नवादा के कौआकोल बीडीओ सहित छह कर्मियों से डीडीसी ने क्यों मांगा स्पष्टीकरण, पढ़ें पूरी खबर 

कौआकोल प्रखंड प्रमुख की शिकायत बाद वरीय उपसमाहर्ता के जांच प्रतिवेदन के आधार पर हुई कार्रवाई
दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक महुडर के तत्कालीन प्रबंधक एवं कैशियर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश

Report by Nawada News Xpress

नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले के कौआकोल बीडीओ सुनील कुमार चांद सहित छह अन्य सरकारी कर्मियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। उन पर पीएम आवास तथा कन्या विवाह योजना में वित्तीय अनियमितता सहित अन्य गंभीर आरोपों में प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है।

प्रखंड प्रमुख रीना राय एवं उपप्रमुख अनन्त कुमार उर्फ नवीन यादव के लिखित शिकायत पर उक्त कार्रवाई की गई है। डीडीसी के आदेश पर वरीय उपसमाहर्ता विकास पांडेय के द्वारा किए गए जांच में मामला सही पाए जाने के बाद उनके द्वारा दिए गए प्रतिवेदन के आधार पर डीडीसी ने बीडीओ सहित सभी संबंधित कर्मियों से कारणपृच्छा करते हुए 15 दिनों के अंदर विन्दुवार स्पष्टीकरण समर्पित करने का आदेश दिया है।

वहीं कन्या विवाह के चेक का फर्जी ढंग से अन्य लाभुकों को भुगतान करने के आरोप में दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक महुडर के तत्कालीन प्रबंधक एवं कैशियर के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश डीडीसी ने क्षेत्रीय प्रबंधक, नवादा को दिया है। बीडीओ सहित जिन अन्य कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांग की गई है, उसमें प्रखंड कार्यालय के नाजिर संटू कुमार, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक राजीव कुमार, आवास सहायक रेणु देवी, निशांत तथा बिनोद कुमार शामिल हैं।

इस सम्बंध में प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि व जदयू के जिला महासचिव संजय यादव ने बताया कि कौआकोल बीडीओ सुनील कुमार चांद के द्वारा अपने कार्यकाल में फर्जी एवं बिल्कुल अवैध ढंग से गलत लाभुकों के खाते में पीएम आवास तथा कन्या विवाह आदि योजनाओं का राशि भेजकर आवास पर्यवेक्षक, आवास सहायकों एवं प्रखंड कार्यालय के नाजिर व बैंक कर्मियों की मिलीभगत से सरकारी राशि की लूट की गई।

मामला संज्ञान में आने के बाद इसकी शिकायत मगध आयुक्त, डीएम तथा डीडीसी सहित अन्य अधिकारियों से की गई, जिसके बाद डीडीसी के द्वारा जिले के वरीय उपसमाहर्ता विकास पांडेय के माध्यम से उक्त शिकायतों का विन्दुवार जांच किया गया

और जांच के बाद बीडीओ को सरकारी दस्तावेज में छेड़छाड़ कर लाभुकों को पीएम आवास का लाभ गलत ढंग से पहुंचाने एवं सरकारी राशि का बंदरवाट करने का दोषी मानते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही प्रपत्र-(क) गठन कर विभागीय कार्रवाई आरम्भ करने का अनुशंसा किया है।

वहीं महुडर, लालपुर एवं नावाडीह पंचायत के ग्रामीण आवास सहायक तथा प्रखंड के तत्कालीन ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक के विरुद्ध भी वित्तीय अनियमितता के मामले में प्राथमिकी दर्ज करते हुए अनुशासनिक कार्यवाही के अधीनस्थ करने की अनुशंसा की है साथ ही कन्या विवाह योजना के मामले में प्रखंड नाजिर के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने

व बैंक प्रबंधक व कैशियर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का अनुशंसा करने के साथ ही बैंक शाखा में हुए व्याप्त भ्रष्टाचार के जांच की अनुशंसा किया गया है। प्रमुख प्रतिनिधि संजय यादव ने बताया कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगने पर उक्त सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुई है।

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