“नवादा में ‘अनाज घोटाला’ का बड़ा खेल! गरीबों के राशन में सड़ा चावल, सिस्टम पर गंभीर सवाल”

जनसुराज का बड़ा आरोप—अच्छे चावल की हेरा-फेरी, घटिया अनाज की सप्लाई; गोदाम से लेकर बाजार तक फैला रैकेट, उच्चस्तरीय जांच की मांग

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले में राशन व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जनसुराज पार्टी ने आरोप लगाया है कि गरीब उपभोक्ताओं को घटिया और सड़े हुए चावल की आपूर्ति की जा रही है, जबकि अच्छे गुणवत्ता वाले चावलों की बड़े स्तर पर हेरा-फेरी हो रही है।

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सैयद मसीह उद्दीन ने राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को भेजे ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक, सहायक गोदाम प्रबंधक और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है। आरोप है कि अच्छे चावल को अलग कर उसकी आकर्षक पैकेजिंग कर बाजार में 50 से 70 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है, जबकि उपभोक्ताओं को खाने लायक नहीं सड़ा चावल दिया जा रहा है।

ज्ञापन में यह भी खुलासा किया गया है कि नवादा औद्योगिक क्षेत्र में एक अवैध रूप से संचालित गोदाम इस पूरे रैकेट का केंद्र बना हुआ है। यहां अच्छे चावलों की छंटाई कर सड़े चावल को सरकारी बोरों में भरकर ट्रकों के जरिए विभिन्न प्रखंडों के गोदामों तक पहुंचाया जाता है, जहां से यह राशन दुकानों के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक महिला के नाम पर बियाडा की जमीन लीज पर लेकर बनाए गए इस गोदाम को बिहार राज्य खाद्य निगम को किराए पर दिया गया है।

आरोप है कि इसी परिसर से पूरे ‘अनाज घोटाले’ का संचालन हो रहा है। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब हिसुआ के विधायक अनिल सिंह ने 12 अप्रैल को नरहट प्रखंड स्थित खाद्य निगम गोदाम का निरीक्षण किया। जांच में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं—बोरों में 51 किलो की जगह मात्र 43 किलो चावल, लोकल सिलाई और सड़े-गले अनाज की सप्लाई।

13 अप्रैल को जांच टीम के सामने दर्जनों राशन दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने भी अनियमितताओं की पुष्टि की। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि पूरे जिले में योजनाबद्ध तरीके से बड़े पैमाने पर “अनाज घोटाला” चल रहा है। जनसुराज पार्टी ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि गरीबों के हक पर डाका डालने वाले इस नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page