नवादा में फिर गूंजेगी चीनी की मिठास! वारिसलीगंज में चीनी मिल स्थापना की दिशा में बड़ा कदम, भूमि चयन कार्य शुरू
एडीएम–डीसीएलआर ने तीन संभावित स्थलों का किया निरीक्षण, जमीन का पूरा ब्योरा जाएगा सरकार के पास
Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

राज्य सरकार के निर्देश पर नवादा जिले में चीनी मिल स्थापना की कवायद तेज हो गई है। बुधवार को नवादा जिले के वारिसलीगंज प्रखंड में एडीएम अमित अनुराग और डीसीएलआर गौरव शंकर ने अंचल अधिकारी राजेश कुमार के साथ तीन अलग–अलग सरकारी भूमि स्थलों का गहन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मकनपुर गांव के पश्चिम पौरा पूर्वी नहर से पश्चिमी मनीगढ़ खंधा, माफी गांव से पश्चिम नारोमुरार गांव के पूरब मरलाही नदी खंधा तथा ठेरा पंचायत के महेशपुर खंधा स्थित सरकारी भूमि को चिन्हित किया गया।

अब इन जमीनों का खाता, खेसरा और नजरी नक्शा तैयार कर जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को भेजा जाएगा, जिसके बाद चीनी मिल स्थापना की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

किसानों में जगी उम्मीद, युवाओं को दिखा रोजगार का सपना
भूमि निरीक्षण की खबर से इलाके के किसानों और बेरोजगार युवाओं में उत्साह की लहर है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर वारिसलीगंज में चीनी मिल स्थापित होती है, तो गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, मजदूरों को काम मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है।

स्थानीय युवाओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को सहयोग किया। अब सबकी नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी है—क्या वारिसलीगंज में फिर से चीनी की सोंधी खुशबू बिखरेगी। वैसे आने वाले दिनों में वारिसलीगंज रोजगार का हब बनने जा रहा है,

दरअसल यहां चीनी मील की सौगात मिलने से पूर्व सीमेंट फैक्ट्री का निर्माण शुरू हो गया है, इस लिहाज से वारिसलीगंज को दोहरी सौगात हाथ लगी है, जिससे क्षेत्र वासियों में रोजगार को लेकर काफी उम्मीदें जगी है।


