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डेढ़ दशक बाद भी 26/11 का नहीं गया टीस, पीड़ितों ने क्यों किया मास्टरमाईंड हाफिज सईद को फांसी पर चढ़ाने की मांग, पढ़ें पूरी खबर 

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मुम्बई विस्फोट में मारे गये लोगों के परिजनों ने कहा उस खौफनाक मंजर को याद कर आज भी सिहर जाती हैं रूह, मुम्बई हमले में रजौली के आधा दर्जन लोगों की गयी थी जान
बम ब्लास्ट में शहीद हुए लोगों के परिजनों ने कहा अपनों से बिछड़ने का गम हर साल हो जाता है ताजा

Report by Nawada News Xpress 

नवादा / सूरज कुमार 

मुम्बई में 26/11 के आतंकी हमले को आज पूरे 16 साल बीत गए हैं, लेकिन इतने सालों बाद भी उस हमले की काली यादें आज भी उन लोगों की जेहन के लिए टीस बनी है, जिन्होंने 26 नवंबर 2008 का वो काला मंजर अपनी आखों से देखा था। लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखने वाले 10 आतंकियों ने उस दिन पाकिस्तान से आकर भारत की मायानगरी मुंबई को दहला दिया था। इस हमले में करीब 166 लोग शहीद हुए थे, जिसमें नवादा जिले के छह लोग भी शामिल थे। ये भयानक और दुखद घटना आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है।

इस हमले में शामिल आतंकी अजमल कसाब को तो फांसी दे दी गई है, लेकिन लोग इस पूरी वारदात के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को फांसी पर लटकते हुए देखना चाहते हैं। उन लोगों ने जिन्होंने अपनी आंखों से मुंबई हमला देखा था, जिन लोगों ने आतंकियों की गोलियां झेली थी, वे लोग इस हमले की 16वीं बरसी पर भारत सरकार से यही मांग कर रहे हैं कि मास्टरमाइंड को भी फांसी पर लटकाया जाय। इस घटना में शहीद हुए लोगों के परिजनों का कहना है कि भले ही कसाब को फांसी हो गई हो, लेकिन ये पूरा इंसाफ नहीं है और इंसाफ तब तक नहीं मिलेगा जब तक मुंबई में बैठा 26/11 का मास्टरमाइंड हाफिज सईद फांसी पर नहीं चढ़ जाता।

नवादा के छह लोग हुए थे शहीद, पीड़ितों ने मास्टरमाईंट हाफिज सईद को फांसी पर चढाने का किया मांग
26 नवम्बर 2008 को मुंबई के ताज होटल सहित हुई सिरियल बम ब्लास्ट में रजौली क्षेत्र के छह लोगों की मौत हो गयी थी। इनके परिजनों ने सरकार से मांग किया कि मास्टरमाईंड हाफिज सईद को फांसी देने के बाद ही इसका टीस कम होगा। नवादा जिले के शहीद होने वालों में सिरदला थाना क्षेत्र के ढांव गांव निवासी साहिब अली के 50 वर्षीय पुत्र मो इलियास अंसारी व भतीजा सरफराज अंसारी, मुर्तजा अंसारी व शेरपुर गांव के आरिफ अंसारी, रजौली के मननपुर गांव निवासी बहनोई अब्बास अंसारी व उसकी पत्नी शकीला अंसारी शामिल थे।

आतंकी हमले में शहीद होने के बाद उनके परिजनों को सरकार ने मुआवजा के तौर पर 15-15 लाख रुपये तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के बाद आज भी आश्रितों का दुःख दर्द कम नहीं हुआ है। इलियास अंसारी की विधवा पत्नी शकीला खातून ने बताया कि आतंकी हमले में पति की मौत के बाद देवर इस्माइल को सरकार ने रेलवे में नौकरी दी है। पीड़ित परिजन बताते हैं कि इस मामले में एक आरोपित अजमल कसाब को अदालत ने फांसी तो दे दी है, लेकिन जब तक मास्टरमाईंड हाफिज सईद को फांसी पर नहीं चढया जाता है तब तक इस घटना का टीस हर साल ताजा होता रहेगा।

क्या था मुम्बई बम ब्लास्ट की पूरी घटना
मायानगरी के रूप में जाने जानेवाले मुम्बई की वह काली रात आज भी शायद किसी ने नहीं भूला होगा, जब सीमा पार से आये दहशतगर्दाे ने अपनी रफ़्तार में चल रही मुंबई में तांडव मचा दिया था। इस घटना में करीब 160 लोगों की मौत हो गयी थी, जबकि 300 से अधिक लोग जख्मी हो गए थे, जी हां, वह दिन था 26 नवम्बर 2008 की रात। दरअसल, हमले से तीन दिन पहले यानी 23 नवम्बर को करांची से समुद्री रास्ते से एक नाव के द्वारा ये आतंकी मुम्बई पहुंचे थे। जिस नाव से आतंकी भारत आए थे, उसपर सवार चार भारतीयों को मौत के घाट उतारकर उस पर कब्जा जमा लिया था।

रात्रि करीब 8 बजे आतंकियों ने कोलाबा के पास कफ परेड के मछली बाजार पर उतरे थे, वहां से सभी आतंकी चार समूहों में बंट गए और टैक्सी लेकर सभी आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए अपनी-अपनी मंजिलों की ओर बढ़ गए थे। बताया जाता है कि जब ये आतंकी मछली बाजार में उतरे तो इन्हें देखकर वहां के मछुआरों को शक भी हुआ था। जानकारी अनुसार मछुआरों ने इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस के पास भी पहुंचाई थी, लेकिन पुलिस ने इस पर कुछ खास ध्यान नहीं दिया। इसी दिन मुम्बई पुलिस को रात्रि करीब 9.30 बजे छत्रपति शिवाजी रेलवे टर्मिनल पर गोलीबारी की खबर मिली। बताया गया कि यहां रेलवे स्टेशन के मुख्य हॉल में दो हमलावरों ने अंधाधुंध गोलीबारी की है। इसके बाद दक्षिणी मुंबई के लियोपोल्ट कैफे में भी दहशतगर्दों ने गोलीबारी की, जिसमें 10 लोग मारे गए। इसमें कई विदेशी भी शामिल थे। इसी दिन रात्रि करीब 10.30 बजे खबर आई कि विले पारले इलाके में एक टैक्सी को बम से उड़ा दिया गया है, जिसमें ड्राइवर और एक यात्री मारा गया है।

