दुःखद घटना- नई दिल्ली प्लेटफार्म पर भगदड़ में नवादा के मां-बेटी की ऐसे हुई मौत, पढ़ें पूरी खबर 

तीन साल की दूसरी बच्ची को किसी तरह पति गोद में दाबकर बचाया जान, हरियाणा के ईंट भट्ठा पर सपरिवार पलायन कर गए थे काम करने, इंदिरा आवास के लिए पूरा परिवार लौट रही थी घर 

Report by Nawada News Xpress 

नवादा / सूरज कुमार 

शनिवार की रात्रि नई दिल्ली के प्लेटफार्म पर हुई भगदड़ में नवादा के दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिसमें मृतक मां और बेटी शामिल है। यह घटना उस वक्त हुई जब मृतका अपने पति और बच्चों के साथ नवादा आने के लिए ट्रेन चढ़ने पहुंची थी। तभी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर भगदड़ मच गया,

जिसमें नवादा की महिला व उसकी मासूम बेटी की मौत हो गई। भगदड़ शांत होने के बाद शव की पहचान जिले के कादिरगंज थाना क्षेत्र के पटवासराय गांव निवासी राजकुमार मांझी की पत्नी शांति देवी और उसकी 5 वर्षीय मासूम बेटी पूजा कुमारी के रूप में की गई है।

बताया जाता है कि मृतक शांति देवी अपने परिवार के साथ हरियाणा के एक ईंट भट्ठा पर काम करने गई थी। इस दौरान मृतका का नाम इंदिरा आवास की सूची में दर्ज की गई। घर के अन्य परिजनों ने इंदिरा आवास का लाभ लेने के लिए सर्वेयर के द्वारा घर के पास फोटो करवाने के लिए सूचित किया।

सूचना बाद मृतका शांति देवी पति और दो बच्चों के साथ अपनी जिगर की टुकड़ा दोनो बच्ची और पति को साथ लेकर घर के लिए चली थी। हरियाणा से ट्रेन पकड़कर नई दिल्ली पहुंची, उसके बाद नई दिल्ली से गया आने के लिए प्लेटफार्म पर ट्रेन का इंतेजार कर रही थी, तभी दिल्ली के प्लेटफार्म पर भगदड़ मच गया,

इस भगदड़ में दबकर मां और बेटी की मौत हो गई। जबकि किसी तरह पति राजकुमार अपनी 3 साल की बेटी को गोद में दबाकर जान बचा लिया। घटना की सूचना मिलते ही मृतका के गांव-परिवार तथा हरियाणा के ईंट भठा पर कोहराम मच गया, सभी का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था।

बताया जाता है कि राजकुमार की मां की मौत दो माह पूर्व और पिता की मौत अगस्त 2024 में हो चुकी है और अब पत्नी तथा 5 साल की बेटी की मौत ने उनके उपर दुखों का पहाड़ टूट गया है। वहीं जमुआवां-पटवासराय के सरपंच ने कहा कि शांति और उनकी मासूम बेटी की मौत का कारण पलायन है।

वहीं शव लाने के लिए परिजन नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। ग्रामीण और परिजन गांव में शव आने का इंतजार कर रहे हैं। घटना की सूवना बाद पूरे गांव में मतमी सन्नाटा पसर गया है। 


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