अकबरपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी राजेन्द्र सिंह का पुत्र गौरव कुमार अपने तीन साथियों के साथ हुड़राही खेल मैदान में दौड़ने गया था। सभी युवक सिपाही भर्ती की तैयारी कर रहे थे। अभ्यास के बाद चारों युवक वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान शेखपुरा गांव के समीप तेज रफ्तार में आ रहे अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि गौरव कुमार ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं नवीन सिंह के पुत्र शिवम कुमार, राजा कुमार और उदय सिंह के पुत्र प्रिंस कुमार गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।

हादसे के बाद वाहन लेकर फरार हुआ चालक

घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी थानाध्यक्ष अलका कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करने के बाद मृतक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस अब वाहन और उसके चालक की पहचान में जुटी है। प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि वाहन की पहचान कर चालक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सिपाही बनने की तैयारी कर रहा था गौरव, घर पहुंची मौत की खबर

गौरव की मौत की खबर जैसे ही उसके परिजनों तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं हादसे से स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश है। आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच-20 को जाम कर दिया और हादसे के जिम्मेदार वाहन एवं चालक की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

समाहरणालय के पास जांच के नाम पर होती है खानापूर्ति, एनएच-20 पर सवाल

लगातार हो रहे सड़क हादसों के बीच यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वाहन जांच अभियान समाहरणालय के पास तक सीमित दिखाई देता है, जबकि एनएच-20 जैसे व्यस्त मार्ग पर तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। मंगलवार का हादसा एक बार फिर इस सवाल को सामने खड़ा कर गया है कि आखिर तेज रफ्तार पर लगाम कब लगेगी और एनएच-20 पर मौत का यह सिलसिला कब थमेगा?

ननिहाल जाने को निकला युवक, चातर हॉल्ट के पास मिला शव… आखिर किसने रची मौत की साजिश?

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28 वर्षीय नन्दू कुमार की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका, पुलिस की जांच में खुलेगा मौत का राज

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। नरहट थाना क्षेत्र के चातर हॉल्ट के समीप शनिवार को एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान रजौली थाना क्षेत्र के करमा केंदुआ गांव निवासी राजेन्द्र यादव के 28 वर्षीय पुत्र नन्दू कुमार के रूप में हुई है।

बताया गया कि नन्दू अपने गांव से ननिहाल हासापुर जा रहा था। इसी दौरान चातर हॉल्ट के समीप उसका शव बरामद हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और परिजनों में कोहराम मच गया।

मृतक के मामा विक्कू यादव ने आशंका जताई कि नन्दू की हत्या कर शव को चातर हॉल्ट के समीप लाकर फेंका गया है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।

घटना की सूचना मिलते ही नरहट थानाध्यक्ष गौतम कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

नन्दू अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस अनुसंधान के बाद ही युवक की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झोलाछाप डॉक्टर का ‘नशा मुक्ति’ इलाज बना मौत का कारण? 17 साल के युवक की जान गई, क्लिनिक बंद कर फरार

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हिसुआ में 40 हजार लेकर कराया भर्ती, बिगड़ती रही हालत… मौत के बाद पुलिस पहुंची तो गायब मिला कथित डॉक्टर; चार दिन पहले गोविंदपुर में भी उठे थे इलाज पर सवाल

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। जिले में कथित झोलाछाप डॉक्टरों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। गोविंदपुर में बुखार के इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद अब हिसुआ में नशे की लत छुड़ाने के नाम पर कथित इलाज के दौरान 17 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर क्लिनिक बंद कर फरार हो गया। पुलिस अब मौत की असली वजह और इलाज की पूरी प्रक्रिया की जांच में जुटी है। मृतक की पहचान नालंदा जिले के निश्चलगंज गांव निवासी दिनेश पांडेय के 17 वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। वर्तमान में वह राजगीर के तुलसी गली में रह रहा था।

