शनिवार को करेंगे बैठक, कर सकते हैं निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा
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नवादा / सूरज कुमार
नवादा में चुनावी घमासान ने एक नया करवट ले लिया है, जिसमें प्रदेश राजद महासचिव व बिहार सरकार के पूर्व मंत्री राजबल्लभ प्रसाद के अनुज विनोद यादव ने राजद से टिकट नहीं मिलने पर राजद को अलविदा कह दिया है। राष्ट्रीय राजद अध्यक्ष को सूचना भेजते हुए त्याग पत्र स्वीकार करने का अनुरोध किया है। ऐसा नवादा संसदीय सीट से श्रवण कुशवाहा को प्रत्याशी घोषित किये जाने के कारण हुआ है।
त्याग पत्र देने के साथ ही उन्होंने मतदाताओं के नाम जारी अपील करते हुए कहा कि मेरे प्रिय साथियों, माताओं एवं बहनों, आप सभी को हृदय तल से अभिवादन करता हूं। लोकसभा चुनाव 2024 की चुनावी रणभेरी बजते ही राजनितिक दलों में हलचल बढ़ गई है। टिकट बंटवारे को लेकर शीर्ष नेताओं का नजरिया भी व्यवसायिक हो गया है, जिसमें जनआकांक्षाओं की अनदेखी होना तय है।
मैं विगत तीन वर्षों से नवादा लोकसभा क्षेत्र के इतिहास और भूगोल समझने की कोशिश कर रहा हूं। जनसमस्याओं का अध्ययन करते हुए हमने विकसित नवादा और सुंदर नवादा का रोड मैप तैयार कर लिया है। गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अकलियतों के साथ हमारा रिश्ता प्रगाढ़ हो चुका है, क्योंकि उनके सुख में ढोल बजाने से लेकर दुःख में आंसू बहाने तक की यात्रा हमने मिलजुल कर तय की है।
राष्ट्रीय जनता दल के शीर्ष नेतृत्व ने मेरी जनोपयोगी गतिविधियों की न केवल प्रसंशा की, बल्कि चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित भी किया। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते गए शीर्ष नेतृत्व ने मुझे मुकाबले के लिए ललकारते रहने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
इधर, एक सप्ताह पूर्व ही मुझे टिकट का आश्वासन देते हुए क्षेत्र में जुटे रहने का भारी-भरकम निर्देश दिया गया था, जिसका अनुपालन मैंने किया। आज की तारीख में बूथ लेबल तक मजबूत टीम का गठन हमारी और आप सब की बड़ी उपलब्धि है। नवादा की जनता ने मुझे हर कदम पर साथ दिया और लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए भीतर तक उर्जान्वित किया।
बेसक आज मुझे राजद के सिंबल से वंचित कर धोखा दिया गया हो, परंतु जनता ने मुझे अपना आशीर्वाद दे दिया है। मैं राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश महासचिव सहित सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देते हुए नवादा की जनता की भावनाओं के अनुरुप अगला कदम उठाने की घोषणा करता हूं।
नवादा लोकसभा क्षेत्र के महान प्रबुद्ध जनता से अपील है कि 23 मार्च 2024 को सुबह 11 बजे पथरा इंगलिश गांव में नवादा के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया है, जिसमें नवादा लोकसभा की तमाम जनता सादर आमंत्रित हैं। उन्होंने निवेदन किया कि बैठक में आपका यह सेवक आपके आदेश की प्रतीक्षा करेगा और आगे की रणनीति आपके फैसले के अनुकूल तय की जायगी।
मुखिया ने डीएम को पत्र लिखकर किया जांच की मांग Report by Nawada News Xpress
नवादा / सूरज कुमार
यूं तो जिले में मनरेगा योजना के तहत अधिकांश योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर राशि निकाले जाने की खबरें अखबारों एवं अन्य समाचार चैनलों में लगातार चलती रहती है।
लेकिन, जिले के उग्रवाद प्रभावित मेसकौर प्रखंड के बिजू बिगहा पंचायत रोजगार सेवक ने पंचायत के अनुमति लिए बगैर ही मनरेगा योजना का कार्य कराये बिना मास्टर रॉल बनाकर भुगतान कर राशि का बंदरवांट कर लिया।
आरोप कोई और पंचायत की मुखिया नहीं, बल्कि उसी पंचायत के मुखिया मो शाहिद खान ने अपने ही पंचायत के पंचायत रोजगार सेवक के उपर आरोप लगाते हुए पदाधिकारीयों से जांच की मांग की है।
पिछले कई दिनों से सुर्खियों में है मेसकौर के बीजू बिगहा पंचायत बता दें कि मेसकौर प्रखंड के बीजू बिगहा ग्राम पंचायत राजनीतिक उथल-पुथल के कारण पिछले कई दिनों से सुर्खियों में है। हाल ही में पंचायती राज विभाग के द्वारा वहां के निर्वाचित मुखिया रही सपना देवी को चुनावी नामांकन के दौरान शपथ पत्र में गलत जानकारी देने के कारण उन्हें पद मुक्त कर दिया गया था।
उनके घोर विरोधी रहे वहां के उप मुखिया शाहिद खान को मुखिया का प्रभार सौंप दिया गया था। नए मुखिया बने शाहिद खान के द्वारा पूर्व मुखिया सपना देवी के कार्यकाल में मनरेगा के तहत कराए गए विकास योजनाओं की जांच के दौरान कार्य में काफी गड़बड़ी का आरोप पंचायत रोजगार सेवक बालकिशोर पंकज पर लगाया है।
क्या है आरोप मुखिया शाहिद खान ने पंचायत में कराए गए मनरेगा द्वारा संचालित योजनाओं पर सवाल खड़ा करते हुए पंचायत रोजगार सेवक बालकिशोर पंकज के द्वारा बिना कार्य कराये ही मास्टर रॉल तैयार कराकर अपने खास लोगों को भुगतान कराकर गड़बड़ी करने का आरोप लगया है।
