रक्षाबंधन से पहले जान लें शुभ मुहूर्त- आयुष्मान योग में मनेगा रक्षाबंधन का पर्व, इसबार क्यों नहीं रहेगा भद्राकाल का साया, पढ़ें पूरी खबर
9 अगस्त को सूर्योदय से रात्रि तक राखी बांधने का है शुभ मुहूर्त, बहनों में उत्साह चरम पर
Report by Nawada News Xpress
नवादा / सूरज कुमार

भाई-बहन के स्नेह और रक्षा के वचन का प्रतीक रक्षाबंधन इसबार अत्यंत शुभ योग में मनाया जाएगा। श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को पड़ रहा यह पावन पर्व 9 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इसबार रक्षाबंधन पर भद्राकाल का कोई प्रभाव नहीं रहेगा, जिससे पूरे दिन राखी बांधने का शुभ अवसर रहेगा।

पूरे दिन रहेगा शुभ मुहूर्त, नहीं होगी किसी भी समय राखी बांधने की बाधा
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिला प्रवक्ता पंडित विद्याधर शास्त्री ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त की दोपहर से शुरू होकर 9 अगस्त की दोपहर 1:30 बजे तक रहेगी। वहीं भद्राकाल 8 अगस्त की रात 1:52 बजे समाप्त हो जाएगा। इस कारण 9 अगस्त को सूर्योदय से रात्रि तक राखी बांधना पूरी तरह शुभ माना गया है।

पंडित जी बताते हैं कि इसबार आयुष्मान और सौभाग्य जैसे शुभ योगों का संयोग भी बन रहा है, जिससे पर्व की महत्ता और भी बढ़ गई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह योग जीवन में दीर्घायु, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आता है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और गलत अफवाह के कारण लोगों में उहापोह की स्थिति बन गई है, ऐसे में पंडित विद्याधर शास्त्री ने कहा कि लोग गलत अफवाहों में नहीं पढ़ें, इसबार पूरे दिन रक्षाबंधन रहेगा, दिनों भर बहनें अपने भाइयों को राखी बांध सकती है।

राखियों से सजे बाजार, 15 से 500 रुपये तक की है कीमतें
रक्षाबंधन पर्व को लेकर नवादा जिले के बाजारों में हर तरह के राखियों की भरमार है। इसको लेकर बहनों में जबरदस्त उत्साह है और वे कई दिनों पहले से ही तैयारी में जुटी हैं। बाजारों में इसबार 15 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं।

जिसमें, बच्चों के लिए कार्टून और लाइटिंग वाली राखियां, भाई-भाभी के लिए डिजाइनर राखी सेट, परंपरागत प्रेम की प्रतीक रेशम धागे की राखियां सहित स्टोन जड़ी ब्रेसलेट राखियां सबसे अधिक डिमांड में है, वहीं म्यूजिकल राखियां बच्चों को खूब आकर्षित कर रही है।

सोने-चांदी की राखियों की भी है डिमांड
रक्षाबंधन को खास बनाने के लिए सर्राफा बाजार में भी बहनों की भीड़ देखी जा रही है। अपनी हैसियत के अनुसार बहनें सोने और चांदी की राखियों के अलावा डायमंड जड़ित राखियां खरीद रही हैं। यह राखियां न केवल भाई के प्रति प्रेम की अभिव्यक्ति हैं बल्कि एक कीमती स्मृति भी बनती हैं।

भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने का पर्व
रक्षाबंधन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम, आस्था और विश्वास का त्योहार है। इस दिन बहनें भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं और भाई जीवन भर रक्षा का वचन देता है। इस बार का रक्षाबंधन विशेष है क्योंकि यह शुभ योगों में आने वाला पर्व कई सौभाग्य लेकर आ रहा है।

