पटना स्नातक-शिक्षक चुनाव को लेकर प्रशासन अलर्ट, दलों के प्रतिनिधियों संग डीएम ने की बैठक

नवादा में स्नातक के 17 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 14 मतदान केंद्रों पर होगी वोटिंग, 23 अक्टूबर को मतदान और 27 को मतगणना; हर बूथ पर वीडियोग्राफी और निगरानी के लिए फ्लाइंग स्क्वायड तैनात
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार
नवादा। बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव को स्वच्छ, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्ष, सचिव एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में निर्वाचन कार्यक्रम, आदर्श आचार संहिता तथा चुनाव से जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई।

उप निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की 22 सितंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार निर्वाचन की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी हो चुकी है। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित है, जबकि 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी। अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर है। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

नवादा जिले में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए कुल 17 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 15,829 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वहीं, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए जिले में 14 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां कुल 1,749 मतदाता मतदान करेंगे।

निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मतदान के दिन सभी मतदान केंद्रों पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था रहेगी। आदर्श आचार संहिता समेत निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुपालन पर नजर रखने के लिए फ्लाइंग स्क्वायड का भी गठन किया गया है।

बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक सरकारी विभागों की ओर से ऐसी कोई नीतिगत घोषणा, नई योजना अथवा कार्यक्रम शुरू नहीं किया जाएगा, जिससे मतदाताओं पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की संभावना हो। उन्होंने सरकारी तंत्र और संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए, ताकि चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित न हो।

प्रचार-प्रसार को लेकर भी राजनीतिक दलों को नियमों की जानकारी दी गई। डीएम ने कहा कि लाउडस्पीकर, ध्वनि विस्तारक यंत्र अथवा अन्य प्रचार उपकरणों के इस्तेमाल के लिए सक्षम पदाधिकारी या जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति प्रचार उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।
बैठक में आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोक मोर्चा सहित अन्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्ष, सचिव एवं प्रतिनिधि तथा संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे।

