कौन है मांडवी सिस्टर- जिसकी सेवानिवृत्ति पर आयोजित विदाई समारोह में भाव-विभोर हुए स्वास्थ्य कर्मी, पढ़ें पूरी खबर
36 साल की निस्वार्थ सेवा के बाद वरीय नर्स मांडवी कौशिक हुई रिटायर, 1989 में शुरू की थी सेवा, कोरोना काल में भी निभाया फर्ज, स्मृति चिन्ह, उपहार और भावुक पलों के साथ यादगार बना विदाई समारोह
Report by Nawada News Xpress
नवादा / सूरज कुमार

नवादा सदर अस्पताल में लंबे समय तक सेवा देने वाली वरीय नर्स मांडवी कौशिक के सेवानिवृत्त होने पर नगर के एक होटल में भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया।

समारोह की अध्यक्षता एसीएमओ डॉ राज किशोर प्रसाद ने की। मौके पर वरिष्ठ चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सहकर्मी राजीव, संदीप, उषा, पूजा, इंदु, हिसुआ यूनिट से उर्मिला और सुधा, आरओएच स्टाफ से किरण देवी सहित

अन्य कई सहयोगियों ने अनुभव साझा कर मांडवी कौशिक की कार्यकुशलता और सेवा भावना की सराहना की। विदाई के दौरान पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह और उपहार देकर उन्हें सम्मानित किया गया।

भावुक होकर कहा अस्पताल मेरे लिए रहा परिवार जैसा
भावुक पलों के बीच सिस्टर मांडवी कौशिक ने कहा, “अस्पताल मेरे लिए परिवार जैसा रहा। यह समय मेरे जीवन का सबसे अमूल्य हिस्सा है।” उन्होंने सभी साथियों को ईमानदारी और सेवा भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।

36 वर्षों की कार्य कुशलता में ये रही उपलब्धियां
मांडवी कौशिक ने 1 जुलाई 1989 को नवादा सदर अस्पताल में सेवा की शुरुआत की थी। 36 वर्षों तक स्वास्थ्य विभाग में योगदान देने के बाद वह 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुईं।

उन्होंने कोरोना काल को सच्ची सेवा का समय बताते हुए कहा, “जब लोग अपनों को छूने से डरते थे, तब हमने जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा की।”

प्रसव के क्षेत्र में कार्य कुशलता ने दिलाई लोकप्रियता
प्रसव क्षेत्र में उनकी कार्यकुशलता और ईमानदारी ने उन्हें शहर में एक अलग पहचान दिलाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त होने के बावजूद जरुरतमंदों की सेवा करना नहीं छोड़ेंगी और

जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग को भी सहयोग देंगी। गौरतलब हो कि स्वास्थ्य महकमे को मांडवी कौशिक जैसी कर्मठ नर्स की कमी हमेशा खलती रहेगी।