इससे करीब 15-20 मिनट पहले बोरीबंदर से भी इसी तरह के धमाके की खबर मिली थी, जिसमें एक टैक्सी ड्राइवर और दो यात्रियों की मौत होने की जानकारी मिली थी। इन हमलों में लगभग 15 लोग घायल हुए थे। हमलों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 26/11 के तीन बड़े मोर्चों में मुम्बई का ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल और नरीमन हाउस शामिल था। जब हमला हुआ तो ताज में 450 और ओबेरॉय में 380 मेहमान मौजूद थे। इस घटना में दिन-रात चलने वाली मुम्बई की रफ़्तार जहां थम गयी थी, वहीं पूरी दुनिया के देशों ने आतंकवाद का जमकर विरोध किया था। हालांकि 29 नवंबर 2008 की सुबह तक नौ हमलावर आतंकियों का सफाया हो चुका था और अजमल कसाब के तौर पर एक हमलावर पुलिस की गिरफ्त में था, जिसे बाद में फांसी दे दी गयी। इस घटना का डेढ़ दशक बीत चुका है, लेकिन इसकी टीस आज भी बनी हुई है। इतिहास के पन्नों में यह काला अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है, जिसका खौफनाक मंजर हर मरने वालों के परिजनों को प्रत्येक वर्ष अपनों के खोने की टीस देता है।

पैक्स चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 26 को, 5 प्रखंडों में होगा मतदान, जानें क्या है प्रशासनिक तैयारी, पढ़ें पूरी खबर 

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डीएम व एसपी ने कहा सुरक्षा के किए गए हैं पुख्ता इंतजाम, पहलेp चरण मतदाता में 64 पैक्स के लिए डाले जाएंगे वोट 

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नवादा / सूरज कुमार 

नवादा जिले में पैक्स चुनाव के पहले चरण की वोटिंग मंगलवार 26 नवंबर को होना है। पहले चरण में जिले के 5 प्रखंडों में मतदान होगा। डीएम रवि प्रकाश तथा एसपी अभिनव धीमन ने संयुक्त रूप से कहा कि मतदान शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

डीएम ने बताया कि जिले में पैक्स चुनाव-2024 कुल चार चरणों में कराया जाना है। पहले चरण में गोविंदपुर, कौआकोल, मेसकौर, रजौली तथा सिरदला प्रखंड में 26 नवम्बर 2024 (मंगलवार) को मतदान होगा। जिसमें कुल 64 पैक्स के लिए वोट डाले जाएंगे।

भवनों की संख्या-71, कुल बूथों की संख्या-187 तथा कुल मतदाताओं की संख्या- 1 लाख 14 हजार 54 हैं। वहीं दूसरे चरण में अकबरपुर, नारदीगंज, नवादा सदर तथा रोह प्रखंड में 29 नवम्बर 2024 (शुक्रवार) को, तीसरे चरण में काशीचक, पकरीबरावां तथा वारिसलीगंज प्रखंड में एक दिसम्बर 2024 (रविवार) को

तथा चौथे और अंतिम चरण में हिसुआ तथा नरहट प्रखंड में 3 दिसम्बर 2024 मंगलवार को मतदान की तिथि निर्धारित है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण मतदान को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी है।

मतदान शांतिपूर्ण कराने के लिए कुल 29 सेक्टर दंडाधिकारी, 5 सुपर जोनल दंडाधिकारी तथा पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है। संवेदनशील प्रखंडों में मतदान सुबह 7 बजे से 3 बजे शाम तक एवं सामान्य प्रखंडों में सुबह 7 बजे से शाम 4.30 बजे तक मतदान होगा।

वहीं मतदान के अगले दिन सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगा। मतदान पेटी को रखने के लिए केएलएस कॉलेज, नवादा तथा इंटर विद्यालय रजौली में बज्रगृह बनाया गया है। मतपत्र का रंग अध्यक्ष पद के लिए लाल रंग, अनुसूचित जाति-जनजाति सदस्य पद के लिए आसमानी, अत्यंत पिछड़ा वर्ग सदस्य पद के लिए सफेद रंग,

पिछड़ा वर्ग के लिए हरा रंग, सामान्य वर्ग के लिए नारंगी होगा, नारंगी रंग उपलब्ध नहीं होने पर पीला रंग का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सभी सदस्य पदों में 50 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। मतदान एवं मतगणना कर्मियों की नियुक्ति रेंडेमाईजेशन प्रक्रिया के तहत किया जा चुका है। 


डीएम हो तो ऐसा, सड़क हादसे में एक मासूम व दो मजदूरों की मौत पर मृतक के गांव पहुंचे डीएम ने ऐसे दिया इंसानियत का मिसाल, पढ़ें पूरी खबर 

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परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढ़स, कहा प्रशासन हर संभव करेगी मदद, सदमे में रहे बच्चों को कराया अपनापन का एहसास 

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नवादा / सूरज कुमार 

बीते शुक्रवार की देर रात्रि जिला अन्तर्गत सदर प्रखंड के स्टालिन नगर से ईंट भट्ठों पर काम करने जा रहे मजदूरों से भरी वाहन नालंदा जिले के वेना थाना क्षेत्र के सिरनामा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गयी थी। इस हृदय विदारक घटना में दो मजदूर एवं एक दो साल की मासूम बच्ची की मौत हो गयी थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे।

घटना की जानकारी मिलते ही रविवार को डीएम रवि प्रकाश इंसानियत का मिसाल देते हुए मृतकों के गांव स्टालिन नगर पहुंचे। पीड़ित परिवारों से मिलकर डीएम श्री प्रकाश इस घटना पर दुःख प्रगट किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से कहा कि यह बहुत ही दुःखद घटना है।

जिला प्रशासन आपलोगों की सेवा में तत्पर है एवं जिला प्रशासन की तरफ से आपलोगों को हर सम्भव मदद किया जायेगा। उन्होंने वहां के लोगों से मृतक के सामाजिक तथा आर्थिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान डीएम ने मनरेगा के तहत कितने लोगों को अबतक जॉब कार्ड मिला है, जिसकी जानकारी प्राप्त किया।