उन्होंने जिलाधिकारी को आवेदन देकर जांच की मांग की है एवं इसमें शामिल अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की मांग की है।
फूड अधिकारी ने कहा संदिग्ध खाद्य पदार्थाे का नमूना संग्रह कर जांच के लिए भेजा जायेगा लैब Report by Nawada News Xpress
नवादा / सूरज कुमार
नवादा जिले में होली पर्व को लेकर मिलावटी खाद्य सामाग्रियों की बिक्री धड़ल्ले से होने की सूचना पर गया प्रमंडल से नवादा पहुंचे फूड अधिकारी मुकेश कश्यप ने कई प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर नमूना संग्रह किया।
उन्होंने बताया कि खाद्य संरक्षा आयुक्त, बिहार, पटना के निर्देशानुसार होली पर्व के मद्देनजर जिले के कादिरगंज एवं गोनावां स्थित तीन खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 21 संदिग्ध खाद्य पदार्थाे का नमूना संग्रह किया गया है।
उन्होंने बताया कि निरंजन प्रसाद के मेसर्स निरंजन किराना स्टोर का निरीक्षण किया गया, जहां से मूंग दाल, मसूर दाल, बेसन एवं सरसों तेल का नमूना संग्रह किया गया।
इसके अलावा शनिचर किराना स्टोर से सत्तु, सरसों तेल, रिफाईन पामोलिन, चाय, हल्दी पाउडर, बेसन, गोल्की, जिरा एवं सोंफ का नमूना संग्रह किया गया।
उन्होंने बताया कि नवलेश कुमार के मेसर्स आरएन ट्रेडर्स का निरीक्षण करते हुए मैंगो माजा, थम्सअप, लिम्का, स्प्राइट, कोका कोला, लीची पेय पदार्थ, किनले पैकेज ड्रिकींग वाटर एवं बिसलेरी पैकेज ड्रिंकींग वाटर का नमूना संग्रह किया गया।
उन्होंने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अग्रतर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि आगे भी होली पर्व तक छापेमारी अभियान जिले में जारी रहेगा।
गौरतलब हो कि होली पर्व को लेकर खाने-पीने के सामानों की बिक्री खूब होती है, ऐसे में चंद रूपयों के लिए कारोबारी आम लोगों के सेहत से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आते हैं, इन्हीं बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए जिले में लगातार मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेचने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है, जिससे वैसे दुकानदारों में हड़कम्प मचा हुआ है।
सीट शेयरिंग में एनडीए से भाजपा व महागठबंधन से राजद के कोटे में गया नवादा की सीट नवादा लोकसभा के लिए चार प्रत्याशियों ने कटाया एनआर रसीद Report by Nawada News Xpress
नवादा / सूरज कुमार
नवादा लोकसभा सीट के लिए एनडीए और महागठबंधन ने सीट शेररिंग तो कर लिया, लेकिन उम्मीदवारों की घोषणा केवल महागबंधन ने ही किया है। वहीं एनडीए के द्वारा नवादा लोकसभा सीट से प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं किये जाने से लोगों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
इधर, 21 मार्च तक नवादा लोकसभा सीट के लिए मात्र चार प्रत्याशियों ने एनआर रसीद कटाया है। एनआर लेने वालों में कादिरगंज के सोनू बिगहा ग्रामीण श्रवण कुमार, सदर प्रखंड अन्तर्गत पथरा इंग्लिष गांव निवासी विनोद यादव, सिरदला प्रखंड के रंजीत कुमार तथा रोह प्रखंड के रामकृपाल शरण शामिल है।
बता दें कि 20 मार्च से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गया है, इसके लिए समाहरणालय में जिला प्रशासन द्वारा पूरी व्यवस्था की गई है। नामांकन प्रक्रिया होली के बाद 28 मार्च तक चलना है। इसके अलावा 30 मार्च को नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा, 2 अप्रैल को नाम वापसी की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। नवादा लोकसभा में पहले चरण में मतदान होना है, जिसको लेकर जिला प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस लिया है।
साथ ही आदर्श आचार संहिता को लेकर संयुक्तादेश भी जारी किया जा चुका है। साथ ही नगर सहित जिले विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर सघन वाहन जांच भी किया जा रहा है। गौरतलब हो कि महागठबंधन से नवादा के लिए श्रवण कुशवाहा को टिकट मिलने की सूचना बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह देखते बन रहा है।
पटना में राजद सुप्रीमो लालू यादव ने जैसे ही नवादा के लिए श्रवण कुशवाहा को सिम्बल दिया, वैसे ही राजद के समर्थकों में होली का उत्साह दुगना हो गया। पार्टी के जिला कार्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक राजद के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को बधाई दिया।
मुखिया से शुरू हुआ श्रवण कुशवाहा का राजनीति कैरियर नवादा लोकसभा सीट से राजद के प्रत्याषी बने श्रवण कुशवाहा का इतिहास काफी जमीनी रहा है। सर्व प्रथम 2001 में उन्होंने मुखिया का चुनाव जीता, इसके बाद से इनका राजनीतिक कैरियर शुरू गया, जो लगातार 2020 तक पति-पत्नी का मुखियागीरि बरकरार रहा। इसके साथ ही श्री कुषवाहा ने वर्ष 2015 व 2020 में नवादा विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे।
