प्रसाद बिगहा दुर्गा मंदिर में माता का भोग लगा महाप्रसाद लेने वाले श्रद्धालुओं की ऐसे उमड़ रही भीड़, जानें मंदिर की आस्था का क्या है अद्भुत दास्तान, पढ़ें पूरी खबर
मंदिर परिसर में दस दिनों तक अलग-अलग श्रद्धालुओं द्वारा तरह-तरह के व्यंजनों का लगाया जा रहा भोग, शनिवार को वितरण किया गया खिचड़ी
सुबह शाम माता की आरती में जुटती हैं सैकड़ों श्रद्धालु, मंदिर की आस्था से मन्नतें होती है पूरी, हर साल भक्त चढ़ाते हैं आभूषणों का चढ़ावा
Report by Nawada News Xpress
नवादा / सूरज कुमार


नवादा शहर का प्रसिद्ध प्रसाद बिगहा दुर्गा मंदिर में माता की दर्शन को लेकर नवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भीड़ हर दिन उमड़ रही है। वहीं नवरात्रि के प्रथम दिन से दसवीं तक मंदिर समिति के तत्वधान में माता दुर्गा का भोग लगा महाप्रसाद का वितरण किया जा रहा है, जिसको लेकर प्रसाद ग्रहण करने हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।

शहर के प्रसाद बिगहा विक्रम बैताल दुर्गा पूजा समिति के नेतृत्व में आयोजित महाप्रसाद चढ़ाने वाले हर दिन अलग-अलग श्रद्धालुओं द्वारा तरह-तरह के व्यंजनों का भोग लगाया जा रहा है। मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश विश्वकर्मा ने बताया कि माता का भोग लगा महाप्रसाद वितरण दसवीं तक किया जाना है।

इसमें समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों का भरपूर सहयोग से हर दिन दो हजार से अधिक लोगों को महाप्रसाद ग्रहण करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। अध्यक्ष श्री विश्वकर्मा ने बताया कि यहां हर दिन अलग-अलग प्रसाद का भोग लगाकर श्रद्धालुओं में वितरण करने की परम्परा को निभाया जाता रहा है।

इस आयोजन में मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश विश्वकर्मा, लाइसेंसी श्रवण कुमार, उपाध्यक्ष दानी यादव, सचिव तानो यादव, उपसचिव सूरज विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष राधे साव, उप कोषाध्यक्ष रंजन शर्मा, सह कोषाध्यक्ष त्रिपुरारी केशरी, संयोजक संजय यादव तथा भोला केशरी व सुरेंद्र विश्वकर्मा आदि जुटे हैं।

मन्नतें पूरी होने पर आभूषणों का चढ़ता है चढ़ावा
प्रसाद बिगहा माता दुर्गा के मंदिर की स्थापना आजादी के पूर्व 1945 में किया गया। यहां यूपी वाराणसी के पंडितों द्वारा यज्ञ कर शिवलिंग और हुनमान जी की प्रतिमा का स्थापना किया गया था। उस समय प्रसिद्ध पंडित लोकनाथ पांडेय उर्फ गुदड़ी पांडेय मंदिर के पुजारी बने।

उसके बाद से यहां स्थानीय लोगों की मदद से मंदिर का विस्तार करते हुए 1964 में प्रतिमा निर्माण कर पूजा शुरू किया गया। यह जानकारी देते हुए मंदिर के पुजारी श्री पांडेय ने बताया कि 90 के दशक में संगमरमर के माता दुर्गा जी की स्थापना की गई।

चार पीढ़ियों से एक ही परिवार के पुजारी कराते आ रहे हैं पूजा
इस मंदिर की शुरूआत से अब तक चार पीढ़ि गुदड़ी बाबा के परिवार ने जिम्मेदारी सम्भाल रखा है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले लोकनाथ उर्फ गुदड़ी बाबा, उसके बाद पंडित नंदकिशोर पांडेय, श्री पांडेय और अब प्रकाश पांडेय पूजा का कार्य भार सम्भाल रहे हैं।

प्रतिमा स्थापित के समय पूर्व विधायक कौशल यादव और उनकी धर्मपत्नी पूर्व विधायिका पूर्णिमा यादव का सहयोग काफी रहा। वर्तमान में स्थानीय लोगों ने मंदिर की देखरेख का जिम्मा ले रखे हैं। कहा जाता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर हर मुरादें पूरी हो जाती है। जिसको लेकर श्रद्धालु मन्नतें पूरी होने पर माता को आभूषणों का चढ़ावा चढाना नहीं भूलते हैं।

नवरात्रि में महाष्टमी को दर्शन का लगता है तांता
प्रसाद बिगहा दुर्गा मंदिर में वैसे तो सालों भर पूजा होती है। परंतु नवरात्रि में महाष्टमी पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। इसबार भव्य गोल्डेन पंडाल व आकर्षक लाईट से सजावट कराकर पूरे इलाके को जगमग करने की तैयारी की जा रही है। प्रजातंत्र चौक से लेकर म्यूजियम तक सजावट किया जा रहा है।