इसके अलावा डीएम श्री प्रकाश ने कितने भूमिहीन लोगों को बन्दोवस्ती की गयी है एवं इंदिरा आवास योजना से कितने लोग लाभान्वित हैं, इन सबका में फिडबैक प्राप्त किया गया। डीएम ने कहा कि मजदूरों का पलायन रोकने को लेकर जिले में हर संभव प्रयास किया जायेगा एवं बच्चों की पढ़ाई तथा आवासीय स्कूल के निर्माण के लिए जमीन चिन्हित करने के लिए अंचल अधिकारी को निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की योजनाओं के तहत पीड़ित परिवारों को लाभ दिया जायेगा। श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया कि श्रम विभाग के द्वारा पीड़ित परिवारों के लिए बिहार शताब्दी योजना एवं अन्य लाभ देना सुनिश्चित करेंगे। जिला कल्याण पदाधिकारी को भी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए निर्देश दिया,

साथ ही अन्य सम्बंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने विभाग की योजनाओं का लाभ पीड़ित परिवारों तक पहुंचाना सुनिक्षित करें। इस दौरान डीएम के आदेश पर स्टालिन नगर में राशन कार्ड तथा आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाया गया। उन्होंने समाज के प्रबुद्ध लोगों से आग्रह किया कि

इन मजदूरों के पलायन को रोकने एवं उनके बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए जागरूक करने का प्रयास करें। मौके पर प्रभारी जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, जिला कल्याण पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी, प्रखंड विकास पदाधिकारी नवादा सदर एवं अंचल अधिकारी नवादा सदर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।     

झुनझुन नगरी प्यारी जहां दादी जी का दरबार…….गीतों पर झूम उठे श्रोता, जानिए क्या है मंगसीर नवमी उत्सव, पढ़ें पूरी खबर 

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मारवाड़ी समाज द्वारा दादी जी राणी सती जी का मंगल पाठ के साथ हुआ भक्ति जागरण, कुल देवी दादी जी राणी सती जी का हर साल मनाया जाता है मंगसीर नवमी उत्सव, देर शाम तक चली मंगल पाठ के बाद हुआ प्रसाद वितरण और भंडारा

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नवादा / सूरज कुमार 

झुनझुन नगरी प्यारी जहां दादी का दरबार, दर्शन करलो प्राणी जीवन मिलेगा न बारम्बार……..जैसी भक्ति गीतों पर श्रद्धालुओं ने जमकर जयकारा लगाया। वहीं जगदम्बे भवानी मईया तेरा त्रिभुवन में छाया राज है…… आदि भक्ति भजन से पूरा माहौल भक्ति भाव में डूब गया।

दादी जी राणी सती के संगीतमय मंगल पाठ पर मारवाड़ी समाज की महिलाएं श्रद्धा और भक्ति में सराबोर हो रही थी। जैसे-जैसे संगीतमय मंगल पाठ का समय बीतता गया भजन मंडली का रंग भी भक्ति सागर में डूबता गया।

नवादा जिला मुख्यालय स्थित पुरानी जेल रोड में अग्रसेन भवन शक्तिपीठ मंदिर में रविवार को मारवाड़ी समाज के द्वारा राणीसती जी के मंगसीर नवमी पर भव्य मंगल पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें जिले भर के मारवाड़ी समाज के लोग शामिल हुए।

गया से स्मृति मोदी व झारखंड के धनबाद से आशीष सिंघल के मंगल पाठ और उनके भजन मंडली ने भजनोत्सव के दौरान सभी को भक्ति रस में पिरो दिया। कार्यक्रम की शुरूआत कुल माता दादी जी राणी सती जी की अखंड ज्योत व अराधना के साथ शुरू हुआ।

बताया जाता है कि मार्गशिर्ष कृष्णपक्ष नवमी जिसे मंगसीर नवमी कहा जाता है, दादी जी राणी सती का कार्तिक शुक्ल पक्ष नवमी को जन्म हुआ था। इसके बाद मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष नवमी को विवाह हुआ था और इसी दिन दुनिया को विदा कर सती हुई थी।

इसीलिए इस तिथि को मारवाड़ी समाज मंगसीर उत्सव के रूप में हर साल मनाते हैं। मंगल पाठ कार्यक्रम के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। मौके पर नवादा शहर व वारिसलीगंज सहित जिले भर से आये मारवाड़ी समाज के दर्जनों की संख्या में लोग शामिल हुए।

गौरतलब हो कि इस मंगल पाठ के दौरान मेंहदी उत्सव, चुनरी उत्सव, छप्पन भोग सहित दादी जी के श्रृंगार कार्यक्रम व पूजनोत्सव दिनों भर चलता रहा। 



सड़क हादसे में नवादा के चार मजदूरों की मौत पर नवादा विधायक विभा देवी ने जताया दुःख, कहा मौत का जिम्मेवार ठेकेदार व जिला प्रशासन, पढ़ें पूरी खबर 

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मृतक मजदूरों की शव यात्रा में विधायक हुई शामिल, माल ढुलाई वाहन पिकअप मैजिक भान पर 20 से 25 मजदूरों को गोरखपुर के लिए ठेकेदार ले जा रहा था पटना  

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नवादा / सूरज कुमार 

नवादा जिले से अंतर्राज्यीय पलायन का मामला मजदूरों के लिए मौत का निमत्रंण देने जैसा बनते जा रहा है। मजदूरों को मालवाहक वाहनों से भेड़-बकरियां की तरह ठूंस कर ले जाना जहां ठेकेदारों की बर्बरता को दिखाता है, वहीं सरकार की उपेक्षापूर्ण रवैये से इस तरह का अत्याचार बढ़ता ही जा रहा है।

सदर प्रखंड के मुफस्सिल थानांतर्गत गुरम्हा स्टालिन नगर महादलित गांव के चार मजदूरों की सड़क दुर्घटना में मौत इसका ताजा उदाहरण है। नवादा विधायक विभा देवी एवं जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा राजवंशी ने शनिवार को मृतकों के शवयात्रा में शामिल होते हुए उपर्युक्त बयान दिया।

पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद दोनों नेत्रियों ने भावुक होकर ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। खासकर सभी मृतक परिवार को दस-दस लाख रूपये मुआवजा के साथ आश्रितों के परवरिश का जिम्मा उठाने को लेकर सरकार से मांग की है।

