दहेज की भूख ने उजाड़ दिया छह माह का सुहाग, नवविवाहिता की मौत से मचा कोहराम

AC और बाइक की मांग का आरोप, विरोध करने पर प्रताड़ना का दावा, पति गिरफ्तार, सास फरार— जांच में जुटी पुलिस

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। दहेज की कुप्रथा ने एक बार फिर एक नवविवाहिता की जिंदगी छीन लेने का आरोप सामने आया है। थाली थाना क्षेत्र के थाली बाजार में 23 वर्षीय निशा कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मायके वालों ने उसके पति और सास पर दहेज के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

मृतका के भाई नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र के धरहरा गांव निवासी सोनू कुमार ने बताया कि करीब छह माह पूर्व मेरी बहन निशा की शादी थाली बाजार निवासी सूरज कुमार के साथ प्रयाप्त दान-दहेज देकर की गई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के शुरुआती दो माह तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद निशा के ससुराल पक्ष की ओर से फ्रिज, एसी और बाइक की मांग किए जाने का आरोप है।

मायके वालों का दावा है कि मांग पूरी नहीं होने पर निशा को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाने लगा। मृतका के दूसरे भाई चंदन कुमार ने आरोप लगाया कि उसका जीजा किसी अन्य लड़की से बातचीत करता था, जिसका निशा विरोध करती थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि 25 अगस्त की रात निशा की हत्या गला दबाकर कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही थाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में पुलिस ने मृतका के पति सूरज कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी मां घर छोड़कर फरार बताई जा रही है। थानाध्यक्ष के अनुसार, मृतका के भाई के आवेदन पर पति सूरज कुमार और उसकी मां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

आरोपों की वास्तविकता और मौत के कारणों का अंतिम निष्कर्ष जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगा। घटना के बाद मृतका के मायके में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सवाल सिर्फ एक परिवार के उजड़ने का नहीं, बल्कि उस दहेज की मानसिकता का है, जिसके आगे एक बेटी की जिंदगी भी छोटी पड़ गई। दहेज के नाम पर किसी की बेटी को प्रताड़ित करना अपराध भी है और समाज के लिए कलंक भी।

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