डेढ़ दशक पूर्व नवादा के चर्चित डॉ बीसी शर्मा के अपहरण कर हत्या कांड का अभियुक्त निकला महिला का हत्यारा, पत्नी व पुत्र के साथ ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे, पढ़ें पूरी खबर  

जमीनी विवाद में एक महिला की हत्या मामले में हुआ गिरफ्तार, नक्सलियों के साथ भी रहा सांठ-गांठ
गिरफ्तार आरोपियों के घर से हत्या में प्रयुक्त फलसा, एक कट्टा, एक देशी थर्नट, तीन खोखा व एक कारतूस भी पुलिस ने किया बरामद
गिरफ्तार मुख्य आरोपी का अपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी पुलिस, डॉ बीसी शर्मा अपहरण हत्या में जा चुका है जेल

Report by Nawada News Xpress 

नवादा / सूरज कुमार 

नवादा जिले की पुलिस ने एक ऐसे मामले का उद्भेदन करने में सफलता हासिल की है, जिसका सुराग नवादा के चर्चित डॉ बीसी शर्मा अपहरण हत्या कांड से जुड़ा है। इतना ही नहीं गिरफ्तार मुख्य आरोपी का नक्सलियों से भी पूर्व में सांठ-गांठ रह चुका है। दरअसल जिले के रजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत फरक्का बुजुर्ग स्थित

पहवाचक गांव में कुछ लोगों द्वारा एक महिला को धारदार हथियार से जख्मी कर दिया गया था, जिसकी मौत इलाज के क्रम में हो गई। इस घटना को लेकर पुलिस ने जब तफ्तीश करना शुरू किया तो हत्यारा मुख्य आरोपी पेशेवर अपराधी निकला। जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित उसकी पत्नी और पुत्र को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। 

घर से बरामद हुआ हथियार 

वहीं पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान जब उसके घर की तलाशी लेना शुरू किया तो महिला की हत्या में प्रयुक्त फलसा सहित एक कट्टा, एक देशी थर्नट, तीन खोखा व एक कारतूस भी पुलिस ने बरामद किया। इसको लेकर रविवार को पुलिस कार्यालय के सभागार में रजौली एसडीपीओ गुलशन कुमार ने प्रेसवार्ता कर बताया कि घटना के 24 घंटे के अन्दर महिला हत्या कांड में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि शनिवार 16 नवम्बर 2024 की देर शाम रजौली थाना क्षेत्र के फरका बुजुर्ग अंतर्गत पहवाचक गांव में कुछ लोगों द्वारा स्थानीय निवासी विनोद चौधरी की 45 वर्षीय पत्नी कलावती देवी को धारदार हथियार से जख्मी कर दिया गया, जिसकी मौत इलाज के दौरान सदर अस्पताल में हो गई। उन्होंने बताया कि घटन की सूचना मिलने के बाद पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्क्षण घटनास्थल पर पहुंच आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। 

एफएसएल की टीम द्वारा किया गया साक्ष्य संकलन 

एफएसएल टीम के द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण एवं साक्ष्य संकलित किया गया। मृतक के पति विनोद चौधरी के फर्दबयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। मामले को गम्भीरता से लेते हुए एसपी अभिनव धीमन ने रजौली एसडीपीओ गुलशन कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया। गठित एसआईटी द्वारा आसूचना संकलन कर संलिप्त अभियक्तों की गिरफ्तारी को लेकर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई।

छापेमारी के क्रम में मुख्य अभियुक्त चरित्र यादव का पुत्र उमाशंकर यादव को रजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत गागन खुर्द स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया, वहीं पुलिस द्वारा उसके घर की तलाशी ली गई, तब वहां से हत्या में प्रयुक्त फलसा सहित उक्त हथियार व कारतूस तथा तीन खोखा बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार उमाशंकर की निशानदेही पर उसके ससुराल अकबरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लोहसिंघना गांव से उसकी पत्नी मीना देवी तथा पुत्र अभिषेक यादव को गिरफ्तार किया गया। 

जमीनी विवाद को लेकर दिया घटना को अंजाम 

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार किया एवं अपने स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि उनके और वादी पक्ष के बीच जमीन को लेकर पूर्व से विवाद चला आ रहा है। इस संबंध में अभियुक्त पक्ष के द्वारा न्यायालय में टाइटिल सूट भी किया गया है। घटना के दिन रजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत पहवाचक गांव में वादी पक्ष के लोग खेत में काम कर रहे थे।

शाम के लगभग 3.30 बजे जब अभियुक्त पक्ष मोटर का लाइन देने के लिए खेत में आए तो पूर्व के विवाद को लेकर दोनों पक्ष फिर से उलझ गये। इसी क्रम में अभियुक्त पक्ष द्वारा धारदार हथियार से महिला पर वार कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया, जिसकी मौत इलाज के क्रम में हो गई। एसडीपीओ श्री कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध रजौली थाना में आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

गिरफ्तार उमाशंकर नवादा के चर्चित डॉ बीसी शर्मा के अपहरण कर हत्या मामले में जा चुका है जेल

प्रेसवार्ता के दौरान एसडीपीओ गुलशन कुमार ने बताया कि महिला की हत्या मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी उमाशंकर यादव का अपराधिक इतिहास रह चुका है। लगभग डेढ़ दशक पूर्व नवादा के चचित डॉ बीसी शर्मा के अपहरण कर हत्या करने के मामले में जेल जा चुका है। इसके अलावा उनके विरूद्ध रजौली थाना में कांड संख्या-02/2003 दर्ज है। बताया गया कि उमाशंकर का नक्सली संगठन से भी जुड़े रहने की बात सामने आ रही है, जिसकी जांच पड़ताल की जा रही है।

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