नवादा में यहां खुला 20 सूत्री कार्यालय, क्या कहा प्रभारी मंत्री व सांसद, पढ़ें पूरी खबर

प्रभारी मंत्री व सांसद ने किया विकास भवन में 20 सूत्री कार्यालय का संयुक्त रुप से उद्घाटन, प्रभारी मंत्री ने की पारदर्शी कार्य की अपील

Report by Nawada News Xpress

नवादा / सूरज कुमार

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले के विकास भवन में 20 सूत्री कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सह नवादा जिला के प्रभारी मंत्री जिवेश कुमार और नवादा के सांसद विवेक ठाकुर ने संयुक्त रूप से

फीता काटकर कार्यालय का शुभारंभ किया। मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल मेहता, जदयू जिलाध्यक्ष मुकेश विद्यार्थी, नंदकिशोर चौरसिया, शशि कुमार शेष तथा राजीव कुमार सहित एनडीए के कई लोग मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री ने कहा अब जनता को सीधा मिलेगा लाभ 

उद्घाटन के बाद प्रभारी मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि 20 सूत्री कार्यालय जिले में सकारात्मक, पारदर्शी और परिणामोन्मुख कार्यों का केंद्र बनेगा। इसके माध्यम से विकास और जनकल्याण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि जनता को सीधा लाभ मिल सके।

सांसद विवेक ठाकुर ने कहा 20 सूत्री कार्यालय के जरिए योजनाओं का होगा बेहतर क्रियान्वयन

सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि नवादा जिला विकास की अपार संभावनाओं से भरा है। 20 सूत्री कार्यालय के जरिए योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा और जिले की जनता तक सुविधाएं तेजी से पहुंचेंगी।

क्या है जिला 20 सूत्री कार्यालय की प्रमुख दायित्व

  • कार्यक्रम का क्रियान्वयन: 20 सूत्री कार्यक्रम के तहत निर्धारित योजनाओं और लक्ष्यों को जिले में लागू करना और उनकी निगरानी करना।
  • समन्वय: विभिन्न सरकारी विभागों, गैर सरकारी संगठनों और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करना ताकि कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
  • अनुश्रवण: कार्यक्रम के कार्यान्वयन की प्रगति की नियमित रूप से निगरानी करना और कमियों की पहचान करना।
  • समीक्षा: कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करना और आवश्यक सुधारों के लिए सिफारिशें करना।
  • प्रोत्साहन: कार्यक्रम के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए लोगों को प्रेरित करना और प्रोत्साहित करना।
  • जागरूकता: आम जनता के बीच कार्यक्रम के बारे में जागरूकता बढ़ाना।
  • लक्ष्य निर्धारण: राज्य सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप जिले के लिए लक्ष्य निर्धारित करना और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रयास करना।
  • रिपोर्टिंग: कार्यक्रम के कार्यान्वयन की प्रगति पर नियमित रूप से उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट करना।
  • वित्तीय प्रबंधन: कार्यक्रम के लिए आवंटित धन का प्रभावी ढंग से उपयोग करना।

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