दो महीने से लापता युवक का जंगल में पेड़ से लटका मिला शव, मौत के पीछे छिपा है कौन सा राज?

गुजरात कमाने गया था छोटू, दो महीने से मोबाइल था बंद; घर से महज एक किलोमीटर दूर मिला शव, हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार
नवादा। दो महीने से लापता युवक आखिर कहां था? उसका मोबाइल अचानक बंद कैसे हो गया? और घर से महज एक किलोमीटर दूर जंगल में उसका शव पेड़ से लटका हुआ कैसे मिला? नवादा जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र से सामने आई इस घटना ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं।

कटोहल गांव के जंगल के पास 25 वर्षीय युवक का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान लखपत बिगहा गांव निवासी वीरेंद्र यादव के पुत्र छोटू कुमार के रूप में हुई है।

परिजनों के अनुसार, छोटू इसी साल मार्च महीने में रोजगार की तलाश में गुजरात गया था। करीब दो महीने पहले परिवार के लोगों से उसकी आखिरी बार बातचीत हुई थी।

इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और उससे संपर्क पूरी तरह टूट गया। परिजनों ने अपने स्तर से काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। हैरानी की बात यह है कि युवक के लापता होने की सूचना पुलिस को भी नहीं दी गई थी।

घर से एक किलोमीटर दूर मिला शव, दो महीने की गुमशुदगी ने बढ़ाया रहस्य
बताया जाता है कि छोटू की शादी वर्ष 2018 में हुई थी, लेकिन पिछले कुछ समय से वह अपनी ससुराल में भी नहीं रह रहा था। पिछले दो महीने से वह कहां था और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई, इसकी जानकारी परिवार के लोगों को भी नहीं है। उसका शव घर से महज एक किलोमीटर की दूरी पर बरामद हुआ है।

मृतक के भाई मुकेश कुमार ने बताया कि भाई की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल परिवार को किसी पर संदेह नहीं है। हालांकि, दो महीने तक कोई जानकारी नहीं मिलने के बाद अचानक उसका शव पेड़ से लटका मिलने की घटना ने परिवार को भी हैरान कर दिया है।

फॉरेंसिक टीम ने संभाला मोर्चा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी मौत का राज
गोविंदपुर थानाध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि दो महीने से लापता छोटू आखिर कहां था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई? पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

