शौच का बहाना… और देखते रह गई पुलिस! इलाज के दौरान कैदी वार्ड से हुआ फरार, पूरे जिले में हाई अलर्ट; लापरवाही की जांच शुरू
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। नवादा सदर अस्पताल से शुक्रवार की शाम एक कैदी के पुलिस अभिरक्षा से फरार होने की घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। इलाज के लिए मंडल कारा से सदर अस्पताल लाए गए कैदी ने शौच जाने का बहाना बनाया और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को चकमा देकर अस्पताल परिसर से फरार हो गया। घटना के बाद पूरे जिले में नाकेबंदी कर पुलिस फरार कैदी की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, धमौल थाना क्षेत्र के बाजार स्थित एक घर में चोरी के मामले में गिरफ्तार अलाउद्दीन के पुत्र असगर मल्लिक उर्फ दारा को न्यायालय के आदेश पर मंडल कारा भेजा गया था। जेल में उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था।

बताया जाता है कि शुक्रवार की शाम इलाज के दौरान उसने शौचालय जाने की बात कही। इसी दौरान वह वार्ड से बाहर निकला और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की नजर से बचते हुए अस्पताल से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर उमा शंकर सिंह पुलिस बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे और आसपास के इलाकों की ८8घेराबंदी कर फरार कैदी की तलाश शुरू कर दी। जिले के विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इलाज के दौरान कैदी को न तो हथकड़ी लगाई गई थी और न ही उसकी समुचित निगरानी की जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय इधर-उधर व्यस्त थे, जिसका फायदा उठाकर कैदी अस्पताल से निकलने में सफल हो गया।

इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल देखा गया। एक आपराधिक मामले में गिरफ्तार कैदी का पुलिस अभिरक्षा से फरार होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार कैदी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन कर जिलेभर में सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही घटना में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि नवादा सदर अस्पताल से कैदियों के फरार होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। लगातार दोहराई जा रही ऐसी घटनाएं पुलिस की अभिरक्षा व्यवस्था और अस्पताल की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही हैं।
