विधायक ने कहा कि ईंट भट्ठा पर मजदूरों को बर्बर तरीके से ले जाना न केवल मानवाधिकार का हनन है, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता का भी प्रतीक है। विदित हो कि माल ढुलाई का वाहन पिकप मैजिक भान पर 20 से 25 मजदूरों को बोरे की तरह पटना के लिए रवाना किया गया था,

जहां से ट्रेन पकड़कर गोरखपुर जाना था, परंतु हरनौत के पास ही गाडी दुर्घटनाग्रस्त हो गई और एक छः माह का बच्चा समेत चार लोगों की मौत हो गई। दोनों नेताओं ने इस दुर्घटना के लिए ठेकेदार के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन को भी जिम्मेवार ठहराया है,

क्योंकि मजदूरों को ले जाते समय जानमाल की सुरक्षा का कोई मानदंड तय नहीं किया गया है। नेत्री द्वय ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार के इंसाफ दिलाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी जायगी तथा उसके हक की आवाज उठाई जायगी।

मौके पर नरेशचन्द्र शर्मा, सुरेन्द्र यादव, राजेन्द्र यादव, अजय कुमार, देवकी मांझी, भूषण सिंह, अमित चन्द्रवंशी, मुसो पहलवान तथा भगवत यादव सहित कई स्थानीय नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।

नवादा में बनने वाला 200 बेड के सदर अस्पताल में क्या होगा खास, ऐसे हुआ शिलान्यास, पढ़ें पूरी खबर 

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स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय व नवादा सांसद विवेक ठाकुर ने 200 बेड के अस्पताल का शिल्यानास के साथ जीएनएम एंड पारा मेडिकल शिक्षण संस्थान का किया उद्घाटन

मंत्री ने कहा वर्ष 2005 और वर्ष 2017 के पहले का अस्पताल में आज का अस्पताल का बदल गया है रूवरूप

वर्ष 2017 से 2022 तक स्वास्थ्य विभाग में 38 हजार हुई नियुक्तियां, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में बिहार का हो रहा चाहूंमुखी विकास

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नवादा / सूरज कुमार 

दशकों से जिस नवादा वासियों को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में तारणहार का इंतजार था, आज उस सपना को पूरा होने का नींव पड़ चूका है। गुरूवार को एक साथ स्वास्थ्य विभाग से संबंधित दो-दो संस्थानों का सौगात मिला। बिहार सरकार के कृषि सह स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय तथा नवादा सांसद विवेक ठाकुर ने संयुक्त रूप से 200 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल का वैदिक मंत्रोच्चार  के साथ शिलान्यास किया।

तीन विंग में होगा अस्पताल भवन

शिलान्यास पश्चात मंत्री श्री पांडेय ने बताया कि नवादा जिलान्तर्गत बुधौल में लगभग 5 एकड़ जमीन पर 200 शैय्या का सदर अस्पताल (G+4) का निर्माणकार्य 107.97 करोड़ की लागत से किया जाना है। इस परियोजना की अवधि 21 माह है। इस भवन में मुख्यतः तीन विंग है, जिसमें आईपीडी विंग, ओपीडी विंग तथा इमरजेंसी विंग शामिल है। इस अस्पताल भवन का निर्माण कार्य आईपीएचएस 2022 के दिशा-निर्दश के आधार पर किया जाना है।

जीएनएम एंड पारा मेडिकल संस्थान का हुआ उद्घाटन

इसके अलावा जीएनएम एंड पारा मेडिकल संस्थान का फिता काटकर मंत्री श्री पांडेय तथा सांसद विवेक ठाकुर ने उद्घाटन किया। जीएनएम एंड पारा मेडिकल शिक्षण संस्थान के उद्घाटन पश्चात स्वास्थ्य मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि वर्ष 2005 और वर्ष 2017 के पहले का अस्पताल में आज का अस्पताल का रूवरूप बदल गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से वर्ष 2022 तक स्वास्थ्य विभाग में 38 हजार नियुक्तियां हुई है, जो पहले कभी नहीं हुआ था।

मंत्री ने कहा लड़कियां दक्ष बनकर करेंगी सेवा

मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि इस मेडिकल संस्थान का उद्घाटन करने के बाद यहां लड़कियां प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद दक्ष बनकर लोगों का सेवा करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में बिहार का चहूंमुखी विकास हो रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य हो या फिर रेल हो सभी क्षेत्र में विकास हो रही है। मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि देश आजाद होने के पूर्व नवादा का निर्मित सदर अस्पताल काफी जर्जर हो गया था।

नवादा वासियों के सपना अनुकूल बनेगा अस्पताल

नवादा वासियों के इच्छा और सपना के अनुकूल आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर लगभग 5 एकड़ जमीन पर बनने वाला अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 200 बेड का सदर अस्पताल का स्वास्थ्य मंत्री के नाते शिलान्यास करने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल दो वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। वहीं सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि आज नवादा को एक बड़ी सौगात मिली है। धीरे-धीरे नवादा की तस्वीर बदल रही है।

विकसित भारत क साथ विकसित नवादा का हो रहा सपना साकार

नवादा में एक के बाद एक विकास कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित नवादा का सपना भी अब सरकार होने वाली है। इस ऐतिहासिक पल के मौके पर वारिसलीगंज विधायक अरूणा देवी, नवादा विधायक विभा देवी, हिसुआ विधायक नीतू देवी, विधान पार्षद अशोक कुमार, डीएम रवि प्रकाश, अपर समाहर्ता चन्द्रशेखर आजाद, सदर एसडीओ अखिलेश कुमार, गोपनीय प्रभारी राजीव कुमार, सदर एसडीपीओ-वन हुलास कुमार,

जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल मेहता, जदयू जिलाध्यक्ष मुकेश विधार्थी, हम के जिलाध्यक्ष अशोक मांझी, पूर्व विधायक अनिल सिंह, पूर्व विधायक कन्हैया रजवार, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय कुमार मुन्ना, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रो विजय कुमार सिन्हा, डाॅ पूनम शर्मा, भाजपा नेता अरविन्द कुमार गुप्ता, नन्दकिशोर चौरसिया तथा कौआकोल के जिला पार्षद अजीत यादव सहित एनडीए के नेता एवं जिला स्तरीय कई पदाधिकारी मौजूद थे।

