सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का बड़ा माध्यम बनेगा डाक सप्ताह, पढ़ें पूरी खबर

डाक विभाग बना आम जनता का “सेवा मॉल”, तकनीक से जोड़ रहा गांव-गांव और शहर-शहर

Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

डाक विभाग अब सिर्फ चिट्ठी-पत्री का जरिया नहीं रहा, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से जनसेवाओं को लोगों के द्वार तक पहुंचाने वाला “सेवा मॉल” बन चुका है। इसी उद्देश्य से 06 से 10 अक्तूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जा रहा है। मुख्य डाकघर नवादा में डाक अधीक्षक नीरज चौधरी ने बताया कि डाक सप्ताह के अवसर पर विभाग द्वारा जन-जन तक सेवाओं को पहुंचाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जन सुविधाओं पर विशेष फोकस रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग डाक सेवाओं से लाभान्वित हो सकें।

विश्व डाक दिवस की गौरवशाली परंपरा — 1874 से विश्व को जोड़ रहा डाक नेटवर्क

हर वर्ष 9 अक्तूबर को विश्व डाक दिवस मनाया जाता है। यह दिवस  विश्वव्यापी डाक संघ की 1874 में हुई स्थापना की याद में मनाया जाता है। विकास पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य डाक सेवाओं के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना और वैश्विक संचार को सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि विश्वव्यापी डाक संघ युवाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता आयोजित करता है। यह प्रतियोगिता न केवल भावनाओं के आदान-प्रदान का जरिया है, बल्कि शब्दों और अभिव्यक्ति की शक्ति को भी मजबूत करती है। इस अवसर पर भारत समेत कई देशों में डाक टिकट प्रदर्शनी भी लगाई जाती है।

डाक विभाग की डिजिटल छलांग— अब एक ही छत के नीचे कई सेवाएं

सहायक निदेशक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि डाक विभाग बदलते समय के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली में अहम बदलाव कर रहा है। अब डाकघरों में कोर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध है और अंतरसंचालित एटीएम भी लगाए गए हैं। सहायक डाटा अधीक्षक शैलेंद्र पासवान और भूषण प्रसाद सिंह ने कहा कि अब डाकघर में लोग एक ही जगह पर कई सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, जैसे— आधार बनवाना और सुधारना, पासपोर्ट आवेदन, गंगाजल वितरण तथा रजिस्ट्रेशन सेवाएं शामिल है। उन्होंने बताया कि विभाग अपनी सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर आम लोगों के लिए और भी सुलभ बना रहा है।

सेवा के साथ संवेदना भी

डाक दिवस के अवसर पर जिले में स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरण फैलाना था।

क्या कहते हैं निदेशक

मुख्यालय निदेशक पवन कुमार ने कहा कि “डाक विभाग अब तकनीक और सेवा का संगम बन गया है, जहां हर नागरिक को एक ही छत के नीचे कई सुविधाएं मिल रही हैं।”

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