तनाव से जूझ रहे बच्चों को कैसे संभालें? मॉडर्न स्कूल की कार्यशाला में शिक्षकों को मिला बड़ा मंत्र

“मानसिक शांति ही सफलता की कुंजी” — सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सीखे विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, नई शिक्षा नीति और स्मार्ट टीचिंग के गुर

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। बदलते दौर में बच्चों के बढ़ते मानसिक तनाव, पढ़ाई के दबाव और प्रतिस्पर्धा के बीच उन्हें कैसे सकारात्मक और आत्मविश्वासी बनाया जाए, इसे लेकर रविवार को मॉडर्न इंगलिश स्कूल में एक बेहद खास और प्रेरणादायक कार्यशाला आयोजित की गई। “क्षमता निर्माण कार्यक्रम” (Capacity Building Program) के तहत आयोजित इस एक दिवसीय प्रशिक्षण में मॉडर्न ग्रुप के सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लेकर विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, नई शिक्षण पद्धतियों और प्रभावी कक्षा संचालन के अहम गुर सीखे।

न्यू एरिया स्थित न्यू मॉडर्न इंगलिश स्कूल के बहुद्देशीय सभागार में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की कार्य दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों के भीतर सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और तनाव से लड़ने की क्षमता विकसित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला के दौरान रिसोर्स पर्सन रवि शंकर ने कहा कि आज हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में मानसिक तनाव और निराशा से जूझ रहा है। यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण मिले तो वे हर चुनौती का सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि “मानसिक शांति ही सफलता की असली कुंजी है।”

वहीं व्याख्याता चंद्रकांत पांडेय ने कहा कि बच्चों पर अत्यधिक अपेक्षाओं का दबाव, असफलता का भय और दूसरों से तुलना उनकी मानसिक स्थिति को कमजोर कर देता है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों की क्षमताओं को पहचानने और उन्हें तनावमुक्त वातावरण देने की अपील की। कार्यक्रम में मणिकांत मिश्रा ने शिक्षकों को विषयों को रोचक और व्यवहारिक तरीके से पढ़ाने के कई अहम टिप्स दिए। कार्यशाला में नई शिक्षा नीति, जीवन कौशल, कौशल विकास और विद्यार्थियों की सीखने की अलग-अलग क्षमताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान शिक्षकों के लिए कई रोचक गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने में मदद मिलेगी। विद्यालय के प्राचार्य गोपाल चरण दास ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं बच्चों की मानसिक स्थिति को समझने और विद्यालय में संवेदनशील वातावरण तैयार करने में काफी मददगार साबित होती हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में उपप्राचार्य सुजय कुमार, मिथिलेश कुमार विजय, सुशील कुमार, मुकेश कुमार, चंद्रदीप प्रसाद, दीपक पुष्टि, नीरज कुमार मिश्रा, विजय अकेला समेत सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page