परिजनों के अनुसार प्रिंस नशे की लत से परेशान था। परिवार उसे नशे की आदत से बाहर निकालना चाहता था। इसी दौरान कथित दलाल के माध्यम से हिसुआ स्थित नौशाद आलम की क्लिनिक की जानकारी मिली। परिवार का दावा है कि वहां नशा मुक्ति का इलाज कराने की बात कही गई थी। परिजनों के मुताबिक इलाज के नाम पर 50 हजार रुपये मांगे गए और करीब 40 हजार रुपये अग्रिम देकर प्रिंस को क्लिनिक में भर्ती कराया गया। आरोप है कि भर्ती रहने के दौरान तीन दिनों तक प्रिंस को सांस लेने में परेशानी होती रही, लेकिन परिजनों को उसके ठीक होने का भरोसा दिया जाता रहा।

शुक्रवार की रात अचानक उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार कथित डॉक्टर ने ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद प्रिंस को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलने पर हिसुआ थाना पुलिस कथित क्लिनिक पहुंची, लेकिन तब तक क्लिनिक बंद था और आरोपी डॉक्टर मौके से फरार हो चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह सामने आने में मदद मिलेगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित व्यक्ति के पास इलाज करने की वैध योग्यता और जरूरी अनुमति थी या नहीं।

चार दिन पहले गोविंदपुर में भी उठे थे सवाल

हिसुआ की इस घटना से महज चार दिन पहले गोविंदपुर थाना क्षेत्र में भी एक कथित झोलाछाप डॉक्टर पर बुखार के इलाज के दौरान युवक की मौत का आरोप लगा था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने जिले में कथित नीम-हकीमों और निजी क्लिनिकों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि हिसुआ मामले में डॉक्टर पर लगाए गए इलाज में लापरवाही और पैसे लेने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रिंस की हालत आखिर तीन दिनों में क्यों बिगड़ती रही, समय रहते उचित इलाज क्यों नहीं मिला और पुलिस के पहुंचने से पहले क्लिनिक बंद कर कथित डॉक्टर क्यों फरार हो गया? इन सवालों का जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से मिलने की उम्मीद है।

वृद्धाश्रम में अचानक पहुंचीं इनर व्हील की महिलाएं, फिर जो हुआ उसने बुजुर्गों के चेहरे पर ला दी मुस्कान!

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विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस पर वृद्धाश्रम पहुंचीं क्लब की महिलाएं, मनोरंजन से लेकर धार्मिक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों तक का रखा ख्याल—बुजुर्ग बोले, “अब यहां मन लगा रहेगा”

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस पर इनर व्हील क्लब नवादा की महिलाओं ने संवेदनशीलता और इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। क्लब की सदस्याएं वृद्धाश्रम पहुंचीं और बुजुर्गों को जरूरत के साथ-साथ मनोरंजन और समय बिताने के लिए कई उपयोगी सामग्री भेंट की। क्लब की ओर से वृद्धाश्रम में टीवी, दो कैरम बोर्ड, दो लूडो, बॉल का पैकेट और एक फुटबॉल सहित खाद्य सामग्री में बिस्किट, हॉर्लिक्स, मिक्सचर और बेदाना दिया गया।

इस पहल का उद्देश्य सिर्फ सामान देना नहीं, बल्कि बुजुर्गों के जीवन में मनोरंजन, सक्रियता और अपनापन जोड़ना रहा। इनर व्हील क्लब की प्रेसिडेंट रेखा रानी ने कहा कि इस उम्र में बुजुर्गों का मन धार्मिक गतिविधियों की ओर अधिक जुड़ता है। टीवी के माध्यम से वे धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ समाचार देखकर आसपास और देश-दुनिया की गतिविधियों से भी जुड़े रह सकेंगे।

वहीं, खेल सामग्री देने का उद्देश्य उन्हें मनोरंजन के साथ सक्रिय बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि शरीर से अधिक जरूरी बुजुर्गों का मन मजबूत रहना है। कई बार अकेलापन और खालीपन उन्हें भीतर से कमजोर कर देता है। ऐसे में क्लब की कोशिश है कि उनका समय सकारात्मक गतिविधियों में बीते और उनके जीवन में खुशियों की छोटी-छोटी वजहें बनी रहें।