जाने इस अस्पताल भवन की क्या है मुख्य विशेषताएं 

अस्पताल का शिलान्यास करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि इस भवन का लागत 107.97 करोड रूपये, भवन का क्षेत्रफल 261000 वर्ग फीट (G+4), 21 ईमरजेंसी वार्ड, हाईब्रिड आईसीयू एंड एचडीयू का 12 वार्ड, ओबीएस, एचडीयू एंड आईसीयू का 10 वार्ड, एसएनसीयू 16, एनआईसीयू 4, एमएनसीयू 30, डायलीसिस 5, एनआरसी 15, एलडीआर 6, आईपीडी 90, आईसोलेशन वार्ड 8,

प्रिजन वार्ड 4, प्राइवेट वार्ड 5, वर्न वार्ड 6 तथा 8 डे केयर वार्ड शामिल है। इसके अलावा ओपीडी 28, ओटी 5, रेडिओलाॅजी-सीटी स्कैन व एक्स-रे, अल्ट्रा सोनोग्राफी, सीएसएसडी एवं लाॅन्ड्री, ब्लड बैंक व स्कील लैब, डीजी सेट, ट्रांसफार्मर व यूपीएस, एसटीपी, ईटीपी, अंडर ग्राउंड वाटर टैंक, मोर्चरी, बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट, 6 लिफ्ट तथा प्रयोगशाला से यह अस्पताल लैस होगा।

एक माह पूर्व जेल से छूटकर आया किस युवक को जान मारने के नियत से बदमाशों ने पसूली से किया हमला, पढ़ें पूरी खबर 

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जुआ खेलने को लेकर कुछ दिनों पूर्व हुई विवाद में बदला लेने के लिए किया जानलेवा हमला, पसुली से वार के बाद जख्मी युवक सदर अस्पताल में भर्ती, जांच में जुटी पुलिस

Report by Nawada News Xpress 

नवादा / सूरज कुमार 

नवादा में कुछ दिनों पूर्व जुआ खेलने को लेकर हुई विवाद में खार खाये दो बदमाशों ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर जख्मी  कर दिया। ताड़ छेबने वाला धारदार पसुली से प्रहार के बाद गंभीर रूप से जख्मी युवक को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बताया जाता है कि जख्मी युवक एक महीना पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया है, वह डकैती के मामले में जेल गया था। जख्मी युवक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के मिर्जापुर मुहल्ला निवासी जागेश्वर यादव का पुत्र रौशन कुमार उर्फ बिल्ला के रूप में की गई है।

बताया जाता है कि वह अपने दोस्त के साथ मिर्जापुर के कृष्णा गार्डन के मैदान में बैठा था, तभी दो की संख्या में रहे बदमाशों ने पसूली से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया, जिससे वह लहुलूहान होकर वहीं पर गिर पड़ा। यह देख स्थानीय लोगों ने हल्ला किया तो दोनों हमलावर वहां से भाग गया।

सदर अस्पताल में इलाजरत रौशन ने बताया गया है कि मिर्जापुर मुहल्ला निवासी अर्जुन चौधरी का पुत्र गुड्डू चौधरी तथा सुनील चौधरी के द्वारा मेरे उपर हमला किया गया है। उन्होंने बताया कि मेरी हत्या करने के प्रयास से उक्त दोनों ने हमला किया है।

उसने बताया कि कुछ दिनों पूर्व जुआ खेलने को लेकर विवाद हुआ था, इसी को लेकर उक्त दोनों ने इस घटना का अंजाम दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अविनाश कुमार तथा एसआई निरंजन सिंह घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटे हैं।

थानाध्यक्ष ने कहा है कि आवेदन के आधार पर मामले की जांच कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है, जल्द सभी अभ्युक्तों की गिरफ्तारी कर ली जायगी।

चुनाव से पहले नवादा विधानसभा का डॉ अनुज ने कैसे बदल दिया समीकरण, राजनीतिक गलियारे में मची हलचल, पढ़ें पूरी खबर 

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नागरिकों के बीच आयोजित परीचर्चा में सैकड़ों नागरिकों ने नवादा विधानसभा 2025 के लिए समाजसेवी व शिक्षाविद डॉ अनुज के समर्थन में दिखाई एकजुटता, नगर के न्यू एरिया स्थित मॉडर्न स्कूल के सभागार में नागरिकों ने बैठक कर बदलाव का फूंका बिगुल 

Report by Nawada News Xpress 

नवादा / सूरज कुमार 

आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले डॉ अनुज का नवादा विधानसभा से चुनाव लड़ने की घोषणा ने सारा समीकरण ही बदल दिया है। उनकी बढ़ती लोकप्रियता ने राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दिया है। अभी हाल के दिनों में दुर्गा पूजा और दीपावली व छठ पर्व पर आयोजित कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति इस बात को साफ कर दिया कि नवादा विधानसभा में दशकों से चली आ रही समीकरण को जनता के सहयोग से तोड़ दिया जाएगा। इसका एक और पुख्ता उदाहरण दो दिनों पूर्व नवादा नगर के न्यू एरिया स्थित मॉडर्न स्कूल के सभागार में नवादा विधानसभा चुनाव 2025 पर हुई परिचर्चा ने दिया। परिचर्चा का आयोजन नवादा जिला के प्रसिद्ध शिक्षाविद और समाजसेवी डॉ अनुज सिंह के समर्थकों द्वारा की गई थी।

समाजसेवी डॉ अनुज सिंह ने बताया कि यह परिचर्चा नवादा नगर परिषद क्षेत्र के मतदाताओं और बुद्धिजीवियों के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 600 बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षाविद व समाजसेवी एवं मॉडर्न शैक्षणिक समूह नवादा के अध्यक्ष डॉ अनुज सिंह के संबोधन से शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि हमने नवादा जिले के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अब तक जो कार्य किया वह किसी से छिपा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमने नवादा को एक नई ऊंचाई दिया है, जिसमें नवादा जिले के हजारों विद्यार्थी बीएड एवं नर्सिंग का प्रशिक्षण पाकर नौकरी कर रहे हैं और अपना परिवार चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने माडर्न शैक्षणिक समूह के विभिन्न संस्थाओं में हजारों लोगों को रोजगार दिया है। अनेक बच्चे जो गरीब परिवार से हैं उन्हें निशुल्क शिक्षा का अवसर दिया है। 

