रजौली चेकपोस्ट पर ‘आलू वसूली कांड’ : वीडियो वायरल होते ही बड़ा एक्शन, 11 गृहरक्षक निलंबित, पढ़ें पूरी खबर
ड्यूटी की आड़ में जबरन वसूली और मारपीट, जाँच में सभी दोषी पाए गए; डीएम रवि प्रकाश के आदेश पर सख्त कार्रवाई
Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले के रजौली चेकपोस्ट पर ड्यूटी के दौरान वाहन चालक से जबरन आलू की मांग करना और दबाव बनाकर दुर्व्यवहार करना 11 गृहरक्षकों को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी दोषी गृहरक्षकों को निलंबित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 24 नवंबर 2025 की रात्रि लगभग 10 से 11 बजे के बीच रजौली चेकपोस्ट पर आलू लदे एक वाहन के चालक को ड्यूटी पर तैनात गृहरक्षकों द्वारा रोका गया।

आरोप है कि गृहरक्षकों ने चालक से जबरन आलू की मांग की और उसे आगे बढ़ने से रोकते हुए मानसिक दबाव बनाया। चालक द्वारा वीडियो रिकॉर्ड करने पर उसके साथ धक्का-मुक्की भी की गई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस निरीक्षक, रजौली अंचल द्वारा रजौली थाना अंतर्गत चितरकोली पोस्ट पर स्थल जांच की गई। जांच में यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ कि घटना में शामिल सभी गृहरक्षकों ने कर्तव्य के विपरीत आचरण किया और आरोप सही पाए गए।

निलंबित किए गए गृहरक्षकों के नाम
जांच में दोषी पाए गए 11 गृहरक्षक सिपाही इस प्रकार हैं— शीतल कुमार, ईश्वरी प्रसाद, जवाहर प्रसाद, कन्हैया कुमार, अतीश कुमार, रघुनन्दन प्रसाद, महेश कुमार, रणधीर कुमार, सुधीर कुमार, श्री यादव एवं मनोज कुमार शामिल हैं। जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सभी गृहरक्षकों ने अनुशासनहीन, अमर्यादित आचरण किया और अपने कर्तव्यों का समुचित निर्वहन नहीं किया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा इनके विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई।

डीएम का कड़ा आदेश
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने सभी 11 गृहरक्षकों को बिहार गृहरक्षक नियमावली, 1953 के नियम-16 (1) (v) के अंतर्गत निलंबित करते हुए अगले आदेश तक कर्तव्य से वंचित कर दिया है।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि कर्तव्य में लापरवाही, अवैध वसूली और आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

