नवादा में पानी बना काल! डैम और आहर में डूबे दो युवक, शादी से पहले राजेश, तो पढ़ाई के बीच सागर की हुई मौत

रजौली के दिबौर डैम में केकड़ा पकड़ने के दौरान फिसला 21 वर्षीय युवक का पैर, नरहट के कोनिबर आहर में मिला 18 वर्षीय छात्र का शव, एक ही दिन दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार
नवादा जिले में बुधवार का दिन दो परिवारों के लिए जिंदगी भर का गम दे गया। रजौली के दिबौर डैम में डूबने से जहां 21 वर्षीय युवक राजेश कुमार की मौत हो गई, वहीं नरहट प्रखंड के कोनिबर गांव में आहर से 18 वर्षीय सागर कुमार का शव बरामद किया गया। दोनों घटनाओं के बाद संबंधित गांवों में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

वहीं रजौली दिबौर डैम में गोपालपुर के तुरिया टोला निवासी प्रीतम तुरिया के 21 वर्षीय पुत्र राजेश कुमार की डूबने से मौत हो गई। बताया गया कि बुधवार दोपहर बाद करीब तीन बजे राजेश अपने से छोटे दो साथियों के साथ डैम किनारे गया था।

शौच के बाद वह केकड़ा पकड़ने लगा। इसी दौरान गीली मिट्टी पर पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। साथ रहे बच्चों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी गहरा होने के कारण सफल नहीं हो सके।

सूचना मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। गांव के तैराकों ने घंटों मशक्कत के बाद राजेश का शव पानी से बाहर निकाला। थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रंजीत कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

बीडीओ संजीव झा ने तत्काल 20 हजार रुपये सहायता देने की बात कही, जबकि सीओ मो. गुफरान मजहरी ने आपदा मद से चार लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की जानकारी दी। परिजनों के अनुसार राजेश की शादी इसी साल होनी थी।

इधर, दूसरी घटना नरहट के कोनिबर गांव की है, जहां आहर में डूबने से 18 वर्षीय सागर कुमार की मौत हो गई। वह गोरेलाल चौधरी का पुत्र था और दो भाइयों में सबसे छोटा था। बुधवार दोपहर कुछ युवक आहर की ओर गए थे। इसी दौरान पानी में शव तैरता दिखाई दिया। ग्रामीणों ने शव को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरहट पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक सागर इंटर की तैयारी कर रहा था। मुकेश कुमार संगम ने बताया कि वह उनके कोचिंग संस्थान में पढ़ता था और मैट्रिक में अच्छे अंकों से सफलता हासिल की थी। घटना की सूचना पर उपमुखिया अमिताभ कुमार और मुकेश कुमार संगम ने परिजनों से मिलकर सांत्वना दी। एक ही दिन में दो युवाओं की मौत ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली। कहीं शादी की तैयारी मातम में बदल गई, तो कहीं पढ़ाई और भविष्य के सपने अधूरे रह गए।

