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नवादा ने खो दिया अपना आध्यात्मिक स्तंभ: नहीं रहे शोभनाथ मंदिर के पूजारी, भाजपा नेता और जेपी आंदोलनकारी श्री पांडेय

सुबह से अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब, जिलेभर में शोक की लहर; ब्राह्मण महासभा और अध्यात्म भारती परिषद ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, हर आंख हुई नम

Report by Nawada News Xpress/ नवदा / सूरज कुमार

नवादा की धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक पहचान से जुड़े एक युग का अंत हो गया। शोभनाथ मंदिर के प्रसिद्ध पूजारी, भाजपा के वरिष्ठ नेता और जेपी आंदोलन के सक्रिय सेनानी श्री पांडेय के आकस्मिक निधन से पूरे जिले में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है। उनके निधन की खबर फैलते ही सुबह से ही उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लग गया। हर वर्ग के लोग नम आंखों से अपने प्रिय “पंडित जी” को अंतिम विदाई देने पहुंचे। श्री पांडेय केवल एक पुजारी नहीं थे, बल्कि नवादा की धार्मिक आस्था, सामाजिक सेवा और जनसरोकारों का एक मजबूत स्तंभ थे। वर्षों तक उन्होंने शोभनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने रहे। धार्मिक कार्यों के साथ-साथ सामाजिक सेवा और जनहित के मुद्दों पर भी उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें जिलेभर में सम्मान दिलाया।

उनके पिता स्व. नंदकिशोर पांडेय नगर के कन्हाई इंटर विद्यालय में संस्कृत के शिक्षक रहे और संस्कृत के प्रकांड विद्वान के रूप में उनकी अलग पहचान थी। उसी संस्कार और विद्वता की विरासत को श्री पांडेय ने आगे बढ़ाया और अपने व्यक्तित्व से समाज में अमिट छाप छोड़ी। परिवार में उनके चार पुत्र और चार पुत्रियां हैं। इनमें एक पुत्र और एक पुत्री अभी अविवाहित हैं। उनके पुत्र प्रकाश पांडेय अब नगर के कई मंदिरों में दुर्गा पाठ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जिसे लंबे समय तक स्वयं श्री पांडेय निभाते रहे थे।

शोकसभा में उमड़ा समाज, दो मिनट का मौन रख दी गई श्रद्धांजलि

ब्राह्मण महासभा और अध्यात्म भारती परिषद ने संयुक्त रूप से उनके आवास पर शोकसभा का आयोजन किया। शोकसभा की अध्यक्षता श्याम सुंदर पांडेय ने की। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। इस अवसर पर अभिमन्यु कुमार पांडेय, पंडित मोहन पांडेय, संजय पांडेय, पंडित विद्याधर पांडेय, विनोद पांडेय, लक्ष्मण पांडेय, विनोदानंद झा, परमानंद पांडेय, कवि अशोक प्रियदर्शी, राजेंद्र पांडेय, विष्णुदेव जी, मनोज मिश्र, सूर्यकांत पांडेय, नरेश पांडेय, शैलेन्द्र पांडेय, श्रीकांत पांडेय, पुरुषोत्तम पांडेय, श्याम सुंदर जी, राकेश पांडेय, गौतम उपाध्याय, रविन्द्र पांडेय तथा शोभनाथ मंदिर के मंटू पांडेय सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

एक ऐसी शख्सियत, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस करेगा नवादा

श्री पांडेय का जीवन धर्म, सेवा, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण का पर्याय था। उनके निधन से न केवल शोभनाथ मंदिर, बल्कि पूरे नवादा जिले ने एक ऐसे मार्गदर्शक को खो दिया है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी। उनकी सादगी, विद्वता और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

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