20 मिनट में बड़ा खेल, साइबर डीएसपी को ही लोन के नाम पर बना रहा था निशाना, फिर जो हुआ पढ़ें पूरी खबर 

साइबर डीएसपी को आया बीस मिनट’ वाला कॉल, उसके बाद सक्रिय हो गयी पुलिस, दस साइबर अपराधी गिरफ्तार, एक कार जब्त सहित ठगी में प्रयुक्त मोबाइल के साथ उपकरण भी हुआ बरामद

Report by Nawada News Xpress 

नवादा / सूरज कुमार 

नवादा जिले में एक चौंकाने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जहां साइबर अपराधियों ने साइबर डीएसपी प्रिया ज्योति को ही अपना निशाना बनाने का कोशिश किया। मजे की बात तो यह है कि उन्हें लोन दिलाने का झांसा देकर ठगने का प्रयास किया गया।

दरअसल, डीएसपी प्रिया ज्योति के पास एक फोन आया, जिसमें उन्हें 20 मिनट के अंदर 5 लाख रुपये का लोन दिलाने का प्रलोभन दिया। घटना के बाद डीएसपी ने तुरंत एक टीम का गठन किया। टीम ने वारिसलीगंज प्रखंड के चकवाय और कौवाकोल प्रखंड के भवानी बीघा गांव में ताबड़तोड़ छापेमारी की।

देखते ही देखते 9 साइबर अपराधी चढ़ा पुलिस के हत्थे 

छापेमारी में पुलिस को बड़ी सफलता मिली, जिसमें एक महिला सहित कुल 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अपराधियों में चकवाय गांव के नरेश दास का पुत्र प्रमोद कुमार, भोला चौधरी का पुत्र ज्योतिष कुमार, अनिल कुमार का पुत्र अमित कुमार तथा विजय सिंह की पत्नी रेणु देवी शामिल हैं।

इसके अलावा, मीर बीघा के बच्चन प्रसाद का पुत्र सुधांशु कुमार और मनोज तांती का पुत्र पारस कुमार, भवानी बीघा के अशोक राम का पुत्र धीरज कुमार, खैरा गांव के चितरंजन सिंह का पुत्र पुष्पंजय कुमार के अलावा कौवाकोल प्रखंड के भवानी बीघा गांव निवासी श्रवण महतो का पुत्र सौरभ कुमार शामिल हैं।

20 मिनट में 5 लाख का लोन दिलाने का दे रहा था झांसा 

पुलिस ने इन अपराधियों के पास से 19 मोबाइल फोन, 1 कार, 2 बाइक, 2 आधार कार्ड, 2 पासबुक, 1 पैन कार्ड, 1 वोटर आई कार्ड और कई सिम कार्ड बरामद किया है। पूछताछ में पता चला कि ये अपराधी लोन दिलाने के बहाने लोगों को फंसाते थे और उनसे पैसे ऐंठ लेते थे।

डीएसपी प्रिया ज्योति ने बताया कि लोन दिलाने के नाम पर उन्हें फोन आया और फिर 20 मिनट में 5 लाख रुपये लोन दिलाने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि इसके बाद एक टीम गठन किया गया और फिर साइबर क्राइम कर रहे अपराधियों को उसके ठिकाने पर छापेमारी कर सभी साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

साइबर डीएसपी ने कहा जागरूकता ही बचने का सबसे बड़ा हथियार

साइबर डीएसपी ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। लोगों को किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा नहीं करना चाहिए और लोन या अन्य ऑफर के झांसे में नहीं आना चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। पुलिस ने मामले की अग्रेत्तर जांच शुरू कर दी है और कार्रवाई जारी है।

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