जानें कैसे नवादा बनने जा रहा है देश की ‘रेयर अर्थ कैपिटल’?, लोकसभा में उठा सवाल, धरती के नीचे छिपे खजाने की तलाश तेज
केंद्र सरकार का बड़ा खुलासा : देश की टेक्नोलॉजी और रक्षा ताकत से जुड़ा नवादा में चल रहा है हाई-लेवल सर्वे, रेयर अर्थ खोज ने बदली नवादा की किस्मत? सितंबर-अक्टूबर तक खुल सकता है राज
Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

बिहार के नवादा जिले की धरती अब सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि भविष्य की टेक्नोलॉजी का केंद्र बन सकती है। लोकसभा में भाजपा नेता एवं नवादा सांसद विवेक ठाकुर द्वारा उठाए गए एक सवाल ने राजनीतिक गलियारों से लेकर वैज्ञानिक हलकों तक हलचल मचा दी है। सवाल है—क्या नवादा और आसपास के जिलों की जमीन के नीचे दुर्लभ मृदा तत्वों का विशाल भंडार छिपा है?

देश की रणनीतिक ताकत से जुड़ा है नवादा
सांसद विवेक ठाकुर ने सदन में साफ शब्दों में कहा कि दुर्लभ मृदा तत्व (REE) आज इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर चिप, सोलर व पवन ऊर्जा तथा मिसाइल और रक्षा तकनीक जैसे क्षेत्रों के लिए ऑक्सीजन बन चुके हैं। इन खनिजों पर पकड़ ही आने वाले दशकों में देश की आर्थिक और सैन्य शक्ति तय करेगी।

छोटानागपुर पठार का ‘हॉटस्पॉट’ बना नवादा
सांसद ने बताया कि छोटानागपुर पठार क्षेत्र—जहां ग्रेनाइट, पैग्मेटाइट और माइका की चट्टानें मौजूद हैं, जो दुर्लभ मृदा तत्वों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इस क्षेत्र में नवादा, शेखपुरा, जमुई, नालंदा और गया जैसे जिले शामिल हैं, जो अब वैज्ञानिकों के रडार पर आ चुके हैं।

सरकार का बमशेल: नवादा में चल रहा है हाई-लेवल सर्वे
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि परमाणु खनिज निदेशालय (AMD) के अधीन नवादा जिले में इस समय G-4 स्तर का भूवैज्ञानिक और विकिरणमापी सर्वेक्षण चल रहा है—जो खोज की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है। मंत्री के मुताबिक यह सर्वेक्षण अगले छह महीनों में, यानी सितंबर–अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

नवादा में खुल सकता है विकास का ‘गेम-चेंजर दरवाजा’
सांसद विवेक ठाकुर ने केंद्र सरकार के इस आश्वासन का स्वागत करते हुए कहा कि यदि खोज सफल होती है, तो इससे भारत की खनिज सुरक्षा मजबूत होगी और बिहार को औद्योगिक पहचान मिलेगी। साथ ही नवादा में हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

खनिजों से बदलेगी नवादा की तकदीर?
अब सवाल यही है— क्या नवादा की धरती देश के भविष्य की नींव रखेगी? क्या यह जिला आने वाले समय में रेयर अर्थ एलिमेंट्स का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा? इन सवालों के जवाब अगले कुछ महीनों में सामने आएंगे, लेकिन इतना तय है कि नवादा अब हाशिए पर नहीं रहा बल्कि, राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में आ चुका है।


