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घर से निकली थी कलम लेने, अगली सुबह मिला मासूम का शव, पाकरीबरावां की घटना से दहला नवादा

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परिजनों ने गंभीर आशंका जताई, आक्रोशित ग्रामीणों ने नवादा-जमुई पथ किया जाम; एसपी ने घटनास्थल पहुंचकर जांच के दिए निर्देश, फॉरेंसिक व डॉग स्क्वॉड जुटा रहा साक्ष्य

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले के पकरीबरावां थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक आठ वर्षीय मासूम बच्ची का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल लखनपुरा गांव बल्कि पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है और मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। जानकारी अनुसार, पकरीबरावां थाना क्षेत्र के धेवधा कॉलेज के समीप लखनपुरा गांव निवासी अवधेश साव की आठ वर्षीय पुत्री अर्चना कुमारी, जो मध्य विद्यालय डोला में कक्षा तीन की छात्रा थी, सोमवार की शाम घर से गांव की एक दुकान पर कलम लेने गई थी। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार की सुबह घर से करीब 500 मीटर पश्चिम पइन (जलधारा) के समीप उसका शव बरामद हुआ।

शव मिलने की खबर फैलते ही गांव में मातम छा गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से आक्रोशित परिजनों, ग्रामीणों तथा सीपीआई कार्यकर्ताओं ने बच्ची के शव को पकरीबरावां-वारिसलीगंज मोड़ पर रख नवादा-जमुई मुख्य मार्ग को कई घंटों तक जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, नवादा भेज दिया। इस दौरान सड़क जाम को समाप्त कराने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान स्वयं घटनास्थल पहुंचे और पूरे मामले का जायजा लिया। उन्होंने पकरीबरावां एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी तथा स्थानीय थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए मामले के त्वरित एवं निष्पक्ष अनुसंधान का निर्देश दिया।

पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य संकलन शुरू कराया है। साथ ही अपराधियों तक पहुंचने के लिए डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली जा रही है। घटनास्थल से मिले सभी भौतिक साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। पकरीबरावां एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी ने बताया कि सुबह बच्ची का शव मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करना आवश्यक है। फिलहाल पूरे गांव में शोक, पीड़ा और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों की एक ही मांग है कि घटना का जल्द से जल्द खुलासा हो और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर सजा मिले।

शराबबंदी के बाद अब गांजे का महाखेल! नवादा बॉर्डर पर ₹3 करोड़ की खेप जब्त, तस्करों के बड़े नेटवर्क का खुलासा शुरू

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झारखंड से पटना जा रहा था 280 किलो गांजा, कंटेनर के गुप्त तहखाने से मिली खेप, पंजाब के दो तस्कर गिरफ्तार, अब पूरे सिंडिकेट पर उत्पाद विभाग की नजर

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद नशीले पदार्थों की तस्करी लगातार नए-नए तरीके से बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में बिहार-झारखंड सीमा पर नवादा जिले के रजौली स्थित चितरकोली समेकित जांच चौकी पर उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब ₹3 करोड़ मूल्य के 279.87 किलो गांजा के साथ पंजाब के दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजा मिनी कंटेनर ट्रक के भीतर बनाए गए गुप्त तहखाने में छिपाकर पटना भेजा जा रहा था। उत्पाद अधीक्षक गणेश चंद्रा के निर्देशन एवं इंस्पेक्टर अमृत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में मंगलवार को चलाए जा रहे विशेष वाहन जांच अभियान के दौरान पंजाब नंबर PB10FF8269 मिनी कंटेनर ट्रक को रोककर तलाशी ली गई। जांच में ट्रक के पिछले हिस्से में बने सीक्रेट चैंबर से 27 पैकेट बरामद हुए।

प्रत्येक पैकेट में करीब 10.5 किलो गांजा था। कुल 279.87 किलो गांजा जब्त किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹3 करोड़ आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद रहे। अभियान में एएसआई विश्वजीत कुमार सिंह, एएसआई पंकज कुमार तथा उत्पाद बल एवं गृहरक्षक जवानों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गिरफ्तार तस्करों की पहचान पंजाब के लुधियाना स्थित मोतीनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव निवासी राजेंद्र कुमार एवं अरविंद कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि गांजे की खेप झारखंड के हजारीबाग से लोड की गई थी और इसे पटना जीरो माइल में दूसरे तस्करों तक पहुंचाना था। उत्पाद अधीक्षक गणेश चंद्रा ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साथ ही पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए पूछताछ जारी है।