डॉ अनुज ने कहा नवादा को जाति व धर्म से ऊपर उठकर काम करने वाले की है जरूरत 

अब जरूरत इस बात की है कि नवादा जिले को राजनीतिक रूप से भी परिपक्व बनाया जाए। डॉ अनुज ने कहा कि आज के समय में नवादा को ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ राजनेता की जरूरत है, जो  जाति और धर्म से ऊपर उठकर समाज की सेवा करे। डॉ अनुज सिंह ने बुद्धिजीवों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी को इस पर विचार करना चाहिए और नवादा के लिए योग्य उम्मीदवार का चयन करना चाहिए।

इसके पूर्व उन्होंने बताया कि नारदीगंज और नवादा प्रखंड की बैठक में बुद्धिजीवियों ने एक तरफा मैदान में आने का अनुरोध किया है। नवादा नगर के मतदाताओं के लिए भी आवश्यक है कि वह अपनी राय दें कि हमें क्या करना चाहिए। इसी विषय पर चर्चा का आयोजन किया गया है, इसमें आप सभी अपनी राय ईमानदारी पूर्वक दें। इस कार्यक्रम की शुरुआत और परिचर्चा की अध्यक्षता डॉ अनुज कुमार ने व मंच संचालन अनिल कुमार सिंह ने की। 

वक्ताओं ने कहा नवादा को डॉ अनुज जैसे प्रत्याशी की है जरुरत

कार्यक्रम की शुरुआत में सीताराम साहू कॉलेज नवादा के पूर्व प्राचार्य डॉ अनिल कुमार ने अपनी बातों को रखते हुए कहा कि मैं आज पहली बार अनुज सिंह को सुना और मेरे विचार से ऐसे लोगों को मैदान में आना ही चाहिए और हम सभी को इसका समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय से पहले यह पहली बार मैं देख रहा हूं कि कोई हमसे पूछ रहा है कि कौन उम्मीदवार आपके लिए अच्छा होगा। लोजपा के युवा नेता चंदन सिंह ने कहा कि हमें आगे बढ़कर ईमानदारी पूर्वक डॉ अनुज जैसे व्यक्ति के लिए यह निर्णय लेना होगा और जाति धर्म से ऊपर उठकर समर्थन करना होगा तभी नवादा जिले की राजनीति में परिवर्तन संभव है। 

अल्पसंख्यक समुदाय ने भी डॉ अनुज को समर्थन का दिलाया भरोसा 

भदौनी के मो इकबाल उर्फ छोटा लालू ने भी गीत के माध्यम से अनुज सिंह को मैदान में आने का समर्थन किया और उनसे अनुरोध किया कि आपको मैदान में अवश्य आना चाहिए। हम सभी आपके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार नवादा के लिए एक शिक्षित समाजसेवी चुनाव में आने की बात कर रहे हैं हम सभी को इसका समर्थन करना चाहिए। गोन्दापुर के दिनेश कुमार और न्यू एरिया के अशोक बाबू ने भी इस बात का समर्थन किया कि

हमें जानता के पसंद का उम्मीदवार चाहिए और हम सभी उसी को वोट डालेंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फैयाज अहमद और सफीर खान ने कहा कि यह बहुत आवश्यक है कि साफ सुथरा छवि का व्यक्ति मैदान में आए जो जाति धर्म से ऊपर उठकर नवादा का विकास कार्य करें और इसके लिए डॉ अनुज सिंह ही सक्षम हैं। इनपर नवादा जिले की जनता भरोसा कर सकती है और इन्हें किसी भी कीमत पर हम सभी मिलकर जीता सकते हैं। 

पत्रकारों ने कहा जनता के भरोसा पर खरा उतरने वाले हैं डॉ अनुज 

पत्रकार मनोज कुमार और साकेत बिहारी ने भी कहा कि डॉ अनुज जनता के भरोसा पर खरा उतरने वाले इंसान हैं। जितने लोग आए हैं सभी अगर ईमानदारी पूर्वक इस बात का समर्थन करते हैं तो यह संभव है कि डॉ अनुज की जीत पक्की होगी। वरिष्ठ पत्रकार साकेत बिहारी ने कहा कि मैं अनुज भाई को बहुत दिनों से जानता हूं। मैं विश्वास पूर्वक कह सकता हूं कि जनता इनको धोखा दे सकती है, लेकिन यह जनता को धोखा नहीं दे सकते हैं। इसलिए ऐसे व्यक्ति को अगर मैदान में लाया जाता है तो हमारे नवादा के लिए वरदान सिद्ध होगा। 

प्रबुद्ध नागरिकों ने कहा परिवर्तन की है जरुरत  

मनोज कुमार व हरिमोहन ने कहा कि हम सभी इस बात का समर्थन करते हैं। सीताराम साहू कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ सुभाष चंद्र ने कहा कि डॉ अनुज एक समझदार और अच्छे व्यक्तित्व के इंसान हैं ऐसे लोगों को मैदान में लाना नवादा के हित में होगा। मगघ ग्रामीण बैंक के पूर्व प्रबंधक सुरेंद्र कुमार ने कहा कि चुनाव एक चुनौती है, इस चुनौती को स्वीकार करते हुए हर तरह से इसके लिए तैयार होना होगा, तभी परिवर्तन हो सकता है और परिवर्तन बहुत जरुरी है। कार्यक्रम को सुमन सौरभ, सुनील प्रसाद, उत्तम कुमार, आनंद राज, मनीष कुमार, सत्येंद्र कुमार आदि ने भी संबोधित किया। 

सभी धर्म और समुदाय को लेकर चलने का दिलाया भरोसा 

परिचर्चा के उपरान्त डॉ अनुज सिंह ने कहा कि यदि नवादा की जनता चाहती है तो मैं सेवा करने के लिए तैयार हूं, परंतु सभी का हृदय से साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे मॉडर्न ग्रुप की संस्थाओं को हमने चमकाया है आगे बढ़ाया है, ठीक इसी तरह से नवादा क्षेत्र को शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और कृषि के क्षेत्र में विकास करते हुए हर तरह से नवादा को मजबूती प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं जनता पर अपने को थोपना नहीं चाहता हूं, लेकिन अगर नवादा की जनता हृदय से साथ देना चाहती है और वह चाहती है कि चुनाव के मैदान में आए तो मैं उसके लिए तैयार हूं।

