वारिसलीगंज में नई चीनी मिल की मंजूरी से बदलेगी किसानों की तस्वीर, नवादा में लौटेगी ‘गन्ने की मिठास’

500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश खोलेगा रोजगार और आर्थिक विकास का रास्ता, नवादा-नालंदा-शेखपुरा-जमुई के हजारों किसानों को मिलेगा स्थानीय बाजार : श्याम सुन्दर शरण
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार
नवादा। वारिसलीगंज में नई चीनी मिल की स्थापना को मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक विकास और किसानों की आर्थिक स्थिति को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे नवादा सहित आसपास के जिलों के किसानों के लिए बड़ी सौगात बताया है।

उन्होंने कहा कि वारिसलीगंज में प्रस्तावित नई चीनी मिल में ₹500 करोड़ से अधिक का निवेश होने से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। नवादा, नालंदा, शेखपुरा और जमुई समेत आसपास के क्षेत्रों के हजारों गन्ना किसानों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर चीनी मिल उपलब्ध होने से किसानों को गन्ने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और कृषि तथा उद्योग के बीच मजबूत कड़ी स्थापित होगी।

श्याम सुन्दर शरण ने कहा कि चीनी मिल की स्थापना से केवल किसानों को ही लाभ नहीं होगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे। उन्होंने इसे नवादा सहित पूरे मगध क्षेत्र में औद्योगिक विकास की संभावनाओं को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय बताया।

उन्होंने इस महत्वपूर्ण फैसले के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार सरकार तथा नवादा के प्रभारी मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन के प्रति विशेष धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नवादा के प्रभारी मंत्री के रूप में जिले के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता देना सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि वारिसलीगंज में नई चीनी मिल की मंजूरी नवादा के किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का नया द्वार खोल सकती है। यह कदम क्षेत्र में गन्ने की खेती को प्रोत्साहन देने और नवादा में फिर से ‘गन्ने की मिठास’ लौटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।


