सावरकर जयंती पर बिहारशरीफ विधायक का बड़ा बयान, कहा — राष्ट्रहित, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक गौरव के विचार आज भी देश को दे रहे नई दिशा
Report by Nawada News Xpress/ नवादा/ नालंदा / बिहारशरीफ /अविनाश पांडेय

स्वतंत्रता सेनानी वीर विनायक दामोदर सावरकर की 143वीं जयंती के अवसर पर बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. सुनील कुमार ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सावरकर केवल स्वतंत्रता आंदोलन के योद्धा नहीं थे, बल्कि आधुनिक और आत्मनिर्भर भारत के दूरदर्शी राष्ट्रनिर्माता भी थे। प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए विधायक ने कहा कि वीर सावरकर का सपना एक ऐसे भारत का था, जो शक्तिशाली, संगठित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी हो। उन्होंने कहा कि सावरकर मानते थे कि कोई भी राष्ट्र तभी महान बन सकता है, जब उसके नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें, समाज में एकता कायम रहे और विज्ञान व तकनीक को प्राथमिकता दी जाए।

डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि वीर सावरकर के विचारों का प्रभाव देश की राजनीति और राष्ट्र निर्माण की दिशा में लंबे समय से दिखाई देता रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रहित और आत्मनिर्भरता से जुड़े कई सिद्धांतों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया “आत्मनिर्भर भारत” अभियान, वीर सावरकर की आत्मनिर्भर सोच को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। “मेक इन इंडिया”, “स्टार्टअप इंडिया”, “डिजिटल इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” जैसी योजनाओं ने देश के युवाओं, उद्योगों और तकनीकी क्षेत्र को नई पहचान दी है।

विधायक ने कहा कि आज भारत रक्षा क्षेत्र में भी तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। स्वदेशी हथियार, मिसाइल, युद्धपोत और आधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देकर देश को सैन्य रूप से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर वीर सावरकर की जो सोच थी, आज वही भारत की नीतियों में दिखाई दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने का काम किया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, काशी विश्वनाथ धाम का विकास और अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण जैसे कदम भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आत्मगौरव को मजबूत करने वाले हैं।

डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि विदेश नीति, विज्ञान, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। आज विश्व मंच पर भारत की आवाज को गंभीरता से सुना जा रहा है और यह देश के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक है। अंत में उन्होंने कहा कि वीर सावरकर के राष्ट्रवादी विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में थे। आज का भारत आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो वीर सावरकर के सपनों के भारत की झलक है।


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