शराबबंदी के बाद ‘सूखे नशे’ की चुनौती

अधिकारियों का कहना है कि बिहार में शराबबंदी के बाद गांजा, अफीम और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के प्रयास बढ़े हैं। इसी वजह से चितरकोली समेकित जांच चौकी पर 24 घंटे सघन निगरानी रखी जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। उत्पाद विभाग ने साफ किया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा।

रजौली में 200 संदिग्ध लोगों की मौजूदगी का दावा, इलाके में मचा हड़कंप; पुलिस ने शुरू किया सत्यापन अभियान

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बिना दस्तावेज किराये पर रहने का आरोप, समाजसेवी ने जताई बांग्लादेशी घुसपैठ की आशंका; मुर्शिदाबाद, मालदा और आसनसोल से जुड़े मिले कई लोग

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र के सिमरकोल, घसियाडीह समेत कई मुहल्लों में करीब 200 संदिग्ध लोगों के रहने के दावे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय समाजसेवी वीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में लोग बिना वैध पहचान पत्र के किराये के मकानों में रह रहे हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इनके दस्तावेजों की गहन जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वीरेंद्र सिंह के अनुसार पिछले एक सप्ताह से कुछ लोग खराब मोबाइल के बदले बर्तन तथा महिलाओं के बाल लेकर अन्य सामान देने का काम कर रहे थे।

इसी गतिविधि पर संदेह होने के बाद उन्होंने स्थानीय स्तर पर सर्वे कराया। उनका दावा है कि सिमरकोल मोड़ के समीप 3-4 आवासीय परिसरों में करीब 100 लोग ऐसे मिले जिनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं था। वहीं घसियाडीह के कई नवनिर्मित मकानों में भी दर्जनों संदिग्ध लोग रह रहे हैं। पूछताछ में इन लोगों ने खुद को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, मालदा और आसनसोल का निवासी बताया। समाजसेवी का आरोप है कि कुछ मकान मालिक किराये के लालच में बिना पहचान पत्र का सत्यापन किए लोगों को कमरा दे देते हैं, जिससे आपराधिक गतिविधियों की आशंका बढ़ जाती है।

बांग्लादेशी घुसपैठ की आशंका, वोटर और राशन कार्ड की भी जांच की मांग

वीरेंद्र सिंह ने आशंका जताई कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कुछ बांग्लादेशी घुसपैठिए देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचे हो सकते हैं। उनका दावा है कि रजौली में भी ऐसे लोग रह रहे हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से केवल आधार कार्ड ही नहीं, बल्कि वोटर आईडी, राशन कार्ड समेत सभी दस्तावेजों का सत्यापन कराने की मांग की है।

पुलिस बोली— जांच जारी, सत्यापन के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

रजौली थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रंजीत कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद एसआई सचिन कुमार समेत पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। पुलिस इलाके में रह रहे लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला क्या है। फिलहाल, बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के रहने के दावों और पुलिस जांच शुरू होने से पूरे इलाके में चर्चा और चिंता का माहौल बना हुआ है।

नवादा शहर में सनसनी: सब्जी मंडी हनुमान मंदिर के बाहर मिली 12वीं की छात्रा की शव, पढ़ाई के लिए रोज आती थी शहर

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तबीयत बिगड़ने पर शनिवार की सुबह मंदिर गेट के पास बैठी थी छात्रा, पानी पीकर बैग को सिरहाना बनाकर सो गई; काफी देर बाद बेसुध मिलने पर अस्पताल ले गई पुलिस, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। नवादा शहर के सब्जी बाजार स्थित हनुमान मंदिर के बाहर शनिवार को एक 17 वर्षीय छात्रा का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा को तत्काल नवादा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुट गई और तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान प्रीति कुमारी (17 वर्ष), पिता विपिन यादव, निवासी विजय टांड़, थाना रोह, जिला नवादा के रूप में हुई है।

