मानवता को शर्मसार करने वाली घटना पर एडवा ने क्यों की दोषियों को कड़ी सजा की मांग, पढ़ें पूरी खबर

डायन के नाम पर बर्बरता के बाद पीड़िता की गांव पहुंची एडवा की टीम, जाना पति की मौत का कारण, जिंदगी और मौत से जूझ रही पत्नी का लिया हाल

Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले के हिसुआ पांचूगढ़ नगर परिषद वार्ड संख्या- 5 के महादलित टोला में घटित घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। इस घटना की सूचना पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) की राष्ट्रीय टीम जायजा लेने पीड़ित के गांव पहुंची। बताया गया कि यहां दबंगों ने ओझा-धामी और डायन का आरोप लगाकर एक दंपति पर अमानवीय अत्याचार किया।

गांव के ही दबंगों ने गया मांझी और उनकी पत्नी समुन्दरी देवी को न सिर्फ लाठी-डंडे से पीटा, बल्कि दोनों का बाल मुंडवाकर और चेहरा पर कालिख-चूना पोतकर पूरे गांव में घुमाया। बर्बरता की इंतहा तब हुई जब मारपीट से बुरी तरह घायल गया मांझी ने दम तोड़ दिया, जबकि उनकी पत्नी समुन्दरी देवी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं।

“अगर पुलिस सक्रिय होती तो बच जाती एक जान”

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामपरी और जिला सचिव पुष्पा कुमारी ने पीड़ित परिजनों व ग्रामीणों से मुलाकात कर घटना की घोर निंदा की। सचिव पुष्पा कुमारी ने कहा कि पुलिस की डायल-112 की गाड़ी मौके पर पहुंची थी, लेकिन वह कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। अगर पुलिस तत्परता दिखाती तो यह दर्दनाक घटना टल सकती थी।

कानून होने के बावजूद कुप्रथा जारी

उन्होंने कहा कि बिहार में 1999 में डायन विरोधी कानून बन चुका है, लेकिन आजादी के 79 साल बाद भी ऐसी कुप्रथाओं के नाम पर महिलाओं और गरीब दलितों पर जुल्म होना बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है।

एडवा की मांगें:

दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दी जाए, मृतक गया मांझी के परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए, गंभीर हालत में भर्ती समुन्दरी देवी का इलाज सरकारी खर्च पर निजी अस्पताल में कराया जाए, महादलित टोले में विशेष जागरूकता अभियान और शिक्षा की व्यवस्था हो, पीड़ित परिवार को रोजगार दिया जाए तथा झाड़-फूंक करने वाले ओझा-बाबाओं को जेल भेजा जाए।

छठी पूजन में डीजे बंद होने पर उपजा विवाद, बनी जानलेवा घटना

गांव निवासी मोहन मांझी के घर छठी पूजन के दौरान डीजे साउंड सिस्टम बार-बार बंद हो रहा था। इसी को आधार बनाकर गया मांझी और उनकी पत्नी पर टोना-टोटका का आरोप लगाया गया और भीड़ ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किया 17 लोगों को गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मोहन मांझी व 9 पुरुष और 7 महिलाएं शामिल हैं। बता दें कि यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी ही नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है कि अंधविश्वास और कुप्रथाएं आज भी हमारी सभ्यता को कलंकित कर रही हैं।

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