वहीं 2022 में राजद से स्थानीय निकाय का एमएलसी चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे। एमएलसी चुनाव हारने के बाद पार्टी व क्षेत्र से लगातार जुड़े रहे, जिसका परिणाम हुआ कि उन्हें नवादा लोकसभा से राजद ने टिकट देकर सम्मानित किया। हालांकि मोदी लहर में श्री कुशवाहा को चुनाव जीतने के लिए काफी मशक्कत करने की जरूरत है। इसके लिए गांव से लेकर शहर तक एड़ी-चोटी एक करना होगा। श्री कुशवाहा की बात करें तो कोरोना काल जैसे महामारी में भी उनका योगदान काफी सराहनीय रहा, जिसे लोग कभी भूला नहीं सकते हैं।
जेल से छूटते ही 55, वर्ष की उम्र में रचाई शादी, अब नई नवेली पत्नी को उतारेंगे चुनाव मैदान में
अशोक महतो ने शादी के बाद राजनीति में कदम रखने का किया एलान, नव विवाहिता मुंगेर से लड़ सकती हैं चुनाव
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नवादा / सूरज कुमार
नवादा जिले में कभी कुख्यात बाहुबली रहे गैंगस्टर अशोक महतो ने दिल्ली की लड़की से शादी रचा ली है। मंगलवार की रात श्री महतो ने कुमारी अनीता के साथ सात फेरा लिया। अब अशोक महतो अपने प्रतिद्वंद्वी रहे अखिलेश सिंह की तरह राजनीति में अपना भाग्य अजमाना चाहते हैं। सूत्रों के अनुसार अशोक महतो ने आरजेडी से इस सीट पर दावा ठोक दिया है और अपनी पत्नी कुमारी अनिता को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला कर लिया है।
अशोक महतो ने कहा था कि मंगलवार को विवाह करेंगे और मंगलवार की देर रात अशोक महतो ने विवाह कर लिया। मंगलवार की रात अचानक लगभग 50 गाड़ियों की काफिला के साथ अशोक महतो दूल्हा बनकर पटना के मां जगदंबा स्थान मंदिर में पहुंचे और शादी रचाई। शादी समारोह में बारात बनाकर उनके चाहने वाले व उनके सहयोगी और परिवार शामिल हुए। अशोक महतो और उनकी पत्नी कुमारी अनिता के परिवार के सदस्य शादी समारोह में शामिल हुए। फिर क्या था दिल्ली की रहने वाली कुमारी अनीता से शादी हो गई।
पटना के करौटा मां जगदंबा स्थान मंदिर में हुई शादी
पटना जिला के सलेमपुर थाना क्षेत्र के करौटा मां जगदंबा स्थान मंदिर में मंगलवार की देर रात 50 गाड़ियों की काफिला के साथ अशोक महतो विवाह रचाने के लिए पहुंचे और देर रात करीब 1 बजे अशोक महतो ने सात फेरा लेकर कुमारी अनिता की मांग में सिंदूर भर दिया । 55 साल की उम्र में अशोक महतो ने अपनी जीवन साथी को चुन लिया है, वह अभी तक कुंवारे ही थे।
कभी जिले के बाहुबली थे अशोक महतो
नवादा के वारिसलीगंज में 1990 की दशक में अखिलेश सिंह व बाहुबली अशोक महतो की तूती बोलती थी। 17 साल बाद जेल से निकलने के बाद लंबा काफिला निकला, समर्थन मिले और जब लोकसभा चुनाव की घोषणा हुई तो अशोक महतो भी चुनाव मैदान में उतर गए।
क्या था आपराधिक इतिहास
बाहुबली अखिलेश सिंह व अशोक महतो गिरोह नवादा, नालन्दा व शेखपुरा जिले में सक्रिय थे। अशोक महतो के गैंग में पिंटू महतो भी शामिल था। अशोक महतो और उसका गिरोह 2005 में मौजूदा संसद सदस्य ( लोकसभा ) राजो सिंह की हत्या के लिए जिम्मेदार था। अशोक महतो को कैद कर लिया गया था, लेकिन 2002 में वह नवादा जेल से भाग गया। जेल से भागने के दौरान पिंटू महतो ने तीन पुलिस अधिकारियों की हत्या कर दी थी।
कहा जाता है कि गिरोह के नेता कुर्मी जाति से थे और उन्हें नालंदा, नवादा और शेखपुरा क्षेत्रों में पिछड़ी जातियों का समर्थन प्राप्त था। 1990 के दशक के अंत में बड़ी संख्या में जाति के लोगों की हत्या के लिए अशोक महतो और उसका गिरोह जिम्मेदार था। अशोक महतो और अखिलेश सिंह के बीच प्रतिद्वंद्विता ने बिहार के नवादा, नालंदा और शेखपुरा जिलों के 100 से अधिक गांवों को प्रभावित किया था।
अशोक महतो को लेकर बना वेब सीरीज खाकी- द बिहार चैप्टर
आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा की किताब पर आधारित वेब सीरीज़, अशोक महतो का नाम पर भी बनाया गया था, हालांकि इस वेब सीरीज का अशोक महतो के समर्थकों ने विरोध भी किया और कहा कि इस सीरीज में कुछ कहानी गलत भी है।
उपेंद्र कुशवाहा ने अशोक महतो के समर्थन में उठाया था आवाज
उपेंद्र कुशवाहा अशोक महतो के बहाने नीतीश कुमार के लव-कुश समीकरण पर निशाना साधने की कोशिश कर रहे हैं। वे यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि कुर्मी जाति के अशोक महतो के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आनंद मोहन को जेल से पेरोल पर रिहा किया जा रहा है तो अशोक महतो को क्यों सलाखों के पीछे बंद रखा गया है।
समर्थकों की जुटी थी भीड़
इधर, पकरीबरावां प्रखंड क्षेत्र के बढ़ौना गांव निवासी अशोक महतो उर्फ साधू जी 17 दिसंबर को भागलपुर कारा से रिहा होने के बाद अपने पैतृक घर बढ़ौना देर शाम को सैकड़ों समर्थकों के साथ पहुंचे थे। तब समर्थकों ने चातर मोड़ और बढ़ौना मोड़ पर उनका जोरदार स्वागत किया था ।
डीएम व एसपी ने जारी किया संयुक्तादेश, सुरक्षा का किया गया चाक-चौबंध
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नवादा / सूरज कुमार