मैं बहुत ईमानदारी पूर्वक नवादा की सेवा करूंगा और नवादा को हर तरह से मजबूत करके सभी वर्ग के लोगों को जाति धर्म से ऊपर उठकर उनकी समस्याओं को सुनकर उसे दूर करने का काम करूंगा। उन्होंने कार्यक्रम में समय निकालकर आने के लिए सभी बड़े बुजुर्ग, माताओं, बहनों सहित 600 की संख्या में आए हुए नवादा नगर के विभिन्न बार्ड के प्रबुद्ध नागरिक एवं मतदाताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया और उनके प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विपिन कुमार, संजय कुमार, महेश कुमार सिंह, दिलीप कुमार, मनोज कुमार, राजेश कुमार, सोनू कुमार, अभय रंजन, सुनील कुमार, संजीत कुमार, अरुण कुमार, नीरज कुमार, विकास कुमार, पारस कुमार, ईश कुमार, विपुल कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

डेढ़ दशक पूर्व नवादा के चर्चित डॉ बीसी शर्मा के अपहरण कर हत्या कांड का अभियुक्त निकला महिला का हत्यारा, पत्नी व पुत्र के साथ ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे, पढ़ें पूरी खबर  

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जमीनी विवाद में एक महिला की हत्या मामले में हुआ गिरफ्तार, नक्सलियों के साथ भी रहा सांठ-गांठ
गिरफ्तार आरोपियों के घर से हत्या में प्रयुक्त फलसा, एक कट्टा, एक देशी थर्नट, तीन खोखा व एक कारतूस भी पुलिस ने किया बरामद
गिरफ्तार मुख्य आरोपी का अपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी पुलिस, डॉ बीसी शर्मा अपहरण हत्या में जा चुका है जेल

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नवादा / सूरज कुमार 

नवादा जिले की पुलिस ने एक ऐसे मामले का उद्भेदन करने में सफलता हासिल की है, जिसका सुराग नवादा के चर्चित डॉ बीसी शर्मा अपहरण हत्या कांड से जुड़ा है। इतना ही नहीं गिरफ्तार मुख्य आरोपी का नक्सलियों से भी पूर्व में सांठ-गांठ रह चुका है। दरअसल जिले के रजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत फरक्का बुजुर्ग स्थित

पहवाचक गांव में कुछ लोगों द्वारा एक महिला को धारदार हथियार से जख्मी कर दिया गया था, जिसकी मौत इलाज के क्रम में हो गई। इस घटना को लेकर पुलिस ने जब तफ्तीश करना शुरू किया तो हत्यारा मुख्य आरोपी पेशेवर अपराधी निकला। जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित उसकी पत्नी और पुत्र को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। 

घर से बरामद हुआ हथियार 

वहीं पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान जब उसके घर की तलाशी लेना शुरू किया तो महिला की हत्या में प्रयुक्त फलसा सहित एक कट्टा, एक देशी थर्नट, तीन खोखा व एक कारतूस भी पुलिस ने बरामद किया। इसको लेकर रविवार को पुलिस कार्यालय के सभागार में रजौली एसडीपीओ गुलशन कुमार ने प्रेसवार्ता कर बताया कि घटना के 24 घंटे के अन्दर महिला हत्या कांड में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि शनिवार 16 नवम्बर 2024 की देर शाम रजौली थाना क्षेत्र के फरका बुजुर्ग अंतर्गत पहवाचक गांव में कुछ लोगों द्वारा स्थानीय निवासी विनोद चौधरी की 45 वर्षीय पत्नी कलावती देवी को धारदार हथियार से जख्मी कर दिया गया, जिसकी मौत इलाज के दौरान सदर अस्पताल में हो गई। उन्होंने बताया कि घटन की सूचना मिलने के बाद पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्क्षण घटनास्थल पर पहुंच आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। 

एफएसएल की टीम द्वारा किया गया साक्ष्य संकलन 

एफएसएल टीम के द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण एवं साक्ष्य संकलित किया गया। मृतक के पति विनोद चौधरी के फर्दबयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। मामले को गम्भीरता से लेते हुए एसपी अभिनव धीमन ने रजौली एसडीपीओ गुलशन कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया। गठित एसआईटी द्वारा आसूचना संकलन कर संलिप्त अभियक्तों की गिरफ्तारी को लेकर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई।

छापेमारी के क्रम में मुख्य अभियुक्त चरित्र यादव का पुत्र उमाशंकर यादव को रजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत गागन खुर्द स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया, वहीं पुलिस द्वारा उसके घर की तलाशी ली गई, तब वहां से हत्या में प्रयुक्त फलसा सहित उक्त हथियार व कारतूस तथा तीन खोखा बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार उमाशंकर की निशानदेही पर उसके ससुराल अकबरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लोहसिंघना गांव से उसकी पत्नी मीना देवी तथा पुत्र अभिषेक यादव को गिरफ्तार किया गया। 

जमीनी विवाद को लेकर दिया घटना को अंजाम 

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार किया एवं अपने स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि उनके और वादी पक्ष के बीच जमीन को लेकर पूर्व से विवाद चला आ रहा है। इस संबंध में अभियुक्त पक्ष के द्वारा न्यायालय में टाइटिल सूट भी किया गया है। घटना के दिन रजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत पहवाचक गांव में वादी पक्ष के लोग खेत में काम कर रहे थे।

शाम के लगभग 3.30 बजे जब अभियुक्त पक्ष मोटर का लाइन देने के लिए खेत में आए तो पूर्व के विवाद को लेकर दोनों पक्ष फिर से उलझ गये। इसी क्रम में अभियुक्त पक्ष द्वारा धारदार हथियार से महिला पर वार कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया, जिसकी मौत इलाज के क्रम में हो गई। एसडीपीओ श्री कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध रजौली थाना में आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

गिरफ्तार उमाशंकर नवादा के चर्चित डॉ बीसी शर्मा के अपहरण कर हत्या मामले में जा चुका है जेल

