जमीन की नई दरों पर मुहर, छोटे प्लॉट की रजिस्ट्री से पहले होगी जांच!

जमीन की नई दरों पर मुहर

नवादा में ग्रामीण क्षेत्रों की एमवीआर दर 1.6 गुना और शहरी-पेरिफेरल क्षेत्रों की 2 गुना बढ़ी, सड़क की श्रेणी से तय होगा जमीन का मूल्यांकन

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले में जमीन की खरीद-बिक्री और निबंधन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी है। जमीन की न्यूनतम मूल्यांकन दर यानी न्यूनतम मूल्य की मार्गदर्शक पंजी (एमवीआर) की दरों में समायोजन के प्रस्ताव पर जिला मूल्यांकन समिति ने मुहर लगा दी है।

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जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में ग्रामीण, पेरिफेरल और शहरी क्षेत्रों में भूमि के वर्गीकरण, नई दरों के निर्धारण और शहरी क्षेत्र में शामिल मौजों की मूल्यांकन व्यवस्था पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नए प्रावधानों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान एमवीआर दरों को 1.6 गुना तथा शहरी और पेरिफेरल क्षेत्रों में 2 गुना किया गया है।

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10 डिसमिल तक जमीन की रजिस्ट्री से पहले होगी स्थल जांच

जमीन के निबंधन में गड़बड़ी रोकने के लिए छोटी जोत वाले भूखंडों पर विशेष प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 डिसमिल तक की जमीन को आवासीय श्रेणी से नीचे की श्रेणी में दिखाकर निबंधन कराने की स्थिति में निबंधन से पहले स्थल जांच कराई जाएगी। इसका उद्देश्य जमीन की वास्तविक प्रकृति के अनुसार मूल्यांकन सुनिश्चित करना और राजस्व की संभावित क्षति रोकना है। वहीं, पेरिफेरल क्षेत्रों में 10 डिसमिल तक की जमीन का निबंधन सिंचित श्रेणी से उच्चतर श्रेणी में करने का निर्णय लिया गया है।

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सड़क के हिसाब से तय होगी जमीन की कीमत

अब जमीन की चौहद्दी में एक से अधिक सड़कें होने पर उच्चतर श्रेणी वाली सड़क के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में प्रधान सड़क, मुख्य सड़क, शाखा सड़क और गली के अनुसार जमीन का वर्गीकरण होगा। ग्रामीण और पेरिफेरल क्षेत्रों में व्यावसायिक, औद्योगिक, आवासीय, सिंचित, असिंचित तथा अनुपजाऊ भूमि की अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। नए वर्गीकरण के तहत असिंचित श्रेणी में जमीन का निबंधन नहीं करने का भी निर्णय लिया गया है।

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बड़े भूखंडों के निबंधन के लिए अलग नियम

नवादा के ग्रामीण एवं पेरिफेरल क्षेत्रों से शहरी क्षेत्र में शामिल मौजों में प्रति खेसरा 20 डिसमिल से अधिक जमीन के अंतरण पर कृषि/गैर-आवासीय श्रेणी में निबंधन किया जाएगा। वहीं, वारिसलीगंज, हिसुआ और रजौली के शहरी क्षेत्रों में प्रति खेसरा 12 डिसमिल से अधिक जमीन के अंतरण पर इसी श्रेणी में निबंधन का प्रावधान किया गया है।

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नगर निकायों और अंचलों की सूची को मिली मंजूरी

बैठक में नगर परिषद नवादा, हिसुआ और वारिसलीगंज तथा नगर पंचायत रजौली की ओर से उपलब्ध कराई गई अधिसूचित सड़कों की सूची पर विचार किया गया। इसके साथ ही नवादा, हिसुआ, वारिसलीगंज, रजौली, सिरदला और नारदीगंज के अंचल अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत पेरिफेरल मौजों की सूची को भी स्वीकृति दी गई।

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समिति ने भूमि की श्रेणियों और दरों के समायोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। बैठक में अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उपसमाहर्ता, जिला निबंधन पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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