किसके सिर सजेगा जीत का ताज, किसके हाथ लगेगी हार? पटना एमएलसी चुनाव के बाद सियासी गुणा-गणित तेज
मतदान खत्म होते ही एनडीए, राजद और जन सुराज के खेमों में जीत के दावे, चाय की दुकानों से गांव की चौपाल तक जारी है वोटों का जोड़-घटाव; 27 अक्टूबर को खुलेगा प्रत्याशियों की किस्मत का पिटारा

Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

नवादा। पटना स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव का मतदान संपन्न होते ही अब सबकी निगाहें नतीजों पर टिक गई हैं। मतपेटियों में बंद प्रत्याशियों की किस्मत को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। एनडीए, जन सुराज, राजद और कांग्रेस के समर्थक अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत का दावा ठोक रहे हैं। वहीं, मतदान के बाद वोटों का जोड़-घटाव कर जीत-हार का अनुमान लगाने का दौर भी तेज हो गया है।

आठ प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 27 अक्टूबर को
पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन के लिए 4-4 प्रत्याशी विभिन्न पार्टियों से चुनाव में खड़े हैं, जिसमें एनडीए के प्रत्याशी नीरज कुमार और डॉ. नवल किशोर यादव, राजद के प्रत्याशी दिलीप कुमार और डॉ. संजीव कुमार सिंह, जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज कुमार और डॉ. दिव्या ज्योति तथा कांग्रेस के प्रत्याशी असदुल्लाह खान और डॉ संजय यादव शामिल हैं। इनके राजनीतिक भविष्य का फैसला मतगणना के बाद होगा। मतदान समाप्त होने के साथ ही उक्त प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं के रुझान और मतदान के आंकड़ों का आकलन करने में जुट गए हैं। हालांकि, समर्थकों के दावों और जमीनी आकलन के बीच वास्तविक तस्वीर क्या है, इसका पता आधिकारिक मतगणना के बाद ही चल सकेगा।

चाय की दुकानों से गांव की चौपाल तक सियासी चर्चा
चुनाव का नतीजा किसके पक्ष में जाएगा, इसको लेकर चर्चाएं केवल राजनीतिक दलों के कार्यालयों तक सीमित नहीं हैं। शहर की चाय की दुकानों, चौक-चौराहों और गांवों की चौपालों पर भी चुनावी नतीजों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। कहीं समर्थक अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदान होने का दावा कर रहे हैं, तो कहीं वोटों के संभावित बंटवारे को लेकर हिसाब-किताब लगाया जा रहा है।

स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ को लेकर अलग-अलग खेमों के दावे भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। समर्थकों का मानना है कि संबंधित वर्गों के मुद्दों को उठाने वाले प्रत्याशियों को मतदाताओं का समर्थन मिला है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि अभी मतगणना के परिणामों से ही होगी।

27 अक्टूबर पर टिकी निगाहें, नतीजों का इंतजार
पटना स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में किस प्रत्याशी को मतदाताओं का कितना समर्थन मिला, यह मतगणना के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल, सभी प्रमुख प्रत्याशियों के समर्थक अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं और नतीजों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना के बाद किस प्रत्याशी के पक्ष में जीत का ताज सजेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल, चुनावी दावों और कयासों के बीच अंतिम फैसला मतपेटियों में बंद मतों की गिनती से ही सामने आएगा।

