ग्रेगर जॉन मेंडल जयंती सप्ताह पर आयोजित प्रतियोगिता में जलवायु परिवर्तन, डिजिटल शिक्षा, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे समसामयिक मुद्दों पर छात्रों ने रखे तथ्यपूर्ण तर्क; डॉ. अनुज बोले— ऐसी प्रतियोगिताएँ गढ़ती हैं भविष्य के नेतृत्वकर्ता
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। आधुनिक आनुवंशिकी (Genetics) के जनक महान वैज्ञानिक ग्रेगर जॉन मेंडल की जयंती सप्ताह के अवसर पर मॉडर्न इंग्लिश स्कूल, कुंती नगर, नवादा में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, तार्किक सोच और व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भव्य वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कक्षा छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए समसामयिक विषयों पर पक्ष एवं विपक्ष में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, विषय की गहरी समझ और बेहतरीन अभिव्यक्ति ने निर्णायकों के साथ उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया। प्रतियोगिता के तहत प्रत्येक वर्ग के लिए अलग-अलग समसामयिक विषय निर्धारित किए गए। कक्षा छठी के विद्यार्थियों ने “क्या जलवायु परिवर्तन विश्व के सामने सबसे गंभीर और तात्कालिक वैश्विक खतरा है?” विषय पर अपने विचार रखे।

इसमें सेजल, काव्या एवं आदर्श की टीम विजेता बनी, जबकि प्रणय, गार्गी एवं आराध्या की टीम उपविजेता रही। कक्षा सातवीं एवं आठवीं के लिए “क्या डिजिटल शिक्षा ने पारंपरिक शिक्षा का सफलतापूर्वक स्थान ले लिया है?” विषय पर रोचक बहस हुई। अदिति, दक्ष, आनंद एवं आण्वी अमृत की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अभिषेक, मानसी एवं आराध्या की टीम उपविजेता घोषित की गई। कक्षा नवमीं एवं दसवीं के विद्यार्थियों ने “क्या सोशल नेटवर्किंग युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभ से अधिक हानिकारक है?” विषय पर अपने सशक्त तर्क रखे।

इस वर्ग में मोनाली, नमन, साहिल एवं यति सिन्हा की टीम विजेता बनी, जबकि अंकुश, आरुषि, शौर्य एवं परिधि की टीम उपविजेता रही। वहीं, कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं के विद्यार्थियों ने “क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) मानव बुद्धिमत्ता का स्थान ले लेगी?” विषय पर गहन और तथ्यपरक बहस की। न्यासा एवं अनन्या की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि स्वास्तिक, ऋषभ एवं नभ की टीम उपविजेता बनी। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में वरिष्ठ विज्ञान शिक्षक मणिकांत मिश्रा, अखिलेश्वर सिंह एवं सत्या पांडेय शामिल रहे।

उन्होंने प्रतिभागियों का मूल्यांकन विषय-वस्तु, भाषा-शैली, प्रस्तुति कौशल, आत्मविश्वास और तार्किक क्षमता के आधार पर किया। विद्यालय के निदेशक डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आलोचनात्मक सोच, प्रभावी संचार कौशल और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि तार्किक सोच और आत्मविश्वासपूर्ण अभिव्यक्ति भी सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में विजेता एवं उपविजेता टीमों को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी गई। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सफल पहल बताया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी विज्ञान शिक्षकों की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही।


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