एक्शन मोड में डीएम, क्यों कहा सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी अधिक से अधिक बॉडी वारंट करें जारी, पढ़ें पूरी खबर

नीलाम पत्र वाद से संबंधित हुई समीक्षात्मक बैठक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर डीएम व एसपी ने निलाम पत्र निष्पादन व गिरफ्तारी को लेकर दिया कई आवश्यक निर्देश

Report by Nawada News Xpress 

नवादा / सूरज कुमार

नवादा डीएम रवि प्रकाश की अध्यक्षता में मंगलवार को नीलाम पत्र वादों के निष्पादन एवं गिरफ्तारी वारंट के कार्यान्वयन को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।

जिला पदाधिकारी ने बैठक में निर्देश देते हुए कहा कि नीलाम पत्र वादों को शीघ्र निष्पादित करने के लिए सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी अधिक से अधिक बॉडी वारंट जारी करें और सभी थानाध्यक्ष इन वारंटों का समयबद्ध तामिला सुनिश्चित करें।

उन्होंने निर्देश दिया कि अब तक 134 डिफॉल्टरों के खिलाफ बॉडी वारंट जारी किया जा चुका है और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं एसपी श्री धीमन ने भी निर्देश दिया कि सभी थानाध्यक्ष बॉडी वारंट का तामिला कराना प्राथमिकता से सुनिश्चित करें और इसके साथ ही आवश्यक कार्रवाई में कोई कोताही नहीं बरतें।

बैठक में नीलाम पत्र वादों के यथाशीघ्र निष्पादन को लेकर ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। मौके पर डीडीसी प्रियंका रानी, अपर समाहर्त्ता चन्द्रशेखर आजाद, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी संजय कुमार, गोपनीय प्रभारी राजीव कुमार तथा प्रभारी जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी अमरनाथ कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

क्या है नीलम पत्र वाद

नीलाम पत्र वादों के निष्पादन में तेज़ी लाने के लिए डीएम स्तर से सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिए जाते हैं। जिसमें बकाएदारों के ख़िलाफ़ वारंट जारी किया जाता है और उनकी गिरफ़्तारी के लिए एसआईटी का गठन किया जाता है। नीलाम पत्र वाद सरकारी बैंकों और विभागों से जुड़े वाद होते हैं।

इन मामलों में बैंक से कर्ज़ लेकर जमा न करने वाले लोगों के ख़िलाफ़ बैंक, बिजली बिल न भरने वालों के ख़िलाफ़ बिजली विभाग, अनाज घोटाला या छात्रवृत्ति घोटाला से जुड़े मामलों में राशि वसूली के लिए नीलाम पत्र वाद दायर किया जाता है।

नीलाम पत्र वादों में जिस व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दायर किया जाता है, उसे प्रतिवादी कहते हैं। वहीं, जिस व्यक्ति द्वारा मुकदमा दायर किया जाता है, उसे वादी कहते हैं। 

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