वह नवादा के कन्हाईलाल हाई स्कूल में 12वीं की छात्रा थी तथा शहर के यादव चौक स्थित सिल्वर कोचिंग में पढ़ाई करने के लिए प्रतिदिन नवादा आती थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार को छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद वह हनुमान मंदिर के मुख्य द्वार के पास बैठ गई। इसी दौरान उसे प्यास लगी तो उसने पास में मौजूद एक फल विक्रेता से पानी मांगा। पानी पीने के बाद उसने अपना किताबों से भरा बैग सिरहाने रखा और वहीं लेट गई। काफी देर तक जब वह नहीं उठी तो आसपास के लोगों को संदेह हुआ। पास जाकर देखने पर वह बेसुध पड़ी मिली, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल नगर थाना पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा को इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल ले गई। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि मृतक छात्रा नवादा शहर के एंबुलेंस चालक कालिका की भगिनी थी। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर शव को अपने कब्जे में लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

छात्र आंदोलन के बीच नवादा अलर्ट: डीएम रवि प्रकाश और एसपी अभिनव धीमान सड़क पर उतरे, फ्लैग मार्च के साथ कोचिंग संचालकों को भी दी बड़ी जिम्मेदारी

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दिल्ली-पटना की घटनाओं के बाद नवादा प्रशासन की दोहरी रणनीति—एक ओर सख्त सुरक्षा, दूसरी ओर छात्रों से शांति, संयम और पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील; अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर दिल्ली और पटना में छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के बाद नवादा जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुक्रवार को जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के नेतृत्व में शहर के संवेदनशील इलाकों में भव्य फ्लैग मार्च निकाला गया। इसके साथ ही समाहरणालय सभागार में शहर के सभी कोचिंग संस्थानों के संचालकों के साथ बैठक कर विद्यार्थियों को हिंसा और अफवाहों से दूर रखने की अपील की गई। फ्लैग मार्च समाहरणालय से शुरू होकर न्यायालय परिसर, नवीन नगर, प्रसाद बिगहा, पुरानी जेल रोड समेत कई प्रमुख मार्गों से गुजरा। मार्च का उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल कायम करना तथा यह संदेश देना था कि जिले में कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

डीएम रवि प्रकाश और एसपी अभिनव धीमान ने संयुक्त रूप से कहा कि जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को देने तथा सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, कोचिंग संस्थानों के संचालकों के साथ आयोजित बैठक में प्रशासन ने छात्रों को सही दिशा देने पर विशेष जोर दिया। संचालकों से कहा गया कि वे अपने संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को हिंसा, तोड़फोड़ और किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। साथ ही इस बात पर भी नजर रखें कि कोई असामाजिक तत्व छात्रों को बहकाने या उकसाने का प्रयास न कर सके।

बैठक में मौजूद सभी कोचिंग संचालकों ने जिला प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे विद्यार्थियों के बीच संयम, अनुशासन, शांति और कानून के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का हरसंभव प्रयास करेंगे तथा उन्हें पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करेंगे। फ्लैग मार्च और बैठक में सदर एसडीओ अमित अनुराग, डीएसपी मुख्यालय निषु मल्लिक, सदर एसडीपीओ-वन हुलास कुमार, यातायात डीएसपी अभिषेक कुमार, नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, सदर सर्किल इंस्पेक्टर पंकज कुमार झा, स्वाट टीम तथा पुलिस एवं प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने अंत में स्पष्ट संदेश दिया कि शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कानून हाथ में लेने, हिंसा फैलाने, सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने अथवा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नवादा में आसमान से बरसी मौत! ठनका गिरते ही पलभर में उजड़ गए चार घर, 10 वर्षीय मासूम समेत 4 की दर्दनाक मौत

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नारदीगंज के सांगोवर गांव में पहाड़ के पास पेड़ के नीचे खड़े थे सभी लोग, वज्रपात ने छीन ली चार जिंदगियां; दो महिलाएं गंभीर रूप से झुलसीं, गांव में पसरा मातम, पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रूपये मुआवजे की घोषणा

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले में शुक्रवार की दोपहर कुदरत का ऐसा कहर बरपा कि कुछ ही सेकेंड में चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं। नारदीगंज थाना क्षेत्र के सांगोवर गांव में पहाड़ के समीप एक पेड़ के नीचे खड़े लोगों पर अचानक ठनका (वज्रपात) गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में 10 वर्षीय मासूम समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार और मातम का माहौल है।

मृतकों की पहचान शंभु कुमार (44 वर्ष), सोनू कुमार (करीब 10 वर्ष), मदन राजवंशी (55 वर्ष) और मुनेश्वर राजवंशी (55 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं, शोभा देवी (40 वर्ष) और सुनीता देवी (40 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुई हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे सभी लोग गांव के पास पहाड़ के समीप एक पेड़ के नीचे मौजूद थे। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ और देखते ही देखते चार लोगों की जिंदगी खत्म हो गई। हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

