जाम, ओवरलोडिंग और पुलिस की कार्यशैली पर राज अंजुम का बड़ा एक्शन! DM-SP को सौंपा 5 पन्नों का ज्ञापन

30 दिनों में कार्रवाई की प्रगति बताने की मांग, फुटपाथी दुकानदारों से लेकर थानों में CCTV तक के मुद्दे उठाए
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार
नवादा। नवादा में जाम से परेशान आम जनता को राहत कब मिलेगी? फुटपाथी दुकानदारों की आजीविका कैसे बचेगी? और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित होगी? इन सवालों को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) के बिहार प्रदेश युवा सचिव एवं इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (IHRO) के नेशनल एडवाइजर सह बिहार प्रभारी राज अंजुम ने प्रशासन के समक्ष जनहित के मुद्दे उठाए हैं।

उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पांच पृष्ठों का विस्तृत ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल की मांग की।

जाम से राहत और फुटपाथी दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
राज अंजुम ने नवादा के प्रमुख बाजारों और व्यस्त सड़कों पर जाम की समस्या दूर करने, नो-पार्किंग नियमों का पालन कराने तथा यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि फुटपाथी दुकानदारों को हटाने से पहले उनके लिए वैकल्पिक वेंडिंग जोन या बाजार स्थल उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि गरीब परिवारों की आजीविका प्रभावित न हो।

पुलिस थानों में CCTV और जवाबदेही पर जोर
ज्ञापन में थानों के सार्वजनिक संपर्क क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने तथा शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और कमजोर वर्गों की शिकायतों पर संवेदनशीलता से कार्रवाई करने की जरूरत भी बताई गई।

ओवरलोड वाहनों की जांच कराने की मांग
कोडरमा-नवादा-पटना मार्ग पर भारी वाहनों की ओवरलोडिंग, परिवहन दस्तावेजों की वैधता और कथित अवैध वसूली से जुड़ी शिकायतों की जांच कराने की मांग उठाई गई। राज अंजुम ने संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने का सुझाव दिया।

30 दिनों में कार्रवाई की प्रगति बताने का आग्रह
मानवाधिकार जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज अंजुम ने प्रशासनिक पदाधिकारियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया। उन्होंने प्रशासन से ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने और संभव हो तो 30 दिनों के भीतर प्रारंभिक कार्रवाई अथवा प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

राज अंजुम ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य किसी व्यक्ति या विभाग पर निराधार आरोप लगाना नहीं, बल्कि जनसमस्याओं का निष्पक्ष समाधान कराना और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत करना है।


