जल संरक्षण से हरियाली तक… आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवारने के लिए नवादा में बनी सामूहिक पहल की रणनीति

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उप विकास आयुक्त शंभू शरण पांडेय ने कहा- जल और हरियाली का संरक्षण सतत विकास की आधारशिला, जनजागरूकता से ही अभियान बनेगा जनआंदोलन

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और हरित क्षेत्र के विस्तार को लेकर नवादा में जनजागरूकता की मुहिम को गति देने की पहल की गई। मंगलवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जल-जीवन-हरियाली दिवस के अवसर पर ‘जल-जीवन-हरियाली एवं जनजागरूकता से सतत विकास की ओर सामूहिक पहल’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई।

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जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त शंभू शरण पांडेय ने की। इसमें जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए।

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परिचर्चा को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त शंभू शरण पांडेय ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का अभियान है।

शक्ति, बुद्धि और भक्ति

जल और हरियाली का संरक्षण सतत विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, भू-जल स्तर में गिरावट, अनियमित वर्षा और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।

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उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल माध्यमों के जरिए आम लोगों को जल संरक्षण, पौधारोपण और हरित क्षेत्र के विस्तार के प्रति जागरूक करें।

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उन्होंने कहा कि जनजागरूकता के जरिए ही जल-जीवन-हरियाली अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को जल की बचत, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक आदतों में शामिल करना होगा।

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वर्षा जल संचयन से कम होगा भविष्य का जल संकट

उप विकास आयुक्त ने वर्षा जल संचयन की उपयोगिता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बारिश के पानी का संग्रहण भू-जल स्तर को बनाए रखने और भविष्य में जल संकट की आशंकाओं को कम करने का प्रभावी माध्यम है।

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उन्होंने घरों, सरकारी भवनों और अन्य संस्थानों में वर्षा जल संचयन प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता बताई। इससे वर्षा के पानी को व्यर्थ बहने से रोककर भू-जल पुनर्भरण एवं अन्य जरूरी कार्यों में उपयोग किया जा सकता है।

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प्लास्टिक का कम इस्तेमाल, पौधों की नियमित देखभाल जरूरी

मौके पर प्रभारी जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी अमरनाथ कुमार ने पर्यावरण संरक्षण में आम नागरिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों को बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने प्लास्टिक का उपयोग न्यूनतम करने और इसके विकल्प के रूप में कपड़े एवं जूट के थैलों को अपनाने की अपील की।

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उन्होंने कहा कि पानी की बर्बादी रोकना, वर्षा जल का संचयन करना, अधिक से अधिक पौधे लगाना और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करना जैसे छोटे-छोटे प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति इसे अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझकर अपनाए, तो जल-जीवन-हरियाली अभियान के उद्देश्यों को धरातल पर उतारना आसान होगा। कार्यक्रम में दर्जनों मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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