“जिस रिकॉर्ड के लिए कभी खंगालनी पड़ती थीं फाइलें, अब एक क्लिक में होगा सामने! नवादा कोर्ट में शुरू हुआ बड़ा डिजिटल बदलाव”

कागजों के ढेर से डिजिटल रिकॉर्ड तक पहुंचा नवादा कोर्ट, जिला जज ने किया स्कैनर सिस्टम का उद्घाटन; पहले पुराने और फिर चल रहे केसों के रिकॉर्ड होंगे सुरक्षित
Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार
नवादा व्यवहार न्यायालय में न्यायिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब कोर्ट के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को केवल कागजों में सुरक्षित रखने के बजाय डिजिटल रूप में भी संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए न्यायालय परिसर में डिजिटल स्कैनर प्रणाली की शुरुआत की गई है।

इस डिजिटल व्यवस्था का विधिवत उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार झा एवं परिवार न्यायालय के न्यायाधीश गिरधारी उपाध्याय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।

सुप्रीम कोर्ट एवं हाई कोर्ट के निर्देशानुसार शुरू की गई इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य न्यायालय के रिकॉर्ड को लंबे समय तक सुरक्षित रखना और आवश्यकता पड़ने पर उसे तत्काल उपलब्ध कराना है।

पहले डिस्पोजल केस, फिर रनिंग रिकॉर्ड की बारी
सिस्टम ऑफिसर शहनवाज अली ने बताया कि पेपरलेस प्रणाली के तहत सबसे पहले डिस्पोजल केस के रिकॉर्ड को डिजिटल स्कैन किया जाएगा। इसके बाद न्यायालय में चल रहे रनिंग केसों के रिकॉर्ड को भी स्कैन कर डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की अनहोनी अथवा रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचने की स्थिति में न्यायालय के महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रहें, इसी उद्देश्य से सभी रिकॉर्ड की डिजिटल स्कैनिंग की जा रही है। इससे पुराने कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम होगी और जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड को कंप्यूटर के माध्यम से तत्काल खोजकर निकाला जा सकेगा। इस व्यवस्था के लिए एक्सक्लूसिव स्पेशल जज (एससी/एसटी केस) संजय कुमार झा को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। डिजिटल स्कैनिंग पूरी होने के बाद न्यायालय के रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखने की दिशा में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित होगी।

अब रिकॉर्ड तलाशने में नहीं लगेगा घंटों का समय
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने के बाद न्यायालय को किसी पुराने दस्तावेज की जरूरत पड़ने पर कागजों के बीच रिकॉर्ड तलाशने की परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी। जरूरत के अनुसार रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से शीघ्र प्राप्त किया जा सकेगा। साथ ही, महत्वपूर्ण न्यायिक दस्तावेजों को सुरक्षित रखने में भी यह प्रणाली मददगार होगी।

उद्घाटन के मौके पर डीएएसजे प्रथम धनंजय कुमार सिंह, डीएएसजे द्वितीय उपेन्द्र कुमार, डीएएसजे तृतीय उमेश कुमार, डीएएसजे पंचम रश्मि, एक्सक्लूसिव स्पेशल जज द्वितीय कुमारी विजया, एक्सक्लूसिव स्पेशल जज प्रथम ज्योति कुमारी, डीएएसजे-11 आशुतोष खेतान, एक्सक्लूसिव स्पेशल जज पॉक्सो विकास झा, डीएएसजे नवम् आनंद भूषण, डीएलएसए सचिव अरविंद कुमार, जैकी हैदर, सिस्टम ऑफिसर अमित कुमार सहित दर्जनों न्यायिक पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।