नवादा में लोकसभा आम निर्वाचन-2024 को लेकर 20 मार्च से नाम निर्देशन पत्र प्राप्ति व संवीक्षा एवं अभ्यर्थिता वापसी आदि कार्य निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष समाहरणालय में शुरू हो गया है, जिसको लेकर विधि-व्यवस्था संधारण, आदर्श आचार संहिता का अनुपालन तथा नामांकन के दौरान वाहनों एवं व्यक्तियों की संख्या को नियंत्रित करने आदि के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी आशुतोष कुमार वर्मा एवं एसपी अम्बरीष राहुल के द्वारा संयुक्तादेश जारी किया गया है।
नाम निर्देशन को लेकर चिन्हित स्थलों पर विधि-व्यवस्था का संधारण, भीड़ नियंत्रण, शांति व्यवस्था बनाये रखने एवं आदर्श आचार संहिता का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी प्रतिनियुक्त दंडाधकारियों एवं सशस्त्र बलों को आदेश दिया गया है कि नाम निर्देशन दाखिल करने के लिए निर्धारित अवधि के दो घंटे पूर्व अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर विधि-व्यवस्था तथा कर्त्तव्य संधारण कार्य समाप्ति तक करेंगे।
संयुक्तादेश के तहत क्या-क्या दिया गया आदेश
संयुक्तादेश के तहत विभिन्न निर्देश दिये गए हैं, जिसमें निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय के 100 मीटर की परिधि में नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने वाले अभ्यर्थी के अधिकतम तीन वाहनों के साथ आने की अनुमति दी गयी है। निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष में नाम निर्देशन पत्र दायर करने वाले अभ्यर्थी तथा चार अन्य प्राधिकृत व्यक्ति रह सकते हैं।
कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल के द्वारा निर्धारित स्थलों पर विधि-व्यवस्था संधारण की दृष्टि से बैरिकेटिंग एवं ड्रॉप गेट का निर्माण किया गया है। समाहरणालय परिसर मेंआपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन वाहन तथा चिकित्सा आदि की व्यवस्था की गई है। नाम निर्देशन कार्यक्रम की सम्पूर्ण अवधि में किसी भी परिस्थिति में वारंटी एवं फरारी सूची में शामिल व्यक्ति गिरफ्तारी से नहीं बचे इसके लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नवादा सदर-1, नवादा सदरा-2, पकरीबरावां एवं रजौली को निर्देशित किया गया है।
निर्धारित स्थल पर नामांकण के दौरान वीडियोग्राफी तथा सीसीटीवी की व्यवस्था की गई है। नाम निर्देशन स्थल के 100 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार के सभा, जुलूस तथा नारेबाजी की अनुमति नहीं दी गयी है।
ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग भी निषिद्ध है साथ ही निर्धारित क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी, भाला, गड़ासा, ईंट-पत्थर एवं मानव शरीर के लिए घातक हथियार लेकर जाने पर पूर्णतः रोक है। यातायात एवं विधि-व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए थानाध्यक्ष नगर थाना, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी को निर्देशित किया गया है।
विधि-व्यवस्था संधारण/आदर्श आचार संहिता का अनुपालन कराने/भीड़ प्रबंधन तथा शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के सम्पूर्ण प्रभार में सदर एसडीओ अखिलेश कुमार तथा एसडीपीओ सदर अनोज कुमार रहेंगे। विधि-व्यवस्था एवं अनुसांगिक कार्यार्थ के वरीय प्रभार में एडीएम चन्द्रशेखर आजाद एवं डीएसपी मुख्यालय इमरान परवेज रहेंगे।
चुनावी और भौगोलिक दृष्टिकोण से नवादा है महत्वपूर्ण वारिसलीगंज का बंद चीनी मील फिर बनेगा चुनावी मुद्दा एनडीए की लगातार जीत से हाइट्रिक का लोग लगा रहे कयास प्रत्याशियों से नवादा वासी कई सवाल पूछने को हैं तैयार
Report by Nawada News Xpress नवादा / सूरज कुमार
भारतीय मानचित्र पर झारखंड से सटे 39-नवादा लोकसभा का अपना एक अलग ही पहचान है। औद्योगिक क्षेत्र में नवादा जिला कभी चीनी मिल के रूप में जाना जाता था, अब उद्योग विहीन हो गया है। नवादा जिले के वारिसलीगंज में चीनी मिल होने के कारण नवादा हीं नहीं बल्कि शेखपुरा, जमुई तथा गया के अलावा नालंदा जिले के किसनों का मुख्य आमदनी का स्रोत ईख की खेती हुआ करता था, जो नवादा के लिये गर्व हुआ करता था, लेकिन धीरे-धीरे समय के काल सब कुछ बदल दिया और जिले का एक मात्र उ़द्योग चीनी मिल बंद हो गया। फिलवक्त बंद चीनी मिल की जमीन को वियाडा ने अडानी ग्रुप को लीज पर दे दिया है, जहां सिमेंट फैक्ट्री बनाने की प्रक्रिया चल रही है। यह जिला सकरी, खुरी, तिलैया तथा धनार्जय नदी से घिरा हुआ है, बावजूद इस जिले के किसान सुखाड़ का दंश झेलने को मजबूर हैं। यही वजह है कि यहां के मजदूरों व नौवजवानों का पलायन प्रमुख समस्या बन चुकी है। पिछले दो दषक से बंद चीनी मील चालू करने के नाम पर हर बार चुनावी मुद्दा बनाकर नवादा की जनता को ठगने का काम किया जाता रहा है। आने वाले उम्मीदवारों से यहां की जनता कई सवाल पूछने को तैयार हैं।
