वारिसलीगंज रेलवे रैक प्वइंट को लेकर हुई गोलीबारी में किसने किया चार प्राथमिकी दर्ज, पढ़ें पूरी खबर 

घटना के दो दिनों में पुलिस ने एक दर्जन से अधिक खोखा, तीन चारपहिया वाहन के अलावा 28 लोगों को कर चुकी है गिरफ्तार
गोलीबारी की घटना के बाद बलवापर गांव में पसरा है सन्नाटा, गिरफ्तारी के डर से घर छोड़कर लोग हुए फरार 
Report by Nawada News Xpress

नवादा / सूरज कुमार

पूर्व मध्य रेल अंतर्गत दानापुर मंडल के किउल-गया रेलखंड पर स्थित वारिसलीगंज रेलवे रैक प्वाइंट पर आपसी बर्चस्व को लेकर दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में पुलिस ने अब तक चार प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। दर्ज सभी प्राथमिकी में लगभग एक सौ लोगों को नामजद तथा दो सौ अज्ञात महिला व पुरूषों को अभियुक्त बनाया गया है, जिसके बाद बलवापर गांव में सन्नाटा पसर गया है।

गिरफ्तरी के भय से लोग अपने घरों को छोड़कर फरार हो चुके हैं। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 13 खोखा व 3 चारपहिया वाहन के साथ कुल 28 लोगों को अब तक गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। बर्चस्व के इस लड़ाई में पहली प्राथमिकी 4 जनवरी को कांड संख्या-7/24 स्थानीय थाना में मजदूर मेट बलवापर ग्रामीण स्व कपिल राउत का पुत्र मलख राउत ने दर्ज कराया था,

जिसमें वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चैनपुरा गांव के एक तथा काशीचक थाना क्षेत्र के सरकट्टी गांव के एक युवक को नामजद के अलावा दो अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया गया, इसके बाद 12 जनवरी को मारपीट तथा गोलीबारी मामले में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज करायी गई। गोलीबारी मामले में 12 जनवरी को मजदूर मेट बलवापर ग्रामीण स्व बांके राउत के पुत्र मिथिलेश राउत के द्वारा कांड संख्या- 26/24 दर्ज कराया गया, जिसमें 4 बलवापर के तथा 2 खानापुर गांव के लोगों को अभियुक्त बनाया गया।

इसके ठीक अगले दिन 13 जनवरी को पुलिस द्वारा कांड संख्या- 27/24 दर्ज करते हुए 84 लोगों को नामजद व दो सौ अज्ञात महिला तथा पुरूष को अभियुक्त बनाया गया है, वहीं गोली लगने से जख्मी हुए बलवापर ग्रामीण संजय यादव का पुत्र नीतीश कुमार के फर्द बयान पर कांड संख्या- 28/24 दर्ज कर सात लोगों को अभियुक्त बनाया गया। गौरतलब हो कि जब से रेलवे रैक प्वाइंट का स्थानांतरण किया गया है, तब से विवाद गहरा गया, जिसमें दो गुट अपनी बर्चस्व को लेकर आमने-सामने हो गये हैं।

जिसका परिणाम है कि दोनों गुटों में जमकर गोलीबारी की घटना हुई है। इस गोलीबारी में कई ऐसे लोग भी पुलिस के पेंच में फंस चुके हैं, जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। फिलवक्त जांच के बाद ही सही अभियुक्त का पता चल पायेगा, जिसकी जांच में पुलिस जुटी हुुई है। वहीं इस घटना के बाद से बलवापर गांव में सन्नाटा पसर गया है और लोग गिरफ्तारी के भय से अपने-अपने घरों को छोड़कर फरार हो गये हैं।

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