गुरु के सम्मान में झुका मॉडर्न परिवार, तालियों से गूंज उठा सभागार
शिक्षक दिवस पर डॉ. राधाकृष्णन को नमन, गुरुजनों के सम्मान में विद्यार्थियों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां; डॉ. अनुज सिंह बोले—शिक्षक सिर्फ भविष्य नहीं, राष्ट्र की दिशा भी करते हैं तय
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। गुरु-शिष्य परंपरा की गौरवशाली भारतीय संस्कृति और गुरुजनों के प्रति सम्मान की भावना से मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सभी संस्थान शिक्षक दिवस पर सराबोर नजर आए। भारत के द्वितीय राष्ट्रपति, महान दार्शनिक, शिक्षाविद एवं भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर श्रद्धा और उत्साह के साथ शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान समूह के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्य, उपप्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया।मॉडर्न इंगलिश स्कूल, कुंती नगर, नवादा में आयोजित मुख्य समारोह में विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के सम्मान में गीत, संगीत और नृत्य की ऐसी शानदार प्रस्तुतियां दीं कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में गुरु के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सम्मान की भावना साफ दिखाई दी।

दीप प्रज्वलन से शुरुआत, राधाकृष्णन को श्रद्धासुमन
समारोह का शुभारंभ मॉडर्न शैक्षणिक समूह के अध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह, सचिव डॉ. शैलेश कुमार तथा विभिन्न संस्थानों के प्राचार्य एवं उपप्राचार्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तैलचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। वक्ताओं ने डॉ. राधाकृष्णन के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा, दर्शन और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा। उनका जीवन शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए अनुकरणीय है।

डॉ. अनुज सिंह का शिक्षकों को संदेश—“कक्षाओं में तैयार होता है राष्ट्र का भविष्य”
मॉडर्न शैक्षणिक समूह के अध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक समाज के वास्तविक पथप्रदर्शक हैं। वे विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्य, जिम्मेदारी और जीवन जीने की सही दिशा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव कक्षाओं में रखी जाती है और उस नींव को मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों की होती है। मॉडर्न शैक्षणिक समूह आज शिक्षा के क्षेत्र में जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसमें यहां के समर्पित, कर्मठ और प्रतिभावान शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक को विद्यार्थियों के लिए अपना शत-प्रतिशत समय और ऊर्जा देने का प्रयास करना चाहिए। कक्षा में शिक्षक का व्यवहार सहज, व्यावहारिक, अनुशासित और विद्यार्थियों की मनोवृत्ति को समझने वाला होना चाहिए। उन्होंने शिक्षक दिवस को केवल सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि आत्मनिरीक्षण का दिन बताते हुए कहा कि प्रत्येक शिक्षक को यह विचार करना चाहिए कि वह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अपना योगदान और बेहतर कैसे दे सकता है। उन्होंने कहा— “शिक्षक का सम्मान वास्तव में राष्ट्र के भविष्य का सम्मान है। हमारे शिक्षक जितने मजबूत होंगे, हमारे विद्यार्थी और हमारा राष्ट्र उतना ही सशक्त होगा।”

डॉ. शैलेश कुमार ने राधाकृष्णन के जीवन को बताया प्रेरणास्रोत
समूह के सचिव डॉ. शैलेश कुमार ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे महान शिक्षाविद, दार्शनिक एवं राजनेता थे। शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में उनके ज्ञान एवं चिंतन ने देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का संपूर्ण जीवन शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाना भारतीय समाज में गुरु के महत्व को दर्शाता है। मॉडर्न इंगलिश स्कूल के प्राचार्य गोपाल चरण दास ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर पहुंचने से पहले एक प्रख्यात दर्शनशास्त्र के प्राध्यापक रहे। उनका विद्वतापूर्ण व्यक्तित्व शिक्षा जगत के लिए सदैव अनुकरणीय रहेगा। उपप्राचार्य सुजय कुमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करना भी है।

गुरु के सम्मान में बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा, मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
समारोह में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां सबसे बड़ा आकर्षण रहीं। साक्षी, परी, स्नेहा, दृष्टि एवं रश्मिका ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद पहल, पलक, आराध्या, रिया, अभिजिता, दिव्या एवं आराध्या ने गुरु की महिमा पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया। स्नेहिल, नंदिनी, अंशु, जिया, आराध्या एवं मिली की प्रस्तुति ने भी खूब तालियां बटोरीं। अनुराधा ने अपनी शानदार प्रस्तुति से प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं अनमोल एवं अमर ने गुरुजनों के सम्मान में भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया। सिमरन, अवनी एवं सृष्टि की प्रस्तुति, दिव्यम, दर्शन, श्रेय एवं प्रियांश का गुरु वंदन तथा रानी, आशिका, अदिति, दिव्या एवं सान्या का माता-पिता एवं गुरु के महत्व पर आधारित नृत्य दर्शकों को खूब पसंद आया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में आराध्य एवं गुंजन की भावपूर्ण प्रस्तुति ने माहौल को और भी भावुक बना दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि शिक्षक उनके लिए केवल कक्षा में पढ़ाने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन के हर मोड़ पर सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक हैं।

शानदार एंकरिंग ने बांधे रखे दर्शक
कार्यक्रम को आकर्षक और जीवंत बनाने में प्रज्ञा दुबे, अनन्या, अंशु एवं केशव की एंकरिंग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रभावशाली मंच संचालन, आत्मविश्वासपूर्ण संवाद, सटीक उच्चारण और भावपूर्ण प्रस्तुति से उन्होंने पूरे कार्यक्रम को शानदार ढंग से आगे बढ़ाया। प्रत्येक सांस्कृतिक प्रस्तुति से पहले गुरु की महिमा, शिक्षक के महत्व और गुरु-शिष्य परंपरा से जुड़े विचारों ने दर्शकों को कार्यक्रम से जोड़े रखा।

सम्मान पाकर भावुक हुए शिक्षक, दिखा गर्व और आत्मीयता का माहौल
सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद मॉडर्न शैक्षणिक समूह की ओर से सभी संस्थानों के प्राचार्य, उपप्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर शिक्षकगण भावुक और गौरवान्वित नजर आए। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्कारयुक्त वातावरण निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। समारोह के बाद सभी संस्थानों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सामूहिक रूप से सुस्वादु भोजन का आनंद लिया। इससे शिक्षक दिवस समारोह एक औपचारिक आयोजन से आगे बढ़कर मॉडर्न परिवार के आत्मीय मिलन और सम्मान समारोह में बदल गया।

आयोजन की सफलता में शिक्षकों-कर्मचारियों की अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से नृत्य शिक्षक पुरुषोत्तम कुमार, संगीत शिक्षक अनिल विश्वकर्मा एवं पवन कुमार सहित आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया।
गुरु-शिष्य परंपरा का दिया जीवंत संदेश
मॉडर्न शैक्षणिक समूह का शिक्षक दिवस समारोह केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने गुरु के प्रति सम्मान, शिक्षा के प्रति समर्पण और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका का जीवंत संदेश दिया। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों, शिक्षकों के सम्मान और वक्ताओं के विचारों ने समारोह को यादगार बना दिया। पूरा आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि शिक्षक किसी भी शिक्षण संस्थान की आत्मा और राष्ट्र के भविष्य के वास्तविक निर्माता हैं।