नवादा लोकसभा में छह विधानसभा है शामिल, 17 लाख 69 हजार 796 मतदाता चुनेंगे सांसद नवादा लोकसभा में 15 मार्च 2024 तक कुल मतदाताओं की संख्या-17 लाख 69 हजार 796 है, जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या-9 लाख 20 हजार 190, महिला मतदाताओं की संख्या-8 लाख 49 हजार 457 तथा थर्ड जेंडर की संख्या-149 है। विधानसभा के अनुसार 235, रजौली सुरक्षित विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या-3 लाख 70 हजार 30 है, जिसमें पुरूष मतादाताओं की संख्या-एक लाख 74 हजार 535, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या-एक लाख 62 हजार 476 तथा थर्ड जेंडर की संख्या-19 है। 236-हिसुआ विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या-3 लाख 85 हजार 874 है, जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या-2 लाख 10 हजार 3 तथा महिला मतदाताओं की संख्या- 1 लाख 84 हजार 822 तथा थर्ड जेंडर 49 है। 237-नवादा विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या-3 लाख 63 हजार 599 है, जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या- 1 लाख 88 हजार 757 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या- 1 लाख 74 हजार 828 तथा थर्ड जेंडर 14 है।
238-गोविंदपुर विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या-3 लाख 24 हजार 822 है, जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या- 1 लाख 68 हजार 984 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या- 1 लाख 55 हजार 804 तथा थर्ड जेंडर 34 है। 239-वारिसलीगंज विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या-3 लाख 58 हजार 471 है, जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या- 1 लाख 86 हजार 911 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या- 1 लाख 71 हजार 527 तथा थर्ड जेंडर 33 है। वहीं नवादा लोकसभा का हिस्सा में रहे षेखपुरा जिले के बरबीघा विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या-4 लाख 97 हजार 808 है, जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या- 2 लाख 60 हजार 205 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या-2 लाख 37 हजार 601 तथा थर्ड जेंडर की संख्या-मात्र 2 है।
नवादा में पहली बार 1996 में भाजपा ने जीता था चुनाव पहली बार इस सीट पर 1996 में बीजेपी ने चुनाव जीता. इस चुनाव में बीजेपी ने कामेष्वर पासवान को टिकट दिया था और वह जीते भी थे। 1998 के चुनाव को राजद प्रत्याशी मालती देवी ने जीता था। 2004 में राजद के वीरचंद्र पासवान ने यहां से चुनाव जीता था। 2009 में बीजेपी ने वापसी की और जीत हासिल कर भोला सिंह सांसद चुने गये। इसके बाद 2014 के चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी गिरिराज सिंह विजयी हुए। हालांकि, 2019 के चुनाव में एनडीए ने सहयोगी दल लोजपा को यह सीट दे दी थी, जिस पर चुनाव लड़ते हुए चन्दन सिंह ने जीत हासिल किया। 2019 में लोजपा के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए चंदन सिंह ने 495,684 वोट हासिल किए थे। विभा देवी को आरजेडी ने चुनावी मैदान में उतारा था, इन्हें 347,612 मत प्राप्त हुए थे।
जानें चुनावी इतिहास नवादा सीट पर कांग्रेस और बीजेपी का दबदबा देखने को मिलता है। 1952 से लेकर 1962 तक जितने भी चुनाव हुए सभी में कांग्रेस प्रत्याशी ने ही परचम लहराया। हालांकि, कांग्रेस के जीत के सिलसिले को 1967 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी सूर्य प्रकाश पुरी ने रोक दिया था। इस चुनाव में सूर्य प्रकाश पुरी विजयी रहे। हालांकि, जब 1971 का चुनाव हुआ तो कांग्रेस ने दमदार वापसी करते हुए फिर से जीत हासिल की। उस समय कांग्रेस के टिकट पर सुखदेव प्रसाद वर्मा चुनाव जीते थे। 1977 में जब इस सीट पर लोकसभा चुनाव हुआ तो भारतीय लोक दल ने नथुनी राम को टिकट दिया औऱ नथुनी राम चुनाव जीत गए, लेकिन कांग्रेस ने 1980 के चुनाव वापसी करते हुए फिर एकबार जीत हासिल की। कांग्रेस के कुंवर राम ने यह चुनाव जीता था। इसके साथ ही वर्ष 1984 में भी कुंवर राम ने ही जीत हासिल की। 1989 के चुनाव में समीकरण बदल गया औऱ जनता ने सीपीआई (एम) के प्रेम प्रदीप को जीत का सेहरा पहना दिया।
1991 में जीत का सिलसिला बरकरार रखते हुए फिर से सीपीआई (एम) के प्रत्याशी प्रेमचंद राम ने जीत हासिल किया। इसके बाद 1996 में भाजपा के कामेष्वर पासवान ने जीत हासिल कर समिकरण ही बदल दिया। 1998 में मालती देवी ने राजद से चुनाव जीती, परंतु इसके ठीक एक साल बाद मालती देवी के निधन उपरांत 1999 में उपचुनाव हुआ, जिसमें भाजपा के संजय पासवान ने जीत का परचम लहराया। वहीं 2004 में राजद के वीरचंद पासवान ने जीत हासिल किया। इसके बाद से भाजपा ने फिर किसी पार्टी को जीतने का मौका नहीं दिया, जिसमें 2009 में भाजपा के भोला सिंह और 2014 में भाजपा के गिरिराज सिंह ने जीत का सिलसिला बरकरार रखा। इसके साथ ही 2019 में भाजपा समर्थित दल लोजपा के खाते में नवादा सीट चले जाने के बाद यहां से लोजपा के चंदन सिंह ने जीत का कारवां जारी रखा।
भौगोलिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है नवादा नवादा लोकसभा क्षेत्र की बात करें तो यह भौगोलिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। यहां पर ककोलत का शीतल जल प्रपात है, जहां गर्मी के दिनों में पहाड़ और झरना देखने के साथ शीतल जल प्रपात में स्नान करने के लिए सैलानी दूर-दूर से आते हैं। पौराणिक काथाओं के अनुसार इस जल प्रपात में महाभारत काल की गाथाएं जुड़ी है, जहां पांडव निवास किये थे। यहां इन्द्रासाल गुफा भी है। ऐसी मान्यता है कि इस गुफा में गौतम बुद्ध आए थे। इस गुफा में गौतम बुद्ध ने निवास किया था। ऐसा कहा जाता है कि यहां देव राज इन्द्र भी आए थे। वहीं दूसरी ओर नवादा के हंडिया गांव में सूर्य नारायण धाम, जो विभिन्न प्राचीन सूर्य धामों में एक माना जाता है, यह मंदिर सालों से आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां द्वापर कालीन युग की गाथा जुड़ा है। महाभारत काल के महाराजा जरासंध की पुत्री भगवान सूर्य को जलार्पित किया करती थी। यहां के तालाब में स्नान मात्र से ही सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और चर्म रोग से भी मुक्ति मिलती है। यहां पर बुधौली मठ, सेखोदेवरा आश्रम और श्री गुनावां जी तीर्थ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
लोकसभा से जीतने वाले प्रत्याशियों की सूची 1952 में ब्रजेष्वर प्रसाद- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1957 में सत्यभामा देवी- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1962 में राम धनी दास- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1967 में सूर्य प्रकाश पुरी- निर्दलीय 1971 में सुखदेव प्रसाद वर्मा- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1977 में नथुनी राम- जनता पार्टी 1980 व 1984 में कुंवर राम- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1989 में प्रेम प्रदीप- सीपीआई (एम) 1991 में प्रेम चंद राम- सीपीआई (एम) 1996 में कामेष्वर पासवान- भारतीय जनता पार्टी 1998 में मालती देवी- राष्ट्रीय जनता दल 1999 में संजय पासवान- भारतीय जनता पार्टी 2004 में वीरचंद्र पासवान- राष्ट्रीय जनता दल 2009 में भोला सिंह- भारतीय जनता पार्टी 2014 में गिरिराज सिंह- भारतीय जनता पार्टी 2019 में चंदन सिंह- लोक जन शक्ति पार्टी
कौआकोल थाना क्षेत्र में हुए बलात्कार की घटना का 8 घंटे के अंदर उद्भेदन, सभी अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
Report by Nawada News Xpress
नवादा / सूरज कुमार
अभी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आठ ही हुआ कि एक नाबालिग युवती को हवस के दरिंदों ने अपना शिकार बना लिया। मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दिया है। दरअसल यह मामला कौआकोल थाना क्षेत्र की है, जहां शनिवार को एक गांव में नाबालिग युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई, जिसका प्राथमिकी स्थानीय थाना में पीड़िता के द्वारा दर्ज कराया गया। जिसके बाद पुलिस ने इस घटना का त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 8 घंटे में ही सभी बालात्कारियों को गिरफ्तार करने में सफलता पायी।
बताया जाता है कि उक्त घटना की सूचना वरीय पदाधिकारी को दी गई। घटना को संज्ञान लेते हुए कौआकोल थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने परिक्ष्यमान पुअनि स्नेहा कुमारी की नेतृत्व में एक स्पेशल टीम गठित किया तथा 18 मार्च को कौआकोल थाना में कांड सख्या-100/24 दर्ज किया गया, जिसमें धारा-376/34 भादवि एवं 4/6 पोक्सो एक्ट एवं 3(1) (r) (s)/3(2)(v) Sc/St एक्ट के तहत कांड का अनुसंधान परिक्ष्यमान पुअनि स्नेहा कुमारी को सौंपा गया। कौआकोल थानाध्यक्ष के नेतृत्व में परिक्ष्मान पुअनि स्नेहा कुमारी ने घटनास्थल की निरीक्षण से लेकर छापेमारी तक का सारा कार्यभार बड़ी तत्परता से करते हुए बलात्कार के सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी मात्र 8 घंटे के अंदर कर ली गयी।
क्या है पूरा मामला
इस कांड को लेकर दर्ज बयान में पुलिस को बताया गया कि 16 मार्च 2024 की शाम करीब 4 बजे संध्या में उनकी बेटी रोशनी (बदला हुआ नाम) उम्र 15 वर्ष उनके गांव के ही विनोद मालाकार के घर पर मजदूरी का बकाया रूपया मांगने गयी थी, जहां पर विनोद मालाकार का बेटा रौशन कुमार मिला, जिससे उनकी बेटी मजदूरी का पैसा मांगी तो रौशन कुमार बोला की पापा बाहर गये हैं, कुछ देर बैठो पापा आयेगें तो पैसा दे देंगे।
एक डेढ़ घंटा बीतने के बाद भी उसके पापा नहीं आये, तब रौशन कुमार बोला की पापा मंदरा रोड में खेत में काम करने गये हैं, वहीं चलो तुमको रूपया दिलवा देंगे। तब मेरी बेटी जाने के लिए तैयार हो गई, जिसके बाद रौशन कुमार के घर के पीछे 200 मीटर की दुरी पर राहड़ लगा हुआ खेत के बीच में ले जाकर रौशन कुमार मेरे साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
