नालंदा में सिपाही की मौत का सनसनीखेज खुलासा! होमगार्ड की राइफल से चली थी गोली, दारोगा पुष्पा समेत पांच हिरासत में

नवादा उत्पाद विभाग में तैनात रह चुकीं सब इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी की भूमिका भी जांच के घेरे में, घटना की सूचना छिपाने और साक्ष्य मिटाने की कोशिश का आरोप, एसआईटी ने 24 घंटे में सुलझाई गुत्थी
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार
नवादा/नालंदा। नालंदा में शराब तस्करों का पीछा करने के दौरान सिपाही अजीत कुमार की गोली लगने से हुई मौत के मामले में ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी है। जिस घटना में शुरुआत में शराब तस्करों की गोली से सिपाही की मौत होने की आशंका जताई जा रही थी, जांच में सामने आया कि गोली धावा दल में शामिल होमगार्ड जवान की राइफल से चली थी। इस मामले में नवादा उत्पाद विभाग में दारोगा रह चुकीं सब इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुष्पा कुमारी की भूमिका भी पुलिस जांच के दायरे में है।

तस्करों की गोली नहीं, अपने ही दल की राइफल से चली गोली!
पुलिस अधीक्षक हृदयकांत के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। टीम ने महज 24 घंटे के भीतर मामले का लगभग उद्भेदन कर लिया। जांच में पता चला कि धावा दल में शामिल होमगार्ड जवान की राइफल से चली गोली सिपाही अजीत कुमार के सिर में लगी थी। पूछताछ के दौरान होमगार्ड जवान ने तीन राउंड गोली चलाने की बात स्वीकार की है।

पुलिस ने संबंधित हथियार, मिस फायर राउंड की गोली और छापेमारी में इस्तेमाल किए गए वाहन को जब्त कर लिया है। अब जांच में गोली चलने की परिस्थितियों और घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

दारोगा पुष्पा की भूमिका पर उठे सवाल, घटना की सूचना क्यों नहीं दी गई?
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू घटना के बाद की कार्रवाई को लेकर सामने आया है। एसपी के मुताबिक, 14 अक्टूबर की रात हुई घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और वरीय अधिकारियों को नहीं दी गई थी। घटनास्थल से साक्ष्य मिटाने के प्रयास का आरोप भी सामने आया है। इसी कड़ी में सब इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुष्पा कुमारी पहले नवादा उत्पाद विभाग में दारोगा के पद पर तैनात थीं। स्थानांतरण के बाद उनकी तैनाती नालंदा में हुई थी। अब सिपाही की मौत के इस मामले में उनका नाम सामने आने के बाद जांच की दिशा घटना के दौरान और उसके बाद की गतिविधियों पर केंद्रित हो गई है।

पांच लोग हिरासत में, पुलिस खंगाल रही पूरी घटना की कड़ियां
मामले में सब इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी, दो होमगार्ड जवान, धावा दल के चालक और एक अन्य सिपाही समेत कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस घटना से जुड़े हथियार, वाहन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि गोली चलने से लेकर घटना की सूचना नहीं दिए जाने तक की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना क्यों नहीं दी गई और साक्ष्य मिटाने के प्रयास के आरोपों के पीछे क्या परिस्थितियां थीं? पुलिस जांच के निष्कर्ष से इन सवालों का जवाब मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, मामले में आरोपों की पुष्टि और संबंधित पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने के लिए आगे की जांच जारी है।