सामान पाकर वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। उन्होंने कहा कि अब इन चीजों के माध्यम से उनका मन लगा रहेगा। क्लब की महिलाओं की यह पहल उनके लिए सिर्फ सामान मिलने की खुशी नहीं, बल्कि यह एहसास भी थी कि समाज में आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो उन्हें अपना समझते हैं।

इस मौके पर प्रेसिडेंट रेखा रानी, सेक्रेटरी पुष्पा कुमारी, वाइस प्रेसिडेंट अंजना सिन्हा, आईएसओ मुस्कान कुमारी, आशा देवी, सावित्री बरनवाल, संध्या यशवाल, अदिति गोयल, रजनी कुमारी, अंजू चौधरी तथा बबिता जी सहित क्लब की कई महिलाएं मौजूद रहीं।

12 सितंबर को खुलेगा ई-चालान का ‘राहत द्वार’! 90 दिन पुराने चालान पर 50% की छूट… कहीं आपका भी तो नहीं?

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लोक अदालत में होगा लंबित ई-चालान का निपटारा, परिवहन विभाग की विशेष योजना में कई वाहन मालिकों को मिलेगी बड़ी राहत—लेकिन कुछ मामलों में लागू हैं खास शर्तें!

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। अगर आपका ट्रैफिक ई-चालान लंबे समय से लंबित है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा के तत्वावधान में 12 सितंबर 2026 को लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जहां सुलह योग्य मामलों के साथ परिवहन कार्यालय से संबंधित मामलों और लंबित यातायात ई-चालान का भी निर्धारित प्रावधानों के तहत निपटारा कराया जा सकेगा।

खास बात यह है कि 90 दिनों से अधिक समय से लंबित ई-चालान के निपटारे के लिए परिवहन विभाग, बिहार की एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026 के तहत विशेष राहत का प्रावधान किया गया है। कतिपय मामलों को छोड़कर निर्धारित चालान राशि का 50 प्रतिशत ही देय होगा।

हालांकि, अलग-अलग मामलों के लिए परिवहन विभाग ने न्यूनतम देय राशि भी निर्धारित की है। यह विशेष योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू है। ऐसे में जिन वाहन मालिकों का ई-चालान लंबे समय से भुगतान के इंतजार में है, उनके लिए 12 सितंबर की लोक अदालत निपटारे का महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है।

वाहन स्वामी लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने लंबित ई-चालान का निपटारा करा सकते हैं। योजना, पात्रता और न्यूनतम देय राशि से जुड़ी विस्तृत जानकारी जिला परिवहन कार्यालय, बुधौल, नवादा से प्राप्त की जा सकती है।

दोस्त को ससुराल पहुंचाया… फिर घर लौटते वक्त रास्ते में हुआ ऐसा हादसा कि परिवार में मच गया कोहराम

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तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर, इलाज के दौरान युवक ने तोड़ा दम; हादसे के बाद सड़क पर उतरे ग्रामीण, घंटों ठप रहा आवागमन

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। गुरुवार की सुबह एक युवक के लिए अपने दोस्त को ससुराल पहुंचाकर घर लौटना आखिरी सफर साबित हुआ। रोह थाना क्षेत्र के रोह महादलित टोला निवासी 20 वर्षीय बादल मांझी की बाइक को रूपौ थाना क्षेत्र के बुधौली मोड़ के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल बादल की इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जाता है कि बादल मांझी अपने दोस्त को बाइक से उसकी ससुराल पहुंचाने गया था। दोस्त को ससुराल पहुंचाने के बाद वह वापस अपने घर लौट रहा था।

इसी दौरान बुधौली मोड़ के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल बादल को इलाज के लिए रोह पीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने नवादा-रोह पथ को जाम कर दिया। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क जाम होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया।

