बहू की हत्या के आरोप में कहीं जेल जाने की सदमा से सास ने दम तो नहीं तोड़ दिया, 36 दिनों से जेल में बंद थी महिला 

तबियत बिगड़ने पर सदर अस्पताल लाने के दौरान महिला बंदी ने तोड़ दिया दम, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया पटना 

Report by Nawada News Xpress 

नवादा / सूरज कुमार 

नवादा जिले के मंडल कारा में एक विचारधीन महिला बंदी की मौत जेल जाने के 36 दिन में ही हो गई है। महिला बंदी की मौत मधुमेह रोग से ग्रसित व हार्ट अटैक से होने की बात सामने आ रही है,

लेकिन एक बात यह भी चर्चा में है कि बहू की हत्या के आरोप में जेल गई सास की मौत कहीं सदमा के कारण तो नहीं हो गया। फिलवक्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सब कुछ साफ हो पायेगा।

मृतक महिला बंदी रजौली थाना क्षेत्र के अंबातारी गांव निवासी किशुन प्रसाद यादव की 61 वर्षीय पत्नी धनमा देवी है। जेल अधीक्षक अजीत कुमार ने मीडिया को बताया कि महिला बंदी को गंभीर शुगर बीमारी था और गुरुवार को उसकी तबीयत जेल में ही बिगड़ने लगी।

उसकी स्थिति को देखते हुए शुरुआती दौर में उसका इलाज जेल में चिकित्सकों के द्वारा किया गया। उसके बाद बेहतर इलाज के लिए जेल चिकित्सक ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल पहुंचने के बाद महिला बंदी मौत हो चुकी थी।

उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल 2024 को महिला बंदी अपने बहू की हत्या के आरोप में जेल आई थी। फिलहाल इस घटना के बाद महिला बंदी के परिजनों को इसकी जानकारी दे दी गई है। पति-पत्नी दोनों दहेज उत्पीड़न को लेकर बहू की हत्या के मामले में जेल में बंद है।

सदर अस्पताल आने से पहले मृतक मिला अपने पति से जेल में मुलाकात की थी। जहां पति ने पत्नी की तबीयत के बारे में पूछताछ किया और भोजन क्या किया इसके बारे में भी पूछा था, परंतु हमलोग जब उसे अस्पताल लेकर पहुंचे

तो यहां के डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी डीएम व एसपी सहित वरीय अधिकारी को दे दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस अभिरक्षा में पटना भेजा जा रहा है। वहीं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एसडी अरैय्यर ने बताया कि

अस्पताल आने से पूर्व महिला बंदी की मौत हो चुकी थी। वह लंबे समय से डायबिटीज पेशेंट थी। हार्ट अटैक से मौत होने की संभावना है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उसकी मौत कैसे हुई है।

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