डॉक्टरों की हड़ताल से नवादा सदर अस्पताल में ओपीडी ठप, इलाज को पहुंचे सैकड़ों मरीज लौटे मायूस

सहरसा प्रकरण में चिकित्सकों पर कार्रवाई के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल, इमरजेंसी और प्रसव सेवाएं रहीं जारी; आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की बढ़ी परेशानी
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार
नवादा। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) की प्रदेश इकाई के आह्वान पर गुरुवार से राज्यभर के सरकारी चिकित्सक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इसका सीधा असर नवादा जिले की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिला। नवादा सदर अस्पताल में चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने के कारण दोपहर बाद ओपीडी सेवा पूरी तरह प्रभावित रही। इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे सैकड़ों मरीजों को बिना जांच और उपचार के ही वापस लौटना पड़ा।

हालांकि, हड़ताल के बावजूद सदर अस्पताल में इमरजेंसी और प्रसव संबंधी आपातकालीन सेवाएं चालू रहीं। गंभीर मरीजों, दुर्घटना में घायल लोगों और प्रसव से जुड़े आपातकालीन मामलों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

भासा के जिला सचिव डॉ. एसएस मंगलम ने बताया कि सहरसा में चिकित्सक और प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार के बीच हुई झड़प के बाद चिकित्सकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के विरोध में प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर हड़ताल शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।

चिकित्सकों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच के लिए गठित समिति में भासा के पदाधिकारियों को भी शामिल किया जाए। चिकित्सकों का आरोप है कि मामले में उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा रही है।

बारिश के बीच दूर-दराज से पहुंचे मरीज, बिना इलाज लौटे
खराब मौसम और बारिश के बावजूद जिले के दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे थे। ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीज डॉक्टर की सलाह और उपचार नहीं मिलने के कारण मायूस होकर घर लौट गए।

सरकारी अस्पताल में कम खर्च में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के सामने निजी अस्पतालों का सहारा लेने की मजबूरी पैदा हो गई। इससे उनके इलाज का खर्च बढ़ने की स्थिति उत्पन्न हो गई।
इमरजेंसी और प्रसव सेवा रही चालू
हड़ताल के दौरान अस्पताल प्रबंधन की ओर से इमरजेंसी और प्रसव संबंधी आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गईं। गंभीर मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी जरूरी आपातकालीन सेवाएं जारी रहने की बात कही गई है।
सदर अस्पताल में उपाधीक्षक डॉ. एसडी अरैयर, डॉ. शंभुक, डॉ. शशिकांत, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. नीलम कुमारी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. ललिता कुमारी और डॉ. स्वीटी कुमारी समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

