चूल्हा-चौका छोड़ किताबों की ओर बढ़ीं महिलाएं, हिसुआ के इस गांव में अचानक उमड़ी ऐसी भीड़ कि सब रह गए हैरान!

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर ज्ञान विज्ञान समिति का अभियान, पढ़ने-लिखने की चाहत लेकर सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं पहुंचीं; शिक्षा को बताया जीवन बदलने का सबसे बड़ा हथियार
Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार
नवादा। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से हिसुआ प्रखंड के दौलतपुर गांव में ग्रामीण महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान महिलाओं को पढ़ने-लिखने के महत्व की जानकारी देते हुए उन्हें शिक्षा से जुड़ने और अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में महिलाओं को बताया गया कि पढ़ाई केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने अधिकारों को समझने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और आत्मनिर्भर बनने का महत्वपूर्ण माध्यम है। शिक्षा के अभाव में कई महिलाएं आज भी सरकारी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाती हैं।

समिति की अध्यक्ष पुष्पा कुमारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में शिक्षा का काफी अभाव है। लंबे समय से उनका जीवन घर और चूल्हा-चौका तक सीमित रहा है। ऐसे में उन्हें शिक्षा से जोड़ना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से शिक्षक दिवस पखवारा के तहत यह अभियान शुरू किया गया है, जिसमें महिलाओं को पढ़ना-लिखना सिखाने के साथ शिक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी और बड़ी संख्या में मौजूदगी यह साबित करती है कि उनके भीतर आज भी पढ़ने और आगे बढ़ने की प्रबल इच्छा है। जरूरत है तो बस उन्हें सही दिशा और अवसर देने की।

अध्यक्ष ने बताया कि ज्ञान विज्ञान समिति साक्षरता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए लंबे समय से काम कर रही है। समिति ने केरल में संपूर्ण साक्षरता अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में साक्षरता का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया। आज भी समिति शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रही है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि शिक्षा को विकास की प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखा जाए, ताकि ग्रामीण और वंचित वर्ग की महिलाएं भी पढ़-लिखकर अपने अधिकारों को समझ सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। मौके पर समिति की अध्यक्ष पुष्पा कुमारी, लालमुनी चौधरी, अशोक कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं मौजूद थीं।