सूचना मिलते ही नारदीगंज थानाध्यक्ष राजेश कुमार, अंचलाधिकारी रईस आलम समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। अंचलाधिकारी रईस आलम ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से मृतकों के आश्रितों को नियमानुसार चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थान, ऊंचे पेड़ों और पहाड़ी इलाकों के आसपास खड़ा होना कितना जानलेवा साबित हो सकता है। पूरे इलाके में इस दर्दनाक घटना को लेकर शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

मेंडल जयंती सप्ताह पर बौद्धिक महाकुंभ: मॉडर्न इंग्लिश स्कूल में तर्कों की जंग, छात्रों ने मनवाया प्रतिभा का लोहा 

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ग्रेगर जॉन मेंडल जयंती सप्ताह पर आयोजित प्रतियोगिता में जलवायु परिवर्तन, डिजिटल शिक्षा, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे समसामयिक मुद्दों पर छात्रों ने रखे तथ्यपूर्ण तर्क; डॉ. अनुज बोले— ऐसी प्रतियोगिताएँ गढ़ती हैं भविष्य के नेतृत्वकर्ता

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार 

नवादा। आधुनिक आनुवंशिकी (Genetics) के जनक महान वैज्ञानिक ग्रेगर जॉन मेंडल की जयंती सप्ताह के अवसर पर मॉडर्न इंग्लिश स्कूल, कुंती नगर, नवादा में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, तार्किक सोच और व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भव्य वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कक्षा छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए समसामयिक विषयों पर पक्ष एवं विपक्ष में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, विषय की गहरी समझ और बेहतरीन अभिव्यक्ति ने निर्णायकों के साथ उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया। प्रतियोगिता के तहत प्रत्येक वर्ग के लिए अलग-अलग समसामयिक विषय निर्धारित किए गए। कक्षा छठी के विद्यार्थियों ने “क्या जलवायु परिवर्तन विश्व के सामने सबसे गंभीर और तात्कालिक वैश्विक खतरा है?” विषय पर अपने विचार रखे।

इसमें सेजल, काव्या एवं आदर्श की टीम विजेता बनी, जबकि प्रणय, गार्गी एवं आराध्या की टीम उपविजेता रही। कक्षा सातवीं एवं आठवीं के लिए “क्या डिजिटल शिक्षा ने पारंपरिक शिक्षा का सफलतापूर्वक स्थान ले लिया है?” विषय पर रोचक बहस हुई। अदिति, दक्ष, आनंद एवं आण्वी अमृत की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अभिषेक, मानसी एवं आराध्या की टीम उपविजेता घोषित की गई। कक्षा नवमीं एवं दसवीं के विद्यार्थियों ने “क्या सोशल नेटवर्किंग युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभ से अधिक हानिकारक है?” विषय पर अपने सशक्त तर्क रखे।

इस वर्ग में मोनाली, नमन, साहिल एवं यति सिन्हा की टीम विजेता बनी, जबकि अंकुश, आरुषि, शौर्य एवं परिधि की टीम उपविजेता रही। वहीं, कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं के विद्यार्थियों ने “क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) मानव बुद्धिमत्ता का स्थान ले लेगी?” विषय पर गहन और तथ्यपरक बहस की। न्यासा एवं अनन्या की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि स्वास्तिक, ऋषभ एवं नभ की टीम उपविजेता बनी। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में वरिष्ठ विज्ञान शिक्षक मणिकांत मिश्रा, अखिलेश्वर सिंह एवं सत्या पांडेय शामिल रहे।

उन्होंने प्रतिभागियों का मूल्यांकन विषय-वस्तु, भाषा-शैली, प्रस्तुति कौशल, आत्मविश्वास और तार्किक क्षमता के आधार पर किया। विद्यालय के निदेशक डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आलोचनात्मक सोच, प्रभावी संचार कौशल और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि तार्किक सोच और आत्मविश्वासपूर्ण अभिव्यक्ति भी सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में विजेता एवं उपविजेता टीमों को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी गई। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सफल पहल बताया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी विज्ञान शिक्षकों की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही।

नवादा मंडल कारा में विचाराधीन कैदी की मौत का रहस्य! जेल प्रशासन बोले आत्महत्या, पिता ने कहा मेरे बेटे की कर दी गई हत्या सच क्या है जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