प्रेसवार्ता के दौरान एसडीपीओ गुलशन कुमार ने बताया कि महिला की हत्या मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी उमाशंकर यादव का अपराधिक इतिहास रह चुका है। लगभग डेढ़ दशक पूर्व नवादा के चचित डॉ बीसी शर्मा के अपहरण कर हत्या करने के मामले में जेल जा चुका है। इसके अलावा उनके विरूद्ध रजौली थाना में कांड संख्या-02/2003 दर्ज है। बताया गया कि उमाशंकर का नक्सली संगठन से भी जुड़े रहने की बात सामने आ रही है, जिसकी जांच पड़ताल की जा रही है।

नवादा में डीएम की अध्यक्षता में ऐसे आयोजित हुआ राष्ट्रीय प्रेस दिवस, जानें मीडिया के बदलते स्वरूप पर क्या हुई चर्चा, पढ़ें पूरी खबर 

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समाहरणालय के सभागार में डीएम ने पत्रकारों को गुलाब का फूल देकर किया सम्मानित, जिले की समस्याओं से डीएम रवि प्रकाश हुए अवगत

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नवादा / सूरज कुमार 

नवादा में शनिवार को समाहरणालय स्थित सभागार में डीएम रवि प्रकाश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत पत्रकारों से परिचय प्राप्त कर तथा स्वागत गीत के साथ किया गया। उन्होंने प्रेस दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन भारतीय प्रेस परिषद के प्रयासों और स्वतंत्र पत्रकारिता के महत्व को भी उजागर करता है।

राष्ट्रीय प्रेस दिवस न सिर्फ पत्रकारिता के योगदान को सम्मानित करता है, बल्कि मीडिया के नैतिक दायित्वों और स्वतंत्रता के महत्व पर विचार करने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह दिन पत्रकारिता के प्रति ईमानदारी, जिम्मेदारी और नैतिक रिपोर्टिंग के प्रति प्रेस की प्रतिबद्धता की याद दिलाता है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस पत्रकारिता की भूमिका को न सिर्फ एक सूचना के माध्यम के रूप में, बल्कि एक सशक्त लोकतंत्र के आधारभूत तत्व के रूप में उजागर करता है। 

पत्रकारों ने जिले की जन समस्याओं से डीएम को कराया अवगत

प्रेस दिवस पर उपस्थित पत्रकारों ने जिले की जन समस्याओं से डीएम को अवगत कराया। पत्रकारों ने कहा कि यह दिन प्रेस की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। मीडिया को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जाना जाता है, जो जनता की राय को आकार देने, विकास को प्रोत्साहन देने और सत्ता को जवाबदेह बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

यह विकास का एक शक्तिशाली उपकरण है और इसके लिए जरूरी है कि प्रेस पूर्वाग्रह से मुक्त होकर काम करे और जनता को सूचित व शिक्षित करने के अपने कर्तव्य को निभाए। मीडिया कर्मियों ने बताया कि ये दिन इसी बात के महत्व को प्रतिपादित करने के लिए समर्पित है। बीते समय में, मीडिया ने लाखों लोगों के हितों की रक्षा करने और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाई है। प्रेस के इस महत्वपूर्ण योगदान को सम्मानित करने के लिए हर साल 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जाता है।

यह दिन समाज में स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस की भूमिका को रेखांकित करता है, जो एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अनिवार्य है। मंच संचालन विजय शंकर पाठक ने किया। मौके पर अपर समाहर्ता चन्द्रशेखर आजाद, प्रभारी डीपीआरओ विवेक केसरी, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी संजय कुमार, गोपनीय प्रभारी राजीव कुमार, सूचना विभाग के सहायक शशि कुमार, डाटा ऑपरेटर रजनी कुमारी तथा कार्यपालक सहायक कमलेश कुमार सहित कई ब्यूरो व पत्रकार मौजूद थे।   

जानें राष्ट्रीय प्रेस दिवस, इतिहास और महत्व

राष्ट्रीय प्रेस दिवस हर साल 16 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन भारत में भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना और प्रेस की स्वतंत्रता को सम्मानित करने के लिए समर्पित है।
साल 1956 में पहले प्रेस आयोग ने पत्रकारिता में नैतिकता और जिम्मेदारी बनाए रखने के लिए एक वैधानिक निकाय स्थापित करने की सिफारिश की थी। इसका उद्देश्य प्रेस समुदाय और समाज के बीच संवाद स्थापित करना और विवादों में मध्यस्थता करना था।

परिणामस्वरूप 4 जुलाई 1966 को भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना हुई। परिषद ने औपचारिक रूप से 16 नवंबर, 1966 से अपना कार्य प्रारंभ किया और इसीलिए इस दिन को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज का दिन स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता के योगदान और आज़ादी के बाद लोकतंत्र की रक्षा में उसकी भूमिका को याद दिलाता है। यह दिन प्रेस को जिम्मेदार, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने का आह्वान करता है।

क्या है राष्ट्रीय प्रेस दिवस का उद्देश्य

राष्ट्रीय प्रेस दिवस स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार प्रेस के महत्व को रेखांकित करता है। लोकतंत्र में मीडिया को “चैथा स्तंभ” माना जाता है, जो जनता को शिक्षित करने, सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने और विभिन्न विचारों को मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्वतंत्र प्रेस सरकार और अन्य संस्थानों को जवाबदेह ठहराकर सार्वजनिक मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।

इस दिन मीडिया से संबंधित चुनौतियों और बदलते स्वरूप पर चर्चा करने के लिए कई स्थानों पर सेमिनार और गोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। पिछले कुछ समय में इन चर्चाओं में फेक न्यूज़, गलत सूचनाएं और सेंसरशिप जैसी समस्याओं से निपटने के उपायों पर भी विचार किया जाता है, साथ ही पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को उनके नैतिक दायित्वों और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के महत्व की याद दिलाई जाती है।

यह दिन न सिर्फ समाज में मीडिया की भूमिका का उत्सव है, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता के साथ आने वाली जिम्मेदारियों पर चिंतन का अवसर भी है। भारतीय प्रेस परिषद और पत्रकारों के योगदान को मान्यता देते हुए, यह दिन एक स्वस्थ और प्रभावी लोकतंत्र में स्वतंत्र प्रेस की अनिवार्यता को सुदृढ़ करता है।

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