किस रास्ते की मांग को लेकर ग्रामीणों ने नवादा के वारिसलीगंज में रेल का चक्का कर दिया जाम, पढ़ें पूरी खबर 

किउल-गया रेलखंड पर वारिसलीगंज के मय मोड़ के पास सैकड़ों ग्रामीणों ने रोका दोहरीकरण का काम
एमपी, एमएलए व जिले के अधिकारी सहित रेल अधिकारियों से लगा चुके हैं गुहार, कई बार हो चुकी है बड़ी दुर्घटनाएं
Report by Nawada News Xpress

नवादा / सूरज कुमार

पूर्व मध्य रेल अन्तर्गत दानापुर मंडल के किउल-गया रेलखंड  पर स्थित वारिसलीगंज प्रखंड के मय मोड़ के पास शुक्रवार को रास्ता की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रेल का चक्का जाम कर दिया। रेल जाम की सूचना पर वारिसलीगंज के प्रभारी थानाध्यक्ष रूपा कुमारी दलबल के साथ जाम स्थल पर पहुंच लोगों को समझा-बुझाकर रेल पटरी को जाम से मुक्त कराई।

इस दौरान मय गांव सहित दर्जनों गांव के लोग मय मोड़ के पास रेल फाटक या अंडर पास रास्ता की मांग करते हुए दोहरीकरण कार्य को रोक दिया। जाम स्थल पर पहुंचे स्थानीय थाना पुलिस तथा प्रशासन ने उनकी मांग को रेल विभाग के वरीय पदाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, तब लोगों ने ट्रेनों का परिचालन शुरू कराई। मिली जानकारी अनुसार किउल-गया रेलखंड का दोहरीकरण कार्य प्रगति पर है।

दोहरीकरण को लेकर वारिसलीगंज प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांव का रास्ता अवरूद्ध कर बंद किया जा रहा है, जिससे उक्त सभी गांवों के लोगों को प्रखंड मुख्यालय तथा जिला मुख्यालय आने के लिए कोसों दूर पैदल चलना होगा। रास्ता की मांग कर रहे मय, मोतालिफ़चक, बढ़नपुर, खैरा, चुल्हाय बीघा तथा बलवापर गांव के सैंकड़ो लोग

शुक्रवार को प्रखंड क्षेत्र के मय मोड़ के समीप निर्माणाधीन दोहरीकरण के कार्य को रूकवाते हुए रेल पटरी के बगल में बैठक कर शांति पूर्वक धरना दिया। इस दौरान रेल प्रशासन ऐतियात के तौर पर गया-किउल पैसेंजर ट्रेन को लगभग एक घंटे तक बाघीबरडीहा स्टेशन पर रोके रखा। बाद में किउल रेल थाना के वरीय पुलिस पदाधिकारी, नवादा रेल पुलिस एवं स्थानीय पुलिस धरना स्थल पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।

इस दौरान धरना पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि रेल परिचालन से मुझे कोई लेना देना नहीं है, लेकिन नई पटरी बिछाने का कार्य को तब तक अवरुद्ध रखूंगा, जब तक उपरोक्त गांवो के लिए आवागमन की कोई स्थायी समाधान नहीं कर लिया जाता है। प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए अधिकारी ने कहा कि फिलहाल उक्त स्थान के आगे पीछे कार्य होने दें। अधिकारी के समझाने के बाद धरना प्रदर्शनकर रहे लोग धरना समाप्त किया।

एमपी, एमएलए व जिले के अधिकारी सहित रेल अधिकारियों से लगा चुके हैं गुहार
मय मोड़ के समीप से जाने वाले लगभग एक दर्जन गांव के लगभग तीस हजार लोगों का रास्ता रेलवे ट्रैक दोहरीकरण के बाद अवरुद्ध हो जायेगा, जिससे लोग परेशान हैं। रास्ता अवरुद्ध होने से परेशान लोग रेलवे दोहरीकरण का कार्य शुरू होने के समय वर्ष 2022 में ही उक्त मोड़ पर हजारों लोगों द्वारा बिना रास्ता दिए कार्य शुरू करने का विरोध करते हुए धरना प्रदर्शन किया गया था।

तब रेलवे के वरीय अधिकारी द्वारा समस्या का समाधान कर देने का आश्वासन दिया गया था। उस समय से लेकर आज तक दर्जन भर गांव के लोगों द्वारा स्थानीय विधायक, सांसद, जिलाधिकारी तथा रेल अधिकारियों सहित अन्य को आवेदन देकर गुहार लगा चुके हैं, बावजूद अब तक किसी प्रकार का कार्य नहीं होने से लोग निराश हैं और धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हो गए हैं।

कई बार हो चुकी है बड़ी दुर्घटनाएं
किउल-गया रेलखंड पर सफीगंज गांव के समीप वर्ष 2016 में अनाधिकृत रेल फाटक पार करने के दौरान अचानक हावड़ा-गया एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से बोलेरो पर सवार आधा दर्जन बारातियों की मौत हो गई थी।

वहीं सोनवर्षा हॉॅल्ट के पास एक पेंट से भरी ऑटो खुली पटरी को पार करते समय अचानक ट्रेन की चपेट में आ गई। इसी प्रकार मय मोड़ के पास बच्चों को स्कूल लाने मय गांव जा रही एक स्कूल बस ट्रेन की चपेट में आकर चकनाचूर हो गई थी।

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