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20 वर्षीय विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, कक्षपाल निलंबित; ब्ब्ज्ट फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा मंडल कारा में बुधवार को एक 20 वर्षीय विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल प्रशासन जहां इसे आत्महत्या का मामला बता रहा है, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। घटना के बाद पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतक की पहचान मेसकौर थाना क्षेत्र के महाराजगंज गांव निवासी रघु चौहान के पुत्र घनश्याम कुमार उर्फ दुलारचंद (20 वर्ष) के रूप में हुई है। वह पॉक्सो एक्ट के एक मामले में विचाराधीन कैदी के रूप में मंडल कारा में बंद था। जेल अधीक्षक बृजेश सिंह मेहता के अनुसार घनश्याम ने सीढ़ी रूम की चाबी लेकर अपने गमछे से फांसी लगा ली। उसे पहले जेल अस्पताल और फिर गंभीर हालत में नवादा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर ड्यूटी पर तैनात कक्षपाल नीतीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

लेकिन इस आधिकारिक दावे पर मृतक के परिजन गंभीर सवाल उठा रहे हैं। मृतक के पिता रघु चौहान का आरोप है कि उनके बेटे ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि जेल के अंदर उसकी हत्या की गई है। उनका कहना है कि यदि जेल में हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो घटना की पूरी तस्वीर सामने क्यों नहीं लाई जा रही है। उन्होंने जेल अधीक्षक समेत जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि घटना के कई घंटे बाद तक कोई जिम्मेदार जेल अधिकारी सदर अस्पताल नहीं पहुंचा। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर, घटना की जांच के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है, हालांकि जांच पूरी होने तक अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि नवादा मंडल कारा पहले भी विवादों में रह चुकी है। नवंबर महीने में भी एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जबकि इसी वर्ष जुलाई में पुलिस अभिरक्षा में इलाज के दौरान एक कैदी सदर अस्पताल से फरार हो गया था। दोनों मामलों में भी जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कड़ी सुरक्षा वाले मंडल कारा के भीतर एक विचाराधीन कैदी आखिर फांसी तक कैसे पहुंच गया? क्या यह सुरक्षा में बड़ी चूक है, या फिर परिजनों के आरोपों में सच्चाई छिपी है? पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और मजिस्ट्रेट जांच के बाद ही इस रहस्यमयी मौत की असली तस्वीर सामने आ सकेगी, लेकिन फिलहाल नवादा मंडल कारा एक बार फिर सवालों के कटघरे में खड़ा है।

नवादा ने खो दिया अपना आध्यात्मिक स्तंभ: नहीं रहे शोभनाथ मंदिर के पूजारी, भाजपा नेता और जेपी आंदोलनकारी श्री पांडेय

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सुबह से अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब, जिलेभर में शोक की लहर; ब्राह्मण महासभा और अध्यात्म भारती परिषद ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, हर आंख हुई नम

Report by Nawada News Xpress/ नवदा / सूरज कुमार

नवादा की धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक पहचान से जुड़े एक युग का अंत हो गया। शोभनाथ मंदिर के प्रसिद्ध पूजारी, भाजपा के वरिष्ठ नेता और जेपी आंदोलन के सक्रिय सेनानी श्री पांडेय के आकस्मिक निधन से पूरे जिले में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है। उनके निधन की खबर फैलते ही सुबह से ही उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लग गया। हर वर्ग के लोग नम आंखों से अपने प्रिय “पंडित जी” को अंतिम विदाई देने पहुंचे। श्री पांडेय केवल एक पुजारी नहीं थे, बल्कि नवादा की धार्मिक आस्था, सामाजिक सेवा और जनसरोकारों का एक मजबूत स्तंभ थे। वर्षों तक उन्होंने शोभनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने रहे। धार्मिक कार्यों के साथ-साथ सामाजिक सेवा और जनहित के मुद्दों पर भी उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें जिलेभर में सम्मान दिलाया।

उनके पिता स्व. नंदकिशोर पांडेय नगर के कन्हाई इंटर विद्यालय में संस्कृत के शिक्षक रहे और संस्कृत के प्रकांड विद्वान के रूप में उनकी अलग पहचान थी। उसी संस्कार और विद्वता की विरासत को श्री पांडेय ने आगे बढ़ाया और अपने व्यक्तित्व से समाज में अमिट छाप छोड़ी। परिवार में उनके चार पुत्र और चार पुत्रियां हैं। इनमें एक पुत्र और एक पुत्री अभी अविवाहित हैं। उनके पुत्र प्रकाश पांडेय अब नगर के कई मंदिरों में दुर्गा पाठ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जिसे लंबे समय तक स्वयं श्री पांडेय निभाते रहे थे।

