नवादा सांसद विवेक ठाकुर का बड़ा बयान—मनरेगा से आगे VB-G RAM G, नाम नहीं काम से बनेगा विकसित भारत
प्रेस वार्ता में बोले सांसद—ग्रामीण रोजगार, पारदर्शिता और आजीविका के नए युग की शुरुआत
Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

नवादा सांसद विवेक ठाकुर ने जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में ग्रामीण रोजगार योजना को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सरकार की नीति कभी नाम की राजनीति नहीं रही, बल्कि काम और परिणाम पर आधारित रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Aajeevika Mission (Gramin) यानी VB-G RAM G ग्रामीण भारत की बदली हुई जरूरतों के अनुरूप तैयार की गई एक दूरदर्शी पहल है। भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल मेहता ने की, जिसमें एनडीए के सभी विधायक व जिलाध्यक्ष मौजूद रहे।

पहले भी बदले गए हैं योजनाओं के नाम
प्रेसवार्ता के दौरान सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि इतिहास गवाह है कि समय-समय पर योजनाओं के नाम बदले गए हैं। ग्रामीण आवास योजना का नाम इंदिरा आवास योजना रखा गया, ग्रामीण विद्युतीकरण राजीव गांधी के नाम से जोड़ा गया और बाद में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना बनाई गई। इन सभी बदलावों का उद्देश्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना था, न कि किसी का अपमान करना।
ग्रामीण भारत में बड़ा बदलाव
उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में मनरेगा लागू होने के समय ग्रामीण बेरोजगारी और गरीबी बड़ी चुनौती थी, लेकिन आज ग्रामीण भारत काफी आगे बढ़ चुका है। 2011-12 में ग्रामीण गरीबी 25.7 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में घटकर 4.86 प्रतिशत रह गई है। कनेक्टिविटी बढ़ी है और आजीविका के साधन विविध हुए हैं, ऐसे में पुरानी व्यवस्था को पुनर्गठित करना आवश्यक हो गया था।

तकनीक से पारदर्शिता, घोटालों पर नियंत्रण
प्रेस वार्ता में सांसद ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा में घोटालों की शिकायतें आम थीं, लेकिन मौजूदा सरकार ने तकनीक के माध्यम से इस पर काफी हद तक नियंत्रण किया है। नई योजना में रियल-टाइम डेटा अपलोड, GPS, मोबाइल मॉनिटरिंग और AI आधारित फ्रॉड डिटेक्शन जैसी व्यवस्थाएं होंगी, जिससे सही लाभार्थियों को समय पर काम और भुगतान मिलेगा।
125 दिन रोजगार और साप्ताहिक भुगतान
विवेक ठाकुर ने बताया कि VB-G RAM G के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सालाना 125 दिन का वेतनयुक्त रोजगार दिया जाएगा। मजदूरी का भुगतान हर सप्ताह होगा। यदि 15 दिनों में रोजगार नहीं मिलता है, तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी रखा गया है।

चार प्राथमिकताओं पर केंद्रित योजना
सांसद के अनुसार नई योजना का फोकस चार बिंदुओं पर रहेगा—जल संबंधी कार्य, कोर ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका से जुड़ा ढांचा और खराब मौसम के कारण काम में कमी को कम करना। किसानों के हित में बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिन तक योजना स्थगित रखने का प्रावधान भी किया गया है।
विकसित भारत 2047 की ओर कदम
अंत में सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि यह पूरी योजना महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। सरकार का संकल्प साफ है—नाम नहीं, काम बोलेगा और ग्रामीण भारत को सशक्त बनाएगा। मौके पर हिसुआ विधायक अनिल सिंह, नवादा विधायक विभा देवी, जदयू जिलाध्यक्ष मुकेश विद्यार्थी, लोजपा (रा) जिलाध्यक्ष मनोज सिंह, हम जिलाध्यक्ष अशोक मांझी, आरएलएम जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुशवाहा, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद गौरव, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष विनय सिंह सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

