दोहरे हत्या कांड के किस अभियुक्त को मिली आजीवन कारावास व अर्थ दंड की सजा, पढ़ें पूरी खबर

मां-बेटे की हुई थी हत्या, 9 वर्ष के बाद आया अदालत का फैसला

Report by Nawada News Xpress

नवादा / सूरज कुमार

नवादा के व्यवहार न्यायालय में दोहरे हत्या कांड के एक अभियुक्त को आजीवन कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जिला अंतर्गत कौआकोल थाना क्षेत्र के रूस्तमपुर निवासी सुरेन्द्र सिंह को यह सजा सुनाई गई। व्यवहार न्यायालय के द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने गरूवार को यह सजा सुनाया। सजा सुनाने के बाद अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा में मंडल कारा भेज दिया गया।

जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक मो मिसवाह रसूल ने बताया कि मामला कौआकोल थाना कांड संख्या-49/14 से सम्बंधित है तथा घटना 22 अप्रैल 2014 के शाम की है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार उक्त गांव निवासी तारा देवी एवं उसके पुत्र गोपाल सिंह शादी का सामान खरीदने के लिये कौआकोल बाजार गये थे।

वापस गांव लौटने के समय जब दोनों लोग करमाटांड़ से आगे बड़का फौल के समीप पहुंचे, तब पूर्व से घात लगाये सुरेन्द्र सिंह एवं उनके साथ रहे अन्य लोगों ने मां एवं बेटे को गोली मार दिया, जिससे दोनों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। मृतक तारा देवी के पुत्र रामायण सिंह भी अपने भाई का इलाज कराकर लौट रहे थे, जिन्होंने कांड के अभियुक्तों को घटनास्थल से भागते देखा था।

इस घटना को लेकर रामायण सिंह के द्वारा स्थानीय थाना में कांड दर्ज कराया गया था। अपर लोक अभियोजक ने पुलिस द्वारा चिन्हित गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराया। गवाहों के द्वारा अदालत में दिये गये बयान के अवलोकन के बाद न्यायाधीश ने कांड के नामजद अभियुक्त सुरेन्द्र सिंह को आजीवन कारावास तथा 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

इसके अलावा शस्त्र अधिनियम के तहत 4 वर्ष का कारावास व दो हजार रूपये अर्थदंड की सजा, भादवि की धारा 147 के तहत दो वर्ष का कारावास, एक हजार रूपये अर्थदंड व धारा 148 के तहत 3 वर्ष का कारावास व 2 हजार रूपये अर्थ दंड की सजा सुनाई। अपर लोक अभियोजक के अनुसार कांड के अन्य अभियुक्त बीरेन्द्र सिंह व श्रीकांत सिंह को न्यायालय के द्वारा पूर्व में सजा सुनाई जा चुकी है। वहीं कांड के अभियुक्त रंजीत सिंह, मुरलीधर सिंह तथा मनोज सिंह को पूर्व में अन्य अदालत के द्वारा साक्ष्य के अभाव में रिहा किया जा चुका है।

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