ग्रामीणों की मांग थी कि हादसे के लिए जिम्मेदार अज्ञात वाहन की जल्द पहचान कर चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों ने तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की भी मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं।

सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान और पूरे मामले की जांच में जुटी है।

खाँसी की आवाज में छिपा बीमारी का राज! नवादा के 12वीं के छात्र ने AI से कर दिया ऐसा कमाल, जानकर रह जाएंगे हैरान

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सिर्फ स्मार्टफोन से खाँसी रिकॉर्ड करते ही AI बताएगा संभावित खतरे का संकेत, आनंद वर्मा के ‘KasaCheck AI’ का IIT पटना तक हुआ चयन

Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार 

नवादा। जिले के वारिसलीगंज प्रखंड के रहने वाले कक्षा 12वीं के छात्र आनंद वर्मा ने अपनी प्रतिभा और तकनीकी सोच से ऐसा AI आधारित हेल्थटेक प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो आने वाले समय में श्वसन स्वास्थ्य की प्रारंभिक स्क्रीनिंग के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकता है। गांधी इंटर स्कूल, नवादा में अध्ययनरत आनंद ने ‘KasaCheck AI’ नामक प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो खाँसी की आवाज का विश्लेषण कर फेफड़ों एवं श्वसन संबंधी बीमारियों के संभावित जोखिम का प्रारंभिक आकलन करने का प्रयास करता है। आनंद सर्राफा व्यवसायी विजय कुमार एवं बबीता देवी के पुत्र हैं। उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई सेंट टेरेसा इंग्लिश हाई स्कूल, वारिसलीगंज से पूरी की है। खास बात यह है कि उन्होंने AI और मशीन लर्निंग की शिक्षा किसी महंगे संस्थान से नहीं, बल्कि YouTube और अन्य निःशुल्क ऑनलाइन संसाधनों के माध्यम से स्वयं सीखकर हासिल की।

कक्षा 11 में शुरू हुआ सफर, महीनों की मेहनत से बना प्लेटफॉर्म

आनंद ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत कक्षा 11 के अंतिम महीनों में की थी। शुरुआत में इसका नाम ‘KasaHealth AI’ रखा गया था, जिसे बाद में इसके उद्देश्य को अधिक स्पष्ट करने के लिए ‘KasaCheck AI’ नाम दिया गया। लगातार रिसर्च, प्रयोग और सीखने की प्रक्रिया के बाद उन्होंने इसे एक कार्यशील AI प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया। ‘Kasa’ संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ खाँसी होता है। इसी से प्रेरित होकर प्लेटफॉर्म का नाम KasaCheck AI रखा गया।

स्मार्टफोन से खाँसी रिकॉर्ड करें, AI करेगा प्रारंभिक जोखिम का आकलन

KasaCheck AI में उपयोगकर्ता अपनी खाँसी की आवाज स्मार्टफोन के माध्यम से रिकॉर्ड करता है। इसके बाद AI उस ऑडियो का विश्लेषण कर कुछ ही सेकंड में संभावित जोखिम का प्रारंभिक आकलन करने का प्रयास करता है। यदि आवश्यकता महसूस होती है तो उपयोगकर्ता को चिकित्सकीय जाँच और डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि आनंद स्पष्ट करते हैं कि KasaCheck AI कोई चिकित्सीय निदान नहीं देता। इसका उद्देश्य बीमारी की पुष्टि करना नहीं, बल्कि संभावित जोखिम का शुरुआती संकेत देकर लोगों को समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेने के लिए प्रेरित करना है।