जिसके बाद रौशन कुमार एक टेम्पु मंगवाया जिसपर गांव का ही पाली निवासी जयप्रकाश मालाकार का पुत्र सूरज कुमार टेम्पो पर बैठा था। टेम्पो को पाली गांव निवासी यदु राम का पुत्र विनय राम चला रहा था। वहां से रौशन कुमार कहीं चला गया और फिर सूरज कुमार पीड़िता को ऑटो ड्राइवर के साथ मलाही गांव और मलाही पहाड़ के बीच में शिव जी के मंदिर के पास ले गया, जहां से फिर सूरज कुमार रास्ते में ऑटो से कदहर मोड़ के आगे कौआकोल कचना मोड़ स्थित मुख्य सड़क से सटा हुआ गेहूं का खेत है।
उसी खेत में ले जाकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। जिसके बाद पीड़िता रोने लगी तब दोनों सूरज और विनय पीड़िता को उसके घर के सामने छोड़कर फरार हो गया। उसके बाद पीड़िता अपने घर गई, लेकिन डरी-सहमी पीड़िता ने उस दिन अपने घर में किसी को कुछ नहीं बताई, अगले दिन अपनी मां चानो देवी को सारी बात बताई, तब मेरी मम्मी पूछने के लिए विनोद मालाकार के घर गई, जहां पर विनोद मालाकार जाति सूचक अपशब्द का इस्तेमाल कर गाली दिया और वहां से भगा दिया।
जिसके बाद पीड़िता के घरवाले 18 मार्च 2024 को सुबह में थाना पहुंच न्याय की गुहार लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराया। इस मामले में पुलिस ने विनोद मालाकार का पुत्र रौशन कुमार, जयप्रकाश मालाकार का पुत्र सूरज कुमार, यदु राम का पुत्र विनय राम तथा राजेन्द्र मालाकार का पुत्र विनोद मालाकार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
नवादा लोकसभा में भाजपा कोटा मिलने के बाद कौन होगा उम्मीदवार, चर्चा का बाजार गरम एनडीए गठबंधन में पिछले लोकसभा से नवादा को लोजपा आर ने सम्भाला था कमान गृह मंत्री अमित शाह द्वारा हिसुआ सभा में किया गया घोषणा हुआ पूरा भाजपा के खाते में नवादा सीट जाने के बाद बाहरी व लोकल उम्मीदवारों पर लोग करने लगे जोड़-घटाव Report by Nawada News Xpress
नवादा / सूरज कुमार
लोकसभा चुनाव का बिगुल फुंकाते ही सीट शेयरिंग का मामला एनडीए ने साफ कर दिया है। नवादा लोकसभा सीट से जहां लोगों में लोजपा आर की चर्चा जोरों पर थी, अब भाजपा के खाते में नवादा सीट चले जाने के बाद लोगों में प्रत्याशियों की चर्चा गरमा गई है। सोमवार को दोपहर बाद जैसे ही नवादा लोकसभा सीट भाजपा के खाते में जाने की बात आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर देखते बन रहा है। वहीं उम्मीदवारी पर भी चर्चा जोरों पर है।
इसबार नवादा का बेटा उम्मीदवार होगा या बाहरी उम्मीदवार को नवादा से टिकट दिया जायेगा, इसका असमंजस अभी भी बरकरार है। वैसे भाजपा की बात करें तो नवादा लोकसभा सीट से पहला नाम राज्य सभा सांसद विवेक ठाकुर का आ रहा है, जबकि सीट के लिए हिसुआ के पूर्व विधायक अनिल सिंह तथा वारिसलीगंज विधायक अरूणा देवी भी दौड़ में शामिल हैं। गौरतलब हो कि नवादा लोकसभा सीट पर पिछले तीन चुनाव से लगातार एनडीए का कब्जा कायम है। नवादा में जातिगत समीकरण ज्यादा मायने रखता है। परिसिमन से पहले नवादा लोकसभा सीट एससी आरक्षित सीट हुआ करता था, लेकिन 2009 चुनाव से पहले इसे सामान्य सीट में बदल दिया गया।
वर्ष 2009 और 2014 में यहां भाजपा ने कब्जा जमाया। इसके बाद 2019 में भाजपा ने गठबंधन के सहयोगी पार्टी लोक जनषक्ति पार्टी को यह सीट दे दिया, जिसमें अभी राष्ट्रीय लोक जनषक्ति पार्टी के चंदन सिंह सांसद हैं। वहीं राजद की बात करें तो पिछले तीन चुनाव से हार का सामना करना पड़ रहा है। इसबार जिस तरह से मोदी लहर चला हुआ है और नवादा के खाते में भाजपा ने सीट ले लिया उससे 2024 का चुनाव जीतना महागठबंधन के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। गौरतलब हो कि नवादा के हिसुआ में पिछले साल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बात को साफ कर दिया था कि 2024 लोकसभा चुनाव में नवादा सीट से भाजपा चुनाव लड़ेगी, वह घोषण सच साबित हुआ।
नवादा लोकसभा सीट पर जातिगत समीकरण रहा हावी नवादा लोकसभा सीट की बात करें तो यहां हमेषा से जातिगत समीकरण हावी रहा है। इस सीट पर यादव और भूमिहार वोट किसी भी पार्टी की जीत-हार में निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। हालांकि, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और महादलित वोटरों की संख्या भी कम नहीं है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में ब्राह्मण और मुस्लिम वोटरों का दबदबा है। बता दें कि सभी पार्टियां जातिगत समीकरणों के आधार पर ही नवादा में अपनी रणनीति तैयार करते हैं।
2019 के चुनाव में लोजपा के चंदन सिंह ने एनडीए को दिलाया था जीत लोकसभा चुनाव 2019 में यह सीट एनडीए गठबंधन के सहयोगी पार्टी लोजपा के खाते में चला गया। लोजपा ने चंदन सिंह को यहां से टिकट दिया और उन्होंने आरजेडी की विभा देवी को करीब 1.48 लाख वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज किया था। हालांकि 2020 में लोजपा में टूट हो गई और चंदन सिंह केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस के गुट वाली पार्टी रालोजपा में चले गए।
