वारिसलीगंज सीमेंट फैक्ट्री का मामला- सीमेंट फैक्ट्री के विरोध में हाईकोर्ट द्वारा जनहित याचिका हुआ खारिज, अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे याचिकाकर्ता, पढ़ें पूरी खबर 

चीनी मिल को बंद कर बनाया जा रहा सीमेंट फैक्ट्री का किया जा रहा है विरोध, वायु प्रदूषण और जल की समस्या उत्पन्न होने की वजह से किया जा रहा विरोध 

Report by Nawada News Xpress 

नवादा / सूरज कुमार 

नवादा जिले के वारिसलीगंज में चीनी मिल को बंद कराने के बाद अडानी ग्रुप द्वारा निर्माणाधीन सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ पटना हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है, जिसके बाद अब याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सीमेंट फैक्ट्री निर्माण पर रोक लगाने की गुहार लगाएंगे।

बता दें कि अडानी ग्रूप द्वारा वारिसलीगंज में चीनी मिल की जमीन पर निर्माणाधीन अंबुजा और एसीसी सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ वारिसलीगंज की जनता के तरफ से समाजिक कार्यकर्ता निरंजन सिंह के द्वारा वारिसलीगंज निवासी डॉ सुधांशु सुल्तानिया के मार्गदर्शन में दायर जनहित याचिका CWJC No. 17412/2024 को पटना हाईकोर्ट ने 22 नवंबर 2024 को खारिज कर दिया था।

निरंजन सिंह और सुधांशु सुल्तानिया ने बताया कि हाई कोर्ट द्वारा खारिज किए गए जनहित याचिका के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी, जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। लोगों का आरोप है कि वारिसलीगंज नगर परिषद क्षेत्र की घनी आबादी के बीच में अडानी ग्रूप के द्वारा अंबुजा सीमेंट फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है।

जिससे प्रदूषण से होने वाले विभिन्न तरह की बीमारी होने की संभावना से लोग डरे हुए हैं। फैक्ट्री चालू होने पर वारिसलीगंज क्षेत्र में वायु प्रदूषण और जल की समस्या उत्पन्न हो सकती है। यही कारण है कि यहां की जनता चीनी मिल की जमीन पर कृषि आधारित कोई प्रदूषण रहित उघोग लगाने की मांग कर रहे हैं।

जिसके लिए क्षेत्र वासियों द्वारा शुरूआत में कुछ विरोध प्रदर्शन भी किया गया था, बाबजूद सरकार क्षेत्र वासियों की मांग को नजर अंदाज कर घनी आबादी के बीच सीमेंट फैक्ट्री का निर्माण करवा रही है। गौरतलब हो कि जिस वक्त चीनी मिल वारिसलीगंज में संचालित था उस वक्त इस क्षेत्र के किसानों के लिए आय का बड़ा श्रोत हुआ करता था। लेकिन इसके बंद होने से किसानों का आय भी बंद हो गया है।

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