उत्पाद थाना के दो एएसआई और दो होमगार्ड गिरफ्तार, सिस्टम पर उठे बड़े सवाल, डेढ़ लाख कैश बरामद, थाना परिसर से ही मिला अपहृत का क्रेटा कार 5 लाख की डिमांड, पैसे देते ही खुली खाकी गैंग की पोल
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

कानून की रक्षा करने वाली खाकी जब खुद ही अपराध की पटकथा लिखने लगे, तो भरोसा किस पर किया जाए? जमुई और नवादा के बीच सामने आया यह सनसनीखेज मामला पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। एक व्यवसायी के अपहरण और फिरौती वसूली के आरोप में पकरीबरावां उत्पाद थाना के दो एएसआई और दो होमगार्ड जवानों को गिरफ्तार किया गया है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब जमुई के नर्वदा गांव निवासी पिंटू कुमार ने अपने भाई संतोष कुमार के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। 23 अप्रैल को घर से निकले संतोष देर शाम तक वापस नहीं लौटे। फिर अचानक एक कॉल आया—घबराए संतोष ने बताया कि उनका अपहरण हो चुका है और उन्हें छोड़ने के बदले 5 लाख रुपये की मांग की जा रही है।

फिरौती देते ही खुला राज:
परिजनों ने जान बचाने के लिए जोखिम उठाया और 2 लाख रुपये लेकर नवादा पहुंचे। अपहरणकर्ताओं के निर्देश पर पकरीबरावां उत्पाद थाना में ही डेढ़ लाख रुपये देकर क्रेटा कार छुड़ाने की डील हुई। लेकिन यहीं से कहानी ने खौफनाक मोड़ लिया—जांच में सामने आया कि इस पूरे किडनैपिंग कांड के पीछे खुद थाना के पुलिसकर्मी ही शामिल थे।

खाकी गैंग का पर्दाफाश:
जमुई एसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दो एएसआई और दो होमगार्ड को दबोच लिया। मुख्य आरोपी एएसआई दिलीप कुमार के घर से फिरौती की रकम भी बरामद कर ली गई। इतना ही नहीं, अपहृत संतोष कुमार की क्रेटा कार भी थाना परिसर से ही बरामद हुई।

कानून के घेरे में खाकी:
इस हाईप्रोफाइल केस में कांड संख्या 193/26 दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और विभागीय कार्रवाई की तलवार भी लटक रही है।

अब बड़ा सवाल:
जब वर्दी के अंदर छिपा चेहरा ही अपराधी बन जाए, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे? यह मामला सिर्फ एक अपहरण ही नहीं, बल्कि सिस्टम के अंदर बैठे उस काले सच को उजागर करता है, जो कभी भी किसी को निशाना बना सकता है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या दोषियों को सख्त सजा मिलेगी या फिर यह मामला भी वक्त के साथ दबा दिया जाएगा?


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