2014 में गिरिराज सिंह ने बीजेपी जीत का लहराया था परचम लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी लहर के दौरान बीजेपी ने गिरिराज सिंह को नवादा से टिकट दिया था। गिरिराज ने आरजेडी और जेडीयू को बुरी तरह से मात देते हुए करीब 1.40 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज किया था। इस चुनाव परिणाम में राजद के राजबल्लभ प्रसाद दूसरे स्थान पर और जदयू के कौशल यादव तीसरे स्थान पर रहे। इससे पहले 2009 में भाजपा के स्व भोला सिंह भी सांसद बने थे। वैसे इसबार फिर से गिरिराज सिंह को उम्मीदवारी मिलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
नवादा में एनडीए और महागठबंधन की सीधा मुकाबला होने के दिख रहे आसार लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर नवादा में सभी दलों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर ली हैं। इस सीट पर महागठबंधन और एनडीए उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला होने के आसार दिख रहे हैं। वहीं, पिछले कुछ चुनावों के परिणाम पर नजर डालें तो बीजेपी भी इस क्षेत्र में मजबूत स्थिति में रही है। ऐसे में बीजेपी को नवादा सीट मिलने के बाद भाजपा समर्थकों में काफी उम्मीदें जगी है। दूसरी ओर महागठबंधन से आरजेडी की दावेदारी इस सीट से मजबूत दिख रही है। हालांकि, अभी न तो एनडीए यानि भाजपा ने उम्मीदवारों की घोषणा की है और ना ही महागठबंधन ने सीट शेयरिंग का पत्ता खोला है। फिलवक्त नवादा में चुनाव दिलचस्प होने वाली है, लोगों को बेसर्बी से उम्मीदवारों की घोषणा का इंतजार है।
नवादा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में लोकल प्रत्याषी की मांग भी गहराया हर पार्टी के लिए कई नेता कर रहे दावेदारी, सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अभी तक नहीं खोला उम्मीदवारों का पिटारा Report by Nawada News Xpress
नवादा / सूरज कुमार
इस वीडियो में देखें लोकल प्रत्याशी को लेकर क्या कहते हैं लोग
मुख्य चुनाव आयोग आयुक्त राजीव कुमार ने शनिवार को लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों की घोषणा कर दी है। यह चुनाव सात चरणों में आयोजित किया जाना है। प्रत्येक चरण अलग-अलग तारीखों पर होगी, जो 19 अप्रैल, 2024 से शुरू होकर 1 जून, 2024 को अंतिम चरण के साथ समाप्त होगा।
मुख्य चुनाव अयोग ने शनिवार को आगामी लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करते हुए चुनाव 7 चरणों में चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून सम्पन्न होने की बात कही, जिसका परिणाम 4 जून को घोषित किया जायेगा। इस चुनाव में देशभर के मतदाताओं को वोट डालने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
यह चुनाव भारत की संसद के निचले सदन लोकसभा की संरचना का निर्धारण करेगा। यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक आवश्यक प्रक्रिया है, जहां नागरिक अपने प्रतिनिधियों को चुनने के अधिकार का प्रयोग करते हैं। जैसे ही लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों की घोषणा की गई वैसे ही नवादा संसदीय क्षेत्र में उम्मीदवारी के लिए लोग पटना से लेकर दिल्ली दरबार तक एड़ी-चोटी एक करने में जुट गये हैं।
वहीं चुनाव आयोग ने यह साफ कर दिया है कि बाहुबल, धन प्रभाव, गलत जानकारी फैलाना और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन जैसे मुद्दों पर काम करने वालों तथा निष्पक्ष चुनाव को प्रभावित करने वालों पर पैनी नजर रखी जायेगी। मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 16 जून को समाप्त हो रहा है और उससे पहले नए सदन का गठन होना है।
गौरतलब हो कि एनडीए से लोजपा के पारस खेमे से वर्तमान सांसद चंदन सिंह, लोजपा आर से जहानाबाद के पूर्व सांसद डॉ अरूण कुमार, भोजपुरी फिल्मी कलाकार गुंजन सिंह तथा डॉ अनुज सिंह के अलावा भाजपा से हिसुआ के पूर्व विधायक अनिल सिंह, वारिसलीगंज विधायक अरूणा देवी तथा राज्य सभा सांसद विवेक ठाकुर टिकट के लिए दौड़ लगाने में जुटे हैं।
वहीं महागठबंधन के राजद से नवादा विधायक विभा देवी, राजद प्रदेश महासचिव भाई विनोद यादव तथा श्रवण कुशवाहा के अलावा कांग्रेस से हिसुआ विधायक नितू सिंह व विकास सिंह पटना से दिल्ली तक टिकट के लिए दौड़ लगाने में जुटे हैं। चर्चा यह भी है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह अपने पुत्र के लिए टिकट के जुगाड़ में लगे हैं।
फिलवक्त नवादा संसदीय क्षेत्र से जो लोग भी दावेदारी कर रहे हैं, जब तक पार्टी सीट शेयरिंग का खुलासा नहीं करती है, तब तक उहापोह की स्थिति बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर नवादा संसदीय क्षेत्र में एक नया मामला सामने उभर कर आ रहा है कि लोकल प्रत्याशी को टिकट दिया जाय। ऐसे में पार्टी आलाकमान किसे अपना उम्मीदवार बनाती है, इसपर सबकी निगाहें टिकी है।