झोलाछाप डॉक्टर और दो सिपाही किससे घुस लेते हुआ गिरफ्तार, एसपी ने निलंबित कर भेजा जेल, पढ़ें पूरी खबर 

हाइवे पर बाइक जांच के दौरान डायल 112 बाइक टीम के दो सिपाही हेलमेट जांच के क्रम में ले रहा था 10 हजार रूपये, घुस का 18 सौ रूपये यूपीआई ट्रांसफर कराया था अपने एक झोलाछाप डॉक्टर के खाते में 

Report by Nawada News Xpress 

नवादा / सूरज कुमार 

नवादा जिले में डायल-112 बाइक की पुलिस टीम अपने उद्देश्य में विफल साबित हुई है। पीड़ितों को सुरक्षा के नाम पर खुद लूटपाट मचा रही है। लूट का जब पक्का सबूत ऑनलाइन और ऑफलाइन का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तब नवादा एसपी की निंद खुली।

आमतौर पर पुलिस कितनी ही संज्ञेय अपराध कर दे ढाल बनकर खड़े रहने वाले एसपी को कार्रवाई के लिए विवश होना पड़ा। यह पहला ऐसा अवसर था जब उन्होंने किसी पुलिसकर्मी के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कर अवैध वसूली कर रहे डायल-112 बाइक के दो सिपाही तथा वसूली की राशि मोबाइल पर लेने वाले एक झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तारी का आदेश दिया।

क्या था मामला
नवादा जिले से गुजरने वाली एनएच-20 पर डायल-112 की बाइक टीम के दो जवान इंद्रजीत कुमार एवं सुनील भारती शहर के खरीदी बिगहा इलाके में बाइक जांच कर रहे थे, तभी पीड़ित मिस्त्री सूरज कुमार को हेलमेट नहीं पहनने के आरोप में उससे 10 हजार नजायज राशि के रूप में मांग किया।

जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित से 8 हजार नगद लिया और 18 सौ शेष राशि यूपीआई के माध्यम से लिया। वह यूपीआई किसी और का नहीं, बल्कि उनके दोस्त जो इस इलाके में ग्रामीण चिकित्सक के रूप में काम करते हैं और अपने आप को डॉ पंकज उर्फ निर्मल के नाम से इलाके में जाने जाते हैं।

उनके खाते में 18 सौ रुपये ट्रांसफर किया गया था। जिसका वीडियो बनाकर वायरल किया गया, उसके बाद पुलिस ने उन तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ज्ञात हो कि इस पूरी घटना की जानकारी जब नवादा एसपी अम्बरीष राहुल को मिली तब एसपी ने सदर एसडीपीओ अनोज प्रसाद को जांच का जिम्मा सौंपा। जांच के क्रम में यह बात सत्य पाई गई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया गया है। वहीं पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस महकमा में खलबली मच गया है।

वाहन जांच के नाम पर हो रहा था अवैध वसूली
बताया जाता है कि 4 सितम्बर को वाहन जांच के नाम पर अवैध राशि की वसूली डायल-112 बाइक की पुलिस कर रही थी। पीड़ित मिस्त्री सूरज कुमार काम कर वापस घर लौट रहा था।

वाहन जांच व जुर्माना के नाम पर न केवल नगदी, बल्कि मोबाइल फोन से नाजायज राशि की वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी हुआ। पुलिस की जमकर किरकिरी हुई, तब कहीं जाकर एसपी की निंद खुली। बहरहाल एसपी की इस कार्रवाई की चर्चा पूरे जिले में हो रही है।

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