राष्ट्रीय लोक अदालत में 1976 मामलों का हुआ त्वरित निपटारा

राष्ट्रीय लोक अदालत

17 बेंचों पर चली सुनवाई, बैंकों ने 647 कर्जदारों से किया समझौता, 1.77 करोड़ के ऋण पर बनी सहमति

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा के व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के त्वरित एवं आपसी सुलह के आधार पर निपटारे का बड़ा अभियान चला। समाचार प्रेषण तक कुल 1976 मामलों का निष्पादन किया गया। अदालत में कुल 17 बेंचों पर सुनवाई हुई, जहां न्यायिक पदाधिकारियों ने पक्षकारों की सहमति से मामलों का निपटारा कराया।

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राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी अध्यक्ष सह जिला जज उपेन्द्र कुमार, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय गिरधारी उपाध्याय, पुलिस उपाधीक्षक मो. शहनवाज अख्तर, जिला परिवहन पदाधिकारी रंजीत कुमार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविन्द कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंच संचालन न्यायिक पदाधिकारी आकांक्षा आनंद ने किया।

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इस अवसर पर प्रभारी जिला जज उपेन्द्र कुमार ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को सस्ता, सहज और सुलभ न्याय मिलता है। पक्षकारों को बार-बार अदालत का चक्कर नहीं लगाना पड़ता। नियमित अदालत के फैसले में जहां एक पक्ष की जीत और दूसरे की हार होती है, वहीं लोक अदालत में न किसी की जीत होती है और न किसी की हार, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान होता है और आपसी संबंध भी बेहतर बने रहते हैं।

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बैंकों ने 647 कर्जदारों से किया समझौता
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविन्द कुमार ने बताया कि विभिन्न बैंकों ने 647 कर्जदारों के साथ समझौता किया। कुल 1 करोड़ 77 लाख 65 हजार 412 रुपये की ऋण राशि पर समझौता हुआ, जिसके एवज में 78 लाख 67 हजार 968 रुपये प्राप्त किए गए।
बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक ने 389, डीजीबी ने 57, स्टेट बैंक ने 103, बैंक ऑफ इंडिया ने 23, यूबीआई ने 22, इंडियन बैंक ने 1, सेंट्रल बैंक ने 5, बैंक ऑफ बड़ौदा ने 4, सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक ने 29, आईडीबीआई बैंक ने 1, आईओबी ने 12 तथा यूको बैंक ने 1 कर्जदार के साथ समझौता किया।

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न्यायालय से लेकर परिवहन और यातायात तक मामलों का निपटारा
व्यवहार न्यायालय की विभिन्न अदालतों में लंबित 330 मामलों का भी सुलह के आधार पर निपटारा किया गया। इनमें माप एवं तौल अधिनियम के 9, वन अधिनियम के 5, खनन के 49, श्रम अधिनियम के 2, पारिवारिक विवाद के 3, मोटर वाहन दुर्घटना दावा वाद के 3, विद्युत विपत्र के 3 तथा दूरसंचार से जुड़े 903 मामलों का निपटारा हुआ।
इसके अलावा ग्राम कचहरी के 28, नीलाम वाद के 171, जिला परिवहन विभाग के 249 तथा यातायात नियमों से जुड़े 550 मामलों का भी समाचार प्रेषण तक निष्पादन किया गया।

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पुराने मामलों में भी बनी समझौते की राह
राष्ट्रीय लोक अदालत में कई पुराने मामलों के पक्षकारों ने स्वेच्छा से समझौता कर वर्षों से चले आ रहे विवादों को समाप्त कराया। इनमें नवादा नगर थाना कांड संख्या 189/04, 98/05, 60/10, रजौली 105/09, 106/12, नरहट 38/08, गोविंदपुर 55/10, कौआकोल 130/11, काशीचक 21/11, सिरदला 143/13, रोह 46/14 सहित परिवाद पत्र संख्या 828/04 एवं प्रोटेस्ट परिवाद पत्र संख्या 565/03 शामिल रहे।

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सचिव ने सभी बेंचों का लिया जायजा
लोक अदालत की कार्यवाही के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविन्द कुमार ने सभी बेंचों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पक्षकारों से बातचीत कर निपटाए जा रहे मामलों की जानकारी भी ली।
प्रशासन, अधिवक्ताओं और न्यायिक पदाधिकारियों को दिया धन्यवाद
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन पर प्रभारी जिला जज सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी अध्यक्ष उपेन्द्र कुमार ने पक्षकारों, जिला प्रशासन, अधिवक्ताओं एवं न्यायिक पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्राधिकार की ओर से जारी नोटिसों का जिला प्रशासन द्वारा तामिला कराया गया, जिसके कारण बड़ी संख्या में पक्षकार लोक अदालत में पहुंचे और अपने मामलों का निपटारा कराया। अधिवक्ताओं ने भी पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लोक अदालत में उपेन्द्र कुमार, संजय कुमार मिश्रा, आशुतोष खेतान, ज्योति कुमारी, आनंद भूषण, राहुल किशोर, अश्विनी कुमार, लक्ष्मीनाथ, चंद्रभूषण भारती, रजत दीप, अनिता कुमारी, शत्रुंजय कुशवाहा, संतोष कुमार, सोनम रानी, आकांक्षा आनंद, अनुराग, चंद्रलेखा मौर्या एवं जिला नीलाम पदाधिकारी गौरव शंकर को विभिन्न बेंचों पर प्रतिनियुक्त किया गया था।

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अदालत की सफलता में अधिवक्ता कौशलेन्द्र कुमार, रामाशीष प्रसाद, महेश्वर प्रसाद, आशा कुमारी, मदन पांडेय, अरुण कुमार वर्मा, नीभा कुमारी, आशुतोष कुमार, प्रमोद कुमार, सोनू सिन्हा, अखिलेश नारायण, उजमा नसीम, भारत भूषण सिन्हा, डॉ. संजय कुमार मिश्रा, भारत भूषण, मनोज कुमार एवं गोरे लाल प्रसाद सिंह सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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