टीबी, अस्थमा और COPD जैसी बीमारियों के खिलाफ तकनीकी पहल

भारत में वायु प्रदूषण, तंबाकू सेवन, बायोमास ईंधन और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता के कारण श्वसन संबंधी बीमारियां बड़ी चुनौती हैं। कई बार शुरुआती लक्षणों की अनदेखी के कारण बीमारी की पहचान देर से होती है। आनंद का प्रयास इसी चुनौती के बीच तकनीक की मदद से प्रारंभिक स्क्रीनिंग को आसान और सुलभ बनाने की दिशा में है। खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में, जहां उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, ऐसी तकनीक भविष्य में उपयोगी हो सकती है।

150 से अधिक प्रारंभिक परीक्षण, बीटा टेस्ट में करीब 85% सटीकता

आनंद के अनुसार अब तक KasaCheck AI पर 150 से अधिक प्रारंभिक परीक्षण किए जा चुके हैं। पहले बीटा परीक्षण में करीब 85 प्रतिशत सटीकता प्राप्त होने का दावा किया गया है। परियोजना का चयन IIT पटना, CIMP और बिहार सरकार के Startup Accelerator Program में भी हुआ है। अब विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में इस तकनीक को और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

सिर्फ AI प्रोजेक्ट नहीं, दूसरे छात्रों को भी तकनीक से जोड़ रहे आनंद

KasaCheck AI से पहले आनंद NexStep और InsightEd जैसे कई AI आधारित प्रोजेक्ट भी तैयार कर चुके हैं। इतना ही नहीं, वे स्कूलों में हाई स्कूल के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क AI जागरूकता कक्षाएं भी आयोजित करते हैं, ताकि छोटे शहरों और कस्बों के छात्र भी आधुनिक तकनीक और AI की दुनिया से जुड़ सकें। आनंद की इस उपलब्धि के लिए उन्हें सर्टिफिकेट भी प्रदान किया गया है। सीमित संसाधनों के बीच खुद सीखकर तकनीक विकसित करने वाले आनंद वर्मा की कहानी नवादा के उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है, जो बड़े शहरों या महंगे संस्थानों के बिना भी अपने हुनर और मेहनत के दम पर नई पहचान बनाना चाहते हैं। एक छोटे शहर का छात्र, मुफ्त ऑनलाइन संसाधनों से सीखकर AI की दुनिया में कदम रखता है और स्वास्थ्य जैसी बड़ी समस्या के समाधान की दिशा में तकनीक तैयार करता है—आनंद वर्मा की यह पहल वाकई नवादा के लिए गर्व की बात है।

नवादा-जमुई पथ पर डाक बाबा के पास अचानक हुआ दर्दनाक हादसा, बाइक सवार की मौत… आखिर कैसे गई जान?

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घर से निकले थे गया यादव, लेकिन रास्ते में हो गया अनहोनी का शिकार; हादसे की वजह पर अब भी सस्पेंस, जांच में जुटी पुलिस

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा-जमुई पथ पर कादिरगंज थाना क्षेत्र स्थित डाक बाबा जमुआवा के समीप मंगलवार की सुबह सड़क हादसे में बाइक सवार 50 वर्षीय गया यादव की मौत हो गई। हादसे के घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। वहीं शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।

गया यादव वारिसलीगंज के सराय ठेरा निवासी लालो यादव के पुत्र थे और वर्तमान में नवादा शहर के राजेंद्र नगर में रह रहे थे। मंगलवार को वे बाइक से किसी काम के सिलसिले में निकले थे, लेकिन डाक बाबा जमुआवा के पास उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर हादसा हुआ कैसे? बाइक अनियंत्रित हुई थी या किसी अन्य वाहन की चपेट में आने से दुर्घटना हुई—फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस इसी बिंदु पर जांच कर रही है।

इधर, गया यादव की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के बाद इलाके में भी शोक का माहौल है। पुलिस की जांच के बाद ही दुर्घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

नवादा में दिल दहला देने वाली घटना: दो मासूम बच्चियों की मौत के बाद फंदे से लटका मिला मां का शव, जांच में जुटी पुलिस

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शहर के पार नवादा स्थित दर्जी मुहल्ले में एक ही परिवार की तीन मौतों से मचा कोहराम, पति विदेश में करता है काम, घटना के पीछे की वजह अब भी रहस्य

