दफ्तर में हीटर, फिर भी कांप रहे साहब, ठंड में कांपते बच्चे जा रहे स्कूल, फिर क्यों खामोश हैं अधिकारी, ठंड में बच्चों का स्कूल जाना हुआ मुश्किल, पढ़ें पूरी खबर

हाड़ कांपने वाली ठंड में बच्चों के स्कूल बंद करने के सवाल पर डीएम ने कहा अभी स्कूल बंद करने जैसा नहीं है ठंड 

नये साल में तेजी से लुढ़का पारा, दिन में धूप का नहीं हो रहा दीदार, मंगलवार को रहा सबसे ठंड वाला दिन, अगले तीन दिनों तक तापमान में तेजी से गिरावट का है आसार

Report by Nawada News Xpress

नवादा / सूरज कुमार

नवादा में हाड़ कांपने वाली ठंड में प्रशासन अभी भी गम्भीर नहीं है। मंगलवार को डीएम रवि प्रकाश ने पत्रकारों से कहा अभी स्कूल बंद करने जैसी ठंड नहीं है, नवादा अभी ग्रीन जोन में है। गौरतलब हो कि नवादा जिले से सटे पड़ोसी जिलों में ठंड को लेकर बच्चों के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश जारी किया जा चुका है।

परंतु, नवादा में अभी भी हाड़ कंपाने वाली ठंड में छोटे-छोटे मासूम बच्चे कांपते हुए स्कूल जाने को विवश हैं। वहीं दूसरी तरफ देखें तो कई दफ्तर ऐसे हैं जहां ड्यूटी करने वाले साहब हीटर का सहारा लेने के बाद भी कांप रहे हैं, लेकिन कंपकपाती ठंड में मासूम बच्चों का ठिठुरते स्कूल जाने पर प्रशासन खामोश है।

नये साल में लगातार बढ़ रही ठंड के कहर से हर लोग त्रस्त है। मंगलवार की बात करें तो अब तक की सबसे अधिक ठंड वाला दिन साबित हुआ है। सुबह से घना कोहरा और शीतलहर ने जन-जीवन पर विराम लगा दिया। दिनों भर धूप के लिए लोग तरसते रह गये। सड़क किनारे लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने में जुटे रहे।

यातायात पर भी घने कोहरे का असर पड़ा है। इन सभी परिस्थितियों के बाद भी मासूम छोटे बच्चों का शिक्षण संस्थान खुला है। सुबह-सुबह छोटे बच्चे कांपते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। बावजूद जिला प्रशासन स्कूलों को बंद करने का आदेश पारित नहीं कर रही है। शिक्षा विभाग भी इसपर खामोशी साधे हुए है।

बच्चों के अभिभावकों की मानें तो उनके पास बच्चों के पढ़ाई की मजबूरी है। हालांकि, छोटे बच्चों के जितने भी स्कूल हैं वहां के अधिकांश बच्चे ठंड को लेकर अप्सेंट हैं। कई अभिावकों ने कहा पढ़ाई के चलते अपने बच्चों के जीवन से खिलवाड़ नहीं कर सकते हैं। प्रशासन को इसकी चिंता नहीं है, परंतु अभिभावकों ने कहा हम अपने बच्चों के प्रति जवाबदेही है।

बता दें कि अगले तीन दिनों तक जिले के तापमान में गिरावट का आसार दिख रहा है, जिसमें न्यूनतम तापमान 9 डिग्री से नीचे जा सकता है। लोगों का मांग है कि जिस तरह से पड़ोसी जिलों में ठंड के कहर को देखते हुए छोटे बच्चों का स्कूल बंद करने की घोषणा की गई है, उसी तरह नवादा में बच्चों को ठंड से बचाव को लेकर स्कूलों को बंद करने की घोषणा किया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page