जब मॉडर्न इंग्लिश स्कूल में बारहवीं के विद्यार्थियों को दी गई भावभीनी विदाई, फिर…

आशीर्वाद सह विदाई समारोह में छलके जज़्बात, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, ग्यारहवीं के छात्र-छात्राओं ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां, तीन घंटे तक चला सांस्कृतिक उत्सव

Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिला मुख्यालय स्थित नगर के कुंती नगर मॉडर्न इंग्लिश स्कूल में सत्र 2024–26 के बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए आशीर्वाद सह विदाई समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह का आयोजन विद्यालय के ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा किया गया, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार श्रृंखला प्रस्तुत की गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन मॉडर्न शैक्षणिक समूह के चेयरमैन डॉ. अनुज सिंह, प्राचार्य गोपाल चरण दास, उपप्राचार्य मिथिलेश कुमार विजय एवं वरिष्ठ शिक्षक धर्मवीर कुमार सिन्हा द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।

स्वागत गीत से हुई शुरुआत, गीत-संगीत पर झूमे विद्यार्थी

सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ ग्यारहवीं की छात्राएं न्यासा, आकृति, रुचिका एवं शिखा के मधुर स्वागत गीत से हुआ। इसके बाद हर्ष और सावन की युगल जोड़ी ने “तेरे जैसा यार कहां” गीत पर अपनी सुरीली आवाज से सभी का दिल जीत लिया। “तेरे गीत” पर सुप्रिया एवं अनन्या के नृत्य ने माहौल को खुशनुमा बना दिया, वहीं “बावरिया” गीत पर रिद्धि के एकल नृत्य ने खूब तालियां बटोरीं।

नृत्य और गीतों से सजी विदाई, यादों में खोए सीनियर छात्र

आकृति, न्यासा, उदिती एवं नंदिनी ने “तुम तो ठहरे परदेसी” पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जबकि सोनाली एवं अंजलि ने “गल्ला गुड़िया” गीत पर मनमोहक नृत्य से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। बारहवीं की छात्रा शुभ्रा ने “लग जा गले” गीत पर प्रस्तुति देकर सभी को भावविभोर कर दिया। वहीं रुचिका, रिद्धि एवं शिखा ने “कभी अलविदा ना कहना” गीत पर प्रस्तुति देते हुए विद्यालय में बिताए गए अपने सुनहरे पलों को साझा किया, जिससे पूरा सभागार भावुक हो उठा।

अनुभव साझा कर जूनियर्स को दिया सफलता का मंत्र

बारहवीं के छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए जूनियर विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति अडिग रहने और निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गीत, नृत्य, हास्य-व्यंग्य, एकांकी एवं सामाजिक कुरीतियों पर आधारित कार्यक्रम लगभग तीन घंटे तक लगातार चलते रहे।

“एक विचार को जीवन का लक्ष्य बनाओ” – डॉ. अनुज सिंह

विद्यालय के निदेशक डॉ. अनुज सिंह ने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा— “एक विचार लो और उसी को अपने जीवन का सार बना लो। उसी को सोचो, उसी का स्वप्न देखो। यही सफलता का रास्ता है।” प्राचार्य एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने बोर्ड परीक्षार्थियों को उज्ज्वल भविष्य एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं।

शिक्षा जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया : उपप्राचार्य

उपप्राचार्य मिथिलेश कुमार विजय ने कहा कि शिक्षा और शिक्षक एक-दूसरे के पूरक हैं। इंसान को जीवन भर सीखते रहना चाहिए, क्योंकि कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं होता। वरिष्ठ शिक्षक धर्मवीर कुमार सिन्हा ने छात्रों को निडर होकर सीखने और पढ़ाई करने की सलाह देते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

सम्मान समारोह के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

इस अवसर पर प्रियदर्शी सर ने विद्यार्थियों को आने वाली चुनौतियों का सामना करते हुए लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया। अंत में सभी विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन एवं राष्ट्रगान के साथ किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में नृत्य शिक्षक पुरुषोत्तम संगीत, पवन कुमार सिन्हा, अनिल कुमार विश्वकर्मा सहित विद्यालय के सभी शिक्षकों की सराहनीय भूमिका रही।

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