काल बनकर बरसी बिजली: नवादा में वज्रपात से 3 नहीं 4 लोगों की हुई दर्दनाक मौत, चीख-पुकार से कांप उठे गांव
कोई बकरी चरा रहा था, कोई मवेशी लाने गया था… अचानक आसमान से गिरी मौत और उजड़ गए चार परिवार
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले में मंगलवार की शाम मौसम का मिजाज ऐसा बदला कि कुछ ही मिनटों में चार परिवारों की खुशियां उजड़ गईं। तेज गर्जना, बारिश और आसमान से बरसी बिजली ने जिले के अलग-अलग इलाकों में चार लोगों की जान ले ली। कहीं बकरी चरा रहे वृद्ध मौत की चपेट में आ गए, तो कहीं भैंस लाने गई महिला हमेशा के लिए खामोश हो गई। एक युवती की भी दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया। घटना के बाद मृतक के गांवों में मातम और परिजनों में चीख-पुकार मच गई। नेमदारगंज थाना क्षेत्र के सकरपुरा गांव निवासी 63 वर्षीय नरेश सिंह तथा नगर थाना क्षेत्र के नेया गांव निवासी 61 वर्षीय छोटेलाल राजवंशी गांव के बधार में गए हुए थे।

बताया जाता है कि अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज बारिश के साथ वज्रपात शुरू हो गया। छोटेलाल बारिश से बचने के लिए पेड़ के पास खड़े हुए, तभी आसमान से गिरी बिजली ने उन्हें मौके पर ही मौत की नींद सुला दिया। वहीं नरेश सिंह खेत में लगी फसल देखने गए थे, जहां वज्रपात की चपेट में आने से उनकी भी जान चली गई। इधर नरहट प्रखंड के बिहारी बिगहा गांव में 45 वर्षीय गिरजा देवी अपनी भैंस लाने रेलवे लाइन की ओर गई थीं। तभी अचानक हुए तेज वज्रपात ने उन्हें गंभीर रूप से झुलसा दिया। परिजन उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गिरजा देवी अपने पीछे छह बेटियां और एक बेटा छोड़ गई हैं। परिवार की हालत देख गांव वालों की आंखें भी नम हो गईं।

वहीं हिसुआ के चंद्रशेखर नगर में 18 वर्षीय सकीना कुमारी अपनी सहेलियों के साथ गाय लाने बधार गई थी। घर से कुछ ही दूरी पर अचानक वज्रपात हुआ और सकीना उसकी चपेट में आ गई। साथ मौजूद दूसरी लड़कियों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन सकीना की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। एक ही शाम में चार मौतों ने पूरे नवादा जिले को झकझोर कर रख दिया है। गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा है और हर तरफ सिर्फ एक ही चर्चा है— आखिर कब थमेगा आसमान से बरसता यह कहर? फिलवक्त स्थानीय पुलिस सभी शवों का पोस्टमार्टम कराकर उनके परिजनों को सौंप दिया है।