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा शहर के पार नवादा स्थित दर्जी मुहल्ले में सोमवार को एक ऐसी हृदय विदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों और उनकी मां की मौत की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई।

जानकारी के अनुसार, स्थानीय निवासी मो. ताहिर के घर की बहू निदा खातून की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। साथ ही उसकी करीब डेढ़ वर्ष और तीन वर्ष की दो मासूम बेटियों की भी जान चली गई। पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

बताया जा रहा है कि मृतक बच्चियों के पिता खाड़ी देश में इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं। घटना के वक्त घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई और परिवार में कोहराम मच गया।

आखिर क्या हुआ था घर के अंदर?

इस घटना ने सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां थीं, जिनके बीच एक परिवार की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं? घटना के पीछे घरेलू विवाद, मानसिक तनाव या कोई अन्य वजह थी—इसका जवाब फिलहाल सामने नहीं आया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच समेत अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद ही मौतों की वास्तविक परिस्थितियों और घटना के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल पुलिस हर संभावित पहलू की पड़ताल में जुटी है। वहीं, एक साथ तीन मौतों की खबर से दर्जी मुहल्ले में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बता दें कि घटना के कारणों और परिस्थितियों को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पायेगा।

“जहां कैदियों की होती है जिंदगी बंद, वहीं माताओं ने बो दिए 151 ‘उम्मीद के पेड़’… वजह जानकर दिल छू जाएगा!”

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इनर व्हील क्लब की सदस्यों ने पौधों की पूजा-अर्चना कर शुरू की अनोखी मुहिम, अब जेल परिसर में कैदियों के लिए उगेंगे फल और हरियाली

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा में कुछ माताओं ने ऐसा संकल्प लिया, जिसकी हरियाली आने वाले वर्षों तक दिखाई देगी। इनर व्हील क्लब नवादा की सदस्यों ने नवादा जेल परिसर में 151 फलदार पौधों का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल की। खास बात यह रही कि पौधारोपण से पहले पौधों की पूजा-अर्चना और आरती कर उनके बेहतर भविष्य की कामना की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत जेलर नीतीश कुमार द्वारा फीता काटकर की गई। इसके बाद क्लब की प्रेसिडेंट रेखा रानी के नेतृत्व में सदस्यों ने परिसर में फलदार पौधे लगाए। पौधों को सिर्फ लगाने तक सीमित नहीं रखने, बल्कि उन्हें बच्चों की तरह पालने और सिंचने का संकल्प भी लिया गया।

इस मौके पर प्रेसिडेंट रेखा रानी ने कहा कि पौधे धरती की जान हैं और पशु-पक्षी धरती की शान। पेड़-पौधे लगाने से पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, लोगों को शुद्ध हवा और ऑक्सीजन मिलेगी तथा प्रकृति का संतुलन बेहतर होगा। उन्होंने लोगों से ‘पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ और धरती को हरा-भरा बनाओ’ का संदेश दिया।

जेल में पौधारोपण के पीछे है खास मकसद

इनर व्हील क्लब की इस पहल का उद्देश्य सिर्फ जेल परिसर को हरा-भरा बनाना नहीं है। लगाए गए फलदार पौधों से आने वाले समय में जेल में रहने वाले कैदियों को भी फलों का लाभ मिल सकेगा। यानी आज लगाए गए पौधे भविष्य में यहां रहने वाले लोगों के लिए फल और छांव का सहारा बनेंगे।

क्लब की सदस्यों का मानना है कि पौधा लगाना केवल पर्यावरण बचाने का काम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की विरासत तैयार करना भी है। कार्यक्रम में प्रेसिडेंट रेखा रानी, सेक्रेटरी पुष्पा कुमारी, एडिटर जय लक्ष्मी सिन्हा, वाइस प्रेसिडेंट अंजना सिन्हा और आशा देवी सहित क्लब की सदस्य मौजूद रहीं।

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