सनसनी: दो महीने से गायब पूनम का खुला खौफनाक राज! हत्या कर कोडरमा घाटी में फेंका शव

नरहट के छोटीपाली से अपहरण के बाद हत्या का खुलासा, पुराने दुष्कर्म केस ने खोला राज का दरवाजा—तीन संदिग्ध गिरफ्तार, दो वाहन जब्त
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार
नवादा। नरहट के छोटीपाली गांव से करीब दो महीने पहले अचानक लापता हुई पूनम देवी के मामले में आखिरकार वह राज खुल गया, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया है। पुलिस के अनुसार, पूनम देवी की हत्या कर उसके शव को झारखंड की कोडरमा घाटी में फेंक दिया गया था। इस सनसनीखेज मामले का नरहट पुलिस ने उद्भेदन करते हुए तीन अप्राथमिकी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। घटना में प्रयुक्त दो वाहनों को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

गुमशुदगी से शुरू हुई जांच हत्या तक पहुंची
पूनम देवी की पुत्री काजल कुमारी ने अपनी मां के लापता होने की शिकायत 2 जुलाई 2026 को नरहट थाना में दर्ज कराई थी। इसके आधार पर नरहट थाना कांड संख्या 210/26 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती तौर पर मामला गुमशुदगी और अपहरण से जुड़ा नजर आया, लेकिन पुलिस के वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान ने धीरे-धीरे जांच की दिशा बदल दी।

पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी ने मामले को सीधे हत्या की ओर मोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपितों ने पूनम देवी की हत्या करने और शव को कोडरमा घाटी में फेंकने की बात स्वीकार की।

कोडरमा घाटी में मिला सुराग, बरामद हुए कपड़े और मानव अवशेष
पुलिस ने कोडरमा घाटी में तलाशी अभियान चलाया, जहां से मृतका के कपड़े और कुछ मानव हड्डियां बरामद किए जाने की बात कही गई है। मौके पर एफएसएल टीम द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। बरामद मानव अवशेषों की जांच के बाद ही मृतका की पहचान से जुड़े तथ्यों की वैज्ञानिक पुष्टि हो सकेगी।

पुरानी प्राथमिकी से जुड़ती गई हत्या की कड़ियां
पुलिस के अनुसार, पूनम देवी ने पूर्व में शशि चंद्र उर्फ टुल्लू सिंह के खिलाफ हिसुआ थाना में दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में हिसुआ थाना कांड संख्या 73/21 दर्ज है। पुलिस अब इसी पुराने मामले समेत पूनम देवी की हत्या से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है।

तीन गिरफ्तार, जांच अभी बाकी
गिरफ्तार किए गए आरोपितों में हिसुआ थाना क्षेत्र के मनवां निवासी चुन्नू सिंह, हदसा निवासी शशि चंद्र उर्फ टुल्लू सिंह और बेलारू निवासी विपिन उर्फ अंकित राज शामिल हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए दो वाहनों को भी जब्त किया है।

गुरुवार को नरहट पहुंचे रजौली एसडीपीओ केतन इंगोले ने बताया कि कांड के उद्भेदन में नरहट थानाध्यक्ष गौतम कुमार और अनुसंधानकर्ता पूजा कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया कि पुलिस वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर मामले की तह तक पहुंची है।

हालांकि, पुलिस का अनुसंधान अभी जारी है। बरामद मानव अवशेषों की जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर इस खौफनाक हत्याकांड की बाकी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