शोकसभा में उमड़ा समाज, दो मिनट का मौन रख दी गई श्रद्धांजलि

ब्राह्मण महासभा और अध्यात्म भारती परिषद ने संयुक्त रूप से उनके आवास पर शोकसभा का आयोजन किया। शोकसभा की अध्यक्षता श्याम सुंदर पांडेय ने की। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। इस अवसर पर अभिमन्यु कुमार पांडेय, पंडित मोहन पांडेय, संजय पांडेय, पंडित विद्याधर पांडेय, विनोद पांडेय, लक्ष्मण पांडेय, विनोदानंद झा, परमानंद पांडेय, कवि अशोक प्रियदर्शी, राजेंद्र पांडेय, विष्णुदेव जी, मनोज मिश्र, सूर्यकांत पांडेय, नरेश पांडेय, शैलेन्द्र पांडेय, श्रीकांत पांडेय, पुरुषोत्तम पांडेय, श्याम सुंदर जी, राकेश पांडेय, गौतम उपाध्याय, रविन्द्र पांडेय तथा शोभनाथ मंदिर के मंटू पांडेय सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

एक ऐसी शख्सियत, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस करेगा नवादा

श्री पांडेय का जीवन धर्म, सेवा, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण का पर्याय था। उनके निधन से न केवल शोभनाथ मंदिर, बल्कि पूरे नवादा जिले ने एक ऐसे मार्गदर्शक को खो दिया है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी। उनकी सादगी, विद्वता और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

शिक्षक बनने की पहली उड़ान: डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं का अभ्यास पाठ शुरू, विद्यालयों के लिए हुए रवाना

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मॉडर्न शैक्षणिक समूह से हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना, डॉ. शैलेश कुमार ने अनुशासन, नवाचार और उत्कृष्ट अध्यापन का दिया संदेश, बोले— विद्यालयी अनुभव ही शिक्षक की गढ़ता है असली पहचान

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। डी.एल.एड. सत्र 2025–27 के प्रथम वर्ष के प्रशिक्षुओं को अभ्यास पाठ (टीचिंग प्रैक्टिस) कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर विभिन्न विद्यालयों के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर आयोजित संक्षिप्त समारोह में प्रशिक्षुओं को प्रभावी एवं अनुशासित अध्यापन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव एवं एसोसिएशन ऑफ टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशंस, पटना (बिहार) के महासचिव डॉ. शैलेश कुमार ने कहा कि अभ्यास पाठ शिक्षक-प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इसके माध्यम से प्रशिक्षुओं को विद्यालयी वातावरण में शिक्षण-कौशल, कक्षा-प्रबंधन, विद्यार्थियों से संवाद तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से समयपालन, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट आचरण के साथ महाविद्यालय की गरिमा बनाए रखने की अपील की।

महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मनोज कुमार सिंह ने कहा कि अभ्यास पाठ भविष्य के कुशल, संवेदनशील और उत्तरदायी शिक्षक बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से विद्यालयों में सकारात्मक सोच, नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों तथा नैतिक मूल्यों के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक मुन्नी कुमारी, सलमा प्रवीण एवं रवि राय चन्द्र ने भी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

अभ्यास पाठ के लिए पूजा, कंचन, रम्भा, रिद्धि, नीलू, सुप्रिया, दीक्षा, सबा, बंटी, रूपा, वैष्णवी, सायका, संजना, सिंकू, बिन्दु, केशवा, तबस्सुम, निभा, कृतिका, निक्की, आकांक्षा, वीणा, सिम्पी, निशा, गुड़िया, सकीना, गिन्नी, रीना, गोल्डन, प्रीति, काजल, नेहा, रूही, पम्मी, बिरेन्द्र, दीपक तथा पिंटू सहित अन्य प्रशिक्षुओं को उनके निर्धारित विद्यालयों के लिए रवाना किया गया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने प्रशिक्षुओं को हरी झंडी दिखाकर उनके अभ्यास विद्यालयों के लिए रवाना किया। इस दौरान महाविद्यालय के शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